मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
Jitendra Shrivastava | Sept 28, 2026, 23:37 IST
कृषि यंत्र सब्सिडी: मध्य प्रदेश के किसान अब मिनी ट्रैक्टर और पावर टिलर पर 50 प्रतिशत तक अनुदान ले सकते हैं। जानें आवेदन की पूरी प्रोसेस...
BHOPAL. मध्य प्रदेश के किसान अब कृषि यंत्र सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं। सीधी जिले में उद्यानिकी विभाग मिनी ट्रैक्टर, पावर टिलर और स्प्रेयर पर अनुदान दे रहा है। अनुसूचित जनजाति, लघु और सीमांत किसानों को 50 प्रतिशत तक मदद मिल सकती है। अन्य किसानों को 40 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। आवेदन ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण के बाद होगा।
मध्य प्रदेश के किसानों को कृषि यंत्र सब्सिडी मिल रही है। उद्यानिकी विभाग मिनी ट्रैक्टर, पावर टिलर और स्प्रेयर पर अनुदान दे रहा है। यह अनुदान अधिकतम 50 प्रतिशत तक हो सकता है। सीधी जिला इसका ताजा उदाहरण है। यहां किसान ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण के बाद आवेदन कर सकते हैं।
योजना का मकसद खेती में आधुनिक मशीनों का उपयोग बढ़ाना है। इससे किसानों की लागत घटने की उम्मीद है। यह किसानों के लिए Farm Machinery Subsidy का बड़ा मौका है।
उद्यानिकी विभाग किसानों को कृषि यंत्र की खरीद पर अनुदान दे रहा है। इसमें मिनी ट्रैक्टर, पावर टिलर और स्प्रेयर शामिल हैं। अनुसूचित जनजाति, लघु और सीमांत किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है। अन्य श्रेणी के किसानों के लिए 40 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। आवेदन के लिए उद्यानिकी विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी है।
मिनी ट्रैक्टर छोटे खेतों के लिए बनाया जाता है। इसकी कीमत बड़े ट्रैक्टर से कम होती है। सबसे बड़ी राहत मिनी ट्रैक्टर पर है। सीधी जिले में विभाग फोर व्हील ड्राइव मिनी ट्रैक्टर पर अनुदान दे रहा है।
मशीन की क्षमता 20 पीटीओ एचपी (PTO HP – Power Take-Off Horsepower) तक हो। यह इंजन की वह ताकत है, जो जुड़े औजार को चलाती है। ऐसे मिनी ट्रैक्टर की कीमत करीब 4.90 लाख रुपए मानी गई है। अनुसूचित जनजाति, लघु और सीमांत किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान मिल सकता है। यह रकम अधिकतम 2.45 लाख रुपए तक हो सकती है।
यानी किसान को मशीन के लिए करीब 2.45 लाख रुपए ही देने होंगे। अन्य श्रेणी के किसानों के लिए 40 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। इसकी अधिकतम सीमा 1.96 लाख रुपए तय है। ऐसे किसान को करीब 2.94 लाख रुपए खुद लगाने होंगे। सोचिए, ट्रैक्टर पर 2.45 लाख रुपए बच जाएं, तो कितना फर्क पड़ेगा?
पावर टिलर छोटे खेतों में जुताई का काम आसान बनाता है। पावर टिलर सब्सिडी भी 50 प्रतिशत तक जा सकती है। यह लाभ 8 बीएचपी (BHP – Brake Horsepower) वाले पावर टिलर पर है।
ऐसे टिलर की लागत करीब दो लाख रुपए है। इस पर अधिकतम एक लाख रुपए तक सब्सिडी मिल सकती है। अन्य किसानों के लिए 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा सकता है। 40 प्रतिशत का मतलब करीब 80 हजार रुपए होता है। यानी ऐसे किसान को करीब 1.20 लाख रुपए खुद देने होंगे।
स्प्रेयर पर अनुदान भी इस योजना का हिस्सा है। पावर नैपसैक स्प्रेयर और पावर संचालित ताइवान स्प्रेयर इसमें शामिल हैं। इन उपकरणों की लागत करीब 20 हजार रुपए है। पात्र किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है। यह रकम अधिकतम 10 हजार रुपए तक हो सकती है। यानी किसान को स्प्रेयर करीब 10 हजार रुपए में मिल सकता है।
हर उपकरण पर सीमा अलग है। ट्रैक्टर पर अधिकतम 2.45 लाख रुपए मिल सकते हैं। टिलर पर एक लाख रुपए और स्प्रेयर पर 10 हजार रुपए तक मिलेंगे। ये आंकड़े 50 प्रतिशत वाली श्रेणी के हैं।और यहीं से असली सवाल शुरू होता है।
कृषि यंत्र सब्सिडी के लिए आवेदन कैसे करें? पहले किसान को उद्यानिकी विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के बाद किसान अपनी जरूरत की योजना और यंत्र चुन सकता है। इसके बाद वह आवेदन कर सकता है।
लाभार्थी का चयन पात्रता और योजना के नियमों से होता है। साथ में उपलब्ध लक्ष्य यानी विभाग को मिला तय कोटा भी देखा जाता है। कुछ मामलों में लॉटरी प्रणाली से भी चयन होता है।
आवेदन के लिए किसान के पास आधार कार्ड होना अनिवार्य है। साथ में पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक खाते की प्रति चाहिए। खसरा और भूमि संबंधी दस्तावेज भी लगेंगे। खसरा यानी जमीन का सरकारी रिकॉर्ड। किसान का मोबाइल नंबर भी जरूरी है।
एससी (SC – Scheduled Caste) किसानों को जाति प्रमाणपत्र देना होगा। एसटी (ST – Scheduled Tribe) किसानों को भी यही दस्तावेज लगाना होगा। आवेदन की अंतिम तारीख अभी सामने नहीं आई है। ताजा जानकारी के लिए किसान उद्यानिकी विभाग से संपर्क करें। कागज पूरे रखिए, पंजीकरण पहले कर लीजिए।
योजना का मकसद खेती में आधुनिक मशीनों का उपयोग बढ़ाना है। इससे किसानों की लागत घटने की उम्मीद है। यह किसानों के लिए Farm Machinery Subsidy का बड़ा मौका है।
उद्यानिकी विभाग किसानों को कृषि यंत्र की खरीद पर अनुदान दे रहा है। इसमें मिनी ट्रैक्टर, पावर टिलर और स्प्रेयर शामिल हैं। अनुसूचित जनजाति, लघु और सीमांत किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है। अन्य श्रेणी के किसानों के लिए 40 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। आवेदन के लिए उद्यानिकी विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी है।
मिनी ट्रैक्टर अनुदान कितना?
