नीति आयोग की नई रिपोर्ट: इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स में एमपी सातवें नंबर पर
नीति आयोग ने इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स की रिपोर्ट जारी की है। इसमें गुजरात पहले नंबर पर है जबकि मध्य प्रदेश सातवें स्थान पर है। राजस्थान 10वें और छत्तीसगढ़ 12वें नंबर पर है। इसी बीच दिल्ली में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दो बड़े निवेश आयोजनों में हिस्सा लिया। यहां प्रदेश को 20 हजार 193 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इससे करीब 27 हजार 600 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
किस राज्य की क्या स्थिति
नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक देश में निवेश के मामले में-
- गुजरात पहले नंबर पर आया है।
- महाराष्ट्र दूसरे और तमिलनाडु तीसरे नंबर पर आया है।
- गोवा चौथे और ओडिशा पांचवें नंबर पर आया है।
- दिल्ली छठेवें नंबर नंबर पर आया है।
- मध्य प्रदेश सातवें नंबर पर आया है।
- आंध्र प्रदेश आठवें नंबर पर आया है।
- कर्नाटक नौवें नंबर पर आया है।
- राजस्थान 10वें नंबर पर आया है।
- उत्तराखंड 11वें नंबर पर आया है।
- छत्तीसगढ़ 12वें नंबर पर आया है।
यह रैंकिंग राज्यों की नीति, कारोबारी माहौल और रेगुलेटरी आसानी जैसे आधार पर तैयार की गई है।
दिल्ली में एमपी को मिली बड़ी सफलता
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिल्ली में भारत टेक्स-2026 और निवेश अवसरों पर आयोजित इंटरैक्टिव सेशन में हिस्सा लिया। यह जीआईएस-2027 यानी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों का हिस्सा है, जो अगले साल जनवरी में आयोजित होनी है।
दोनों आयोजनों से मिलाकर प्रदेश को 20 हजार 193 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनसे करीब 27 हजार 592 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
टेक्सटाइल सेक्टर में मिला बड़ा निवेश
भारत टेक्स-2026 के दौरानभारत मंडपम्में टेक्सटाइल और अपैरल पर एक राउंडटेबल आयोजित हुई। इसमें पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, तकनीकी टेक्सटाइल, निर्यात और स्किल डेवलपमेंट पर चर्चा हुई। इस चर्चा से 1 हजार 592 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले। इनसे करीब 15 हजार 700 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
डिफेंस से लेकर आईटी तक कई सेक्टर में निवेश
दूसरे आयोजन इंटरैक्टिव सेशन में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, ट्रांसफार्मर मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी और टॉय इंडस्ट्री जैसे क्षेत्रों में 18 हजार 601 करोड़ रुपए के प्रस्ताव मिले। इनसे करीब 11 हजार 892 रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है।
इस दौरान मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने निर्यात, ई-कॉमर्स और एमएसएमई से जुड़े सात एमओयू पर हस्ताक्षर किए। प्रदेश ने आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, टूरिज्म और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी निवेश के अवसर दिखाए।
जीआईएस-2027 की तैयारी में जुटी सरकार
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निवेशकों को बताया कि मध्य प्रदेश देश के सबसे तेजी से बढ़ते औद्योगिक राज्यों में शामिल है। उन्होंने प्रदेश की निवेश अनुकूल नीतियों, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कुशल कार्यबल का जिक्र किया।
उन्होंने उद्योग जगत के नेताओं और वैश्विक ब्रांड्स को जनवरी में होने वाले जीआईएस-2027 में शामिल होने का न्योता भी दिया। अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली में मिली यह सफलता जीआईएस-2027 की तैयारियों को और मजबूत करेगी।
FAQ
- निवेश अनुकूलता सूचकांक में मध्य प्रदेश किस नंबर पर है?
नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश सातवें नंबर पर है। गुजरात पहले और महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर है। राजस्थान 10वें और छत्तीसगढ़ 12वें नंबर पर है। - दिल्ली में एमपी को कितना निवेश मिला?
दिल्ली में हुए दो आयोजनों से मध्य प्रदेश को 20,193 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनसे करीब 27,592 रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है। यह जीआईएस-2027 की तैयारियों का हिस्सा है। - जीआईएस-2027 कब आयोजित होगा?
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 अगले साल जनवरी में आयोजित होनी है। इससे पहले मध्य प्रदेश सरकार देश-विदेश में रोड शो कर रही है। दिल्ली की सफलता इसी कड़ी का हिस्सा है।
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