हर साल डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की थी बात, फिर क्या हुआ जो सड़क पर उतरना पड़ा?

Atul Dwivedi | Sept 08, 2026, 19:37 IST
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मध्यप्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का धरना दूसरे दिन भी जारी है। स्टाइपेंड हर साल बढ़ाने का आदेश था, लेकिन पालन नहीं हुआ। अब डॉक्टर 30 हजार रुपए स्टाइपेंड की मांग कर रहे हैं।

मध्यप्रदेश में इन दिनों मरीजों को बड़ी समस्या हो रही है। समस्या की वजह है प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का धरना प्रदर्शन। मंगलवार 8 सितंबर को दूसरे दिन भी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर, इंटर्न डॉक्टरों का धरना जारी है। इस बीच सवाल उठ रहे हैं कि जब हर साल, स्टाइपेंड बढ़ाने की बात कही गई थी। तो फिर उस नियम का पालन क्यों नहीं किया गया ?



हर साल बढ़ना था स्टाइपेंड

बता दें कि मध्यप्रदेश सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग के आदेश के मुताबिक, डॉक्टर्स के स्टाइपेंड में हर साल बढ़ोतरी की बात कही गई थी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसके लिए 5 अक्टूबर 2018 को आदेश जारी किया था। आदेश में साफ लिखा था कि स्टाइपेंड में हर साल वृद्धि साल के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित रहेगी।



विभाग ने ये भी कहा था कि ये वृद्धि 1 अप्रैल 2022 से लागू की जाएगी। जिनके स्टाइपेंड को बढ़ाने की बात चिकित्सा शिक्षा विभाग ने की थी, उनमें डिप्लोमा, पीजी फर्स्ट ईयर छात्रों से लेकर, इंटर्न, सीनियर रेसीडेंट और जूनियर रेसीडेंट तक शामिल थे।



आरोप लग रहे हैं कि साल 2025-26 की वार्षिक वृद्धि का आदेश 01 अप्रैल 2025 से प्रभावी होना था। लेकिन विभाग ने इसे निर्धारित वक्त पर जारी नहीं किया। आरोप है कि स्टाइपेंड बढ़ाने का आदेश एक साल की देरी से जारी किया गया। जबकि इंटर्न डॉक्टरों को बढ़ा हुआ स्टाइपेंड पिछले साल ही मिल जाना था।



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जून 2025 में भी उठी थी मांग

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर, जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन मध्यप्रदेश ने, जून 2025 में ही डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल को लैटर लिखा था। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने आरोप लगाया था कि जूनियर डॉक्टरों के मानदेय में हर साल वृद्धि की व्यवस्था की गई थी। लेकिन उस आदेश का पालन नहीं किया गया। जिसकी वजह से जूनियर डॉक्टरों को आर्थिक और मानसिक असुविधा का सामना करना पड़ा।



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CPI से होनी थी वृद्धि

CPI (Consumer Price Index) यानी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की बात कही गई थी। जून 2021 में इंटर्न का स्टाइपेंड 10 हजार से बढ़ाकर 12 हजार करने का आदेश जारी हुआ था। इसके बाद 13 मार्च 2026 को इन इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड 14 हजार 337 रुपए करने की बात कही गई। लेकिन ये इंटर्न डॉक्टर 30 हजार स्टाइपेंड करने की मांग कर रहे हैं।



क्या होता है CPI ?

सीपीआई को आम बोलचाल की भाषा में महंगाई दर यानी (Inflation Rate) मापने का पैमाना कह सकते हैं। यह एक ऐसा इंडेक्स है जो ये देखता है कि एक आम उपभोक्ता जिन चीजों का रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल करता है। उन चीजों की कीमतें वक्त के साथ कितनी बढ़ या घट रही हैं। एक उदाहरण से समझें।



इंटर्न डॉक्टरों के धरना प्रदर्शन के चलते भोपाल, इंदौर, खंडवा के साथ कई मेडिकल कॉलेज और सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुई हैं। स्वास्थ्य एवं उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल मुख्यमंत्री के लौटने के बाद स्टाइपेंड बढ़ाने पर चर्चा की बात कह रहे हैं। लेकिन इंटर्न डॉक्टर लिखित आदेश की जिद पर अड़े हैं।



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