मशीन की क्षमता 20 पीटीओ एचपी (PTO HP – Power Take-Off Horsepower) तक हो। यह इंजन की वह ताकत है, जो जुड़े औजार को चलाती है। ऐसे मिनी ट्रैक्टर की कीमत करीब 4.90 लाख रुपए मानी गई है। अनुसूचित जनजाति, लघु और सीमांत किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान मिल सकता है। यह रकम अधिकतम 2.45 लाख रुपए तक हो सकती है।
यानी किसान को मशीन के लिए करीब 2.45 लाख रुपए ही देने होंगे। अन्य श्रेणी के किसानों के लिए 40 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। इसकी अधिकतम सीमा 1.96 लाख रुपए तय है। ऐसे किसान को करीब 2.94 लाख रुपए खुद लगाने होंगे। सोचिए, ट्रैक्टर पर 2.45 लाख रुपए बच जाएं, तो कितना फर्क पड़ेगा?
ऑनलाइन पोर्टल पर करना होगा पंजीकरण
मिनी ट्रैक्टर पर 50 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है। पावर टिलर पर भी किसानों को इतना ही लाभ मिल सकता है। आवेदन के लिए किसानों को उद्यानिकी विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा।प्रतीक्षा मिश्रा, उद्यान विस्तार अधिकारी, उद्यानिकी विभाग, सीधी
पावर टिलर सब्सिडी
ऐसे टिलर की लागत करीब दो लाख रुपए है। इस पर अधिकतम एक लाख रुपए तक सब्सिडी मिल सकती है। अन्य किसानों के लिए 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा सकता है। 40 प्रतिशत का मतलब करीब 80 हजार रुपए होता है। यानी ऐसे किसान को करीब 1.20 लाख रुपए खुद देने होंगे।
स्प्रेयर पर अनुदान कितना?
हर उपकरण पर सीमा अलग है। ट्रैक्टर पर अधिकतम 2.45 लाख रुपए मिल सकते हैं। टिलर पर एक लाख रुपए और स्प्रेयर पर 10 हजार रुपए तक मिलेंगे। ये आंकड़े 50 प्रतिशत वाली श्रेणी के हैं।और यहीं से असली सवाल शुरू होता है।
सब्सिडी आवेदन कैसे करें?
लाभार्थी का चयन पात्रता और योजना के नियमों से होता है। साथ में उपलब्ध लक्ष्य यानी विभाग को मिला तय कोटा भी देखा जाता है। कुछ मामलों में लॉटरी प्रणाली से भी चयन होता है।
कौन से दस्तावेज लगेंगे?
एससी एसटी किसान क्या करें?
- मध्य प्रदेश में कृषि यंत्र सब्सिडी के लाभ के लिए किसानों को क्या करना होगा?
किसानों को पहले उद्यानिकी विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के बाद वे अपनी जरूरत की योजना और यंत्र चुनकर आवेदन कर सकते हैं। - मिनी ट्रैक्टर पर किसानों को कितना अनुदान मिल सकता है?
अनुसूचित जनजाति, लघु और सीमांत किसानों को मिनी ट्रैक्टर पर 50 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है, जो अधिकतम 2.45 लाख रुपए तक हो सकता है। अन्य श्रेणी के किसानों के लिए यह 40 प्रतिशत तक है, जो करीब 1.96 लाख रुपए निर्धारित है। - कृषि यंत्र सब्सिडी के लिए आवेदन में कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
आवेदन के लिए किसानों के पास आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक खाते की प्रति, खसरा और भूमि संबंधी दस्तावेज होना अनिवार्य है। इसके अलावा, एससी और एसटी किसानों को जाति प्रमाणपत्र भी देना होगा।
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