भारत के निवेश वाले चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी अटैक, ईरान पर भी एयरस्ट्राइक
Jitendra Shrivastava | Jul 17, 2026, 19:19 IST
Photograph: (THESOOTR)
INTERNATIONAL DESK. अमेरिका ने चाबहार पोर्ट के कंट्रोल टावर पर हमला किया। लगातार छठी रात ईरान पर एयरस्ट्राइक जारी। भारत के निवेश वाले इस बंदरगाह को एक हफ्ते में तीसरी बार निशाना बनाया गया।
समझें क्या है पूरा मामला...
- चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी हमला, भारत के निवेश पर सीधा असर।
- लगातार छठी रात ईरान पर बरसे अमेरिकी बम, तनाव चरम पर।
- कंट्रोल टावर तबाह, तीसरी बार निशाना बना चाबहार पोर्ट।
- होर्मुज स्ट्रेट से घटा जहाजों का आवागमन, खतरा बरकरार।
- ईरान की धमकी, अमेरिकी सैनिकों को कत्लेआम की चेतावनी।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब और गहरा गया है। शुक्रवार को अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान पर एयरस्ट्राइक की। इस बार निशाने पर भारत के निवेश वाला चाबहार पोर्ट भी आया।
हमले में चाबहार पोर्ट के कंट्रोल यानी निगरानी टावर को नुकसान पहुंचा है। पोर्ट से घना धुआं उठता हुआ फुटेज में साफ देखा जा सकता है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने खुद क्षतिग्रस्त कंट्रोल टावर की तस्वीर शेयर की। ईरानी समाचार एजेंसी मेहर ने भी इस हमले की पुष्टि की है।
खास बात यह है कि पिछले एक हफ्ते में इस टावर पर यह तीसरा हमला है। यानी अमेरिका बार-बार इसी संवेदनशील ढांचे को निशाना बना रहा है।
चाबहार पोर्ट भारत के लिए क्यों जरूरी है
यह बंदरगाह भारत को पाकिस्तान को बायपास करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक सीधी व्यापारिक पहुंच देता है। ऐसे में इस पोर्ट पर हमला भारत की रणनीतिक और व्यापारिक चिंताओं को भी बढ़ा सकता है।
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अमेरिका ने कहां-कहां किए हमले
अमेरिका ईरान जंग के दौरान अमेरिका सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि ईरान के कई अहम सैन्य और निगरानी ढांचों को एक साथ कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
पिछले 24 घंटे के बड़े अपडेट्स
इसके साथ ही बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर भी खतरा बढ़ गया है। ईरान ने यमन के हूती विद्रोहियों से कहा है कि अगर अमेरिका ईरान के बिजली ढांचे पर हमला करता है, तो वे इस अहम जलमार्ग को बंद करने के लिए तैयार रहें।
समुद्री डेटा कंपनी केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या भी घट रही है। बुधवार को सिर्फ 9 जहाज इस रास्ते से गुजरे, जबकि मंगलवार को यह संख्या 13 थी।
भारतीय नाविकों की तैनाती पर रोक
इसके अलावा ईरान ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी ड्रोन हमले किए हैं। इससे साफ है कि यह टकराव अब सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र में इसका असर दिखने लगा है।
FAQ
- चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी हमले में क्या नुकसान हुआ?
अमेरिकी हमले में चाबहार पोर्ट के कंट्रोल यानी निगरानी टावर को नुकसान पहुंचा है। यह एक हफ्ते में इस टावर पर तीसरा हमला है। ईरानी समाचार एजेंसी मेहर ने इस हमले की पुष्टि की है। - चाबहार पोर्ट भारत के लिए क्यों अहम है?
चाबहार पोर्ट भारत को पाकिस्तान को बायपास कर अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक व्यापारिक पहुंच देता है। भारत ने इसके विकास में बड़ा निवेश किया है और इसका संचालन इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड करती है। - अमेरिका ने ईरान पर हाल में कहां-कहां हमले किए?
अमेरिकी सेंटकॉम ने फाइटर जेट, ड्रोन और युद्धपोतों से ईरान के तटीय निगरानी केंद्र, एयर डिफेंस सिस्टम, सैन्य लॉजिस्टिक्स और समुद्री ठिकानों पर हमले किए। यह लगातार छठी रात हुई एयरस्ट्राइक थी।
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