MP IPS Promotion: 9 कुर्सियां, 27 दावेदार... दो नामों पर सस्पेंस गहराया
मध्य प्रदेश में IPS बनने की दौड़ इस बार दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। महज 9 पदों के लिए 27 अधिकारियों के नाम विचार के लिए भेजे गए हैं। 25 जून को भोपाल में होने वाली अहम बैठक में कई अधिकारियों का भविष्य तय होगा, जबकि दो नाम ऐसे भी हैं जिन पर चल रहे विवाद अंतिम फैसले को प्रभावित कर सकते हैं।
25 जून को विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक होगी। आईपीएस संवर्ग में इस साल नौ पद खाली हैं और इन पदों के लिए 27 अधिकारियों की दावेदारी है। दो अधिकारियों के मामलों पर विशेष चर्चा हो सकती है, जबकि कुछ वरिष्ठ अधिकारी आयु सीमा के कारण दौड़ से बाहर हो चुके हैं। आईएएस प्रमोशन की प्रक्रिया अभी भी आगे नहीं बढ़ सकी है।
9 पद और 27 दावेदार
इस बार IPS संवर्ग में नियुक्ति के लिए पदों की संख्या सीमित है, लेकिन दावेदारों की सूची लंबी है। नियमों के तहत प्रत्येक रिक्त पद के लिए तीन-तीन अधिकारियों के नाम भेजे गए हैं। इसी प्रक्रिया के तहत कुल 27 अधिकारियों का पैनल तैयार हुआ है। अब चयन का आधार अधिकारियों का सेवा रिकॉर्ड, कार्य निष्पादन, गोपनीय प्रतिवेदन और उपलब्धियां होंगी।
दो फाइलों पर सबसे ज्यादा नजर
पूरी प्रक्रिया के बीच दो अधिकारियों के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। एक अधिकारी का जाति प्रमाण-पत्र संबंधी मामला विचाराधीन है, जबकि दूसरे के खिलाफ विभागीय जांच जारी है। सूत्रों का कहना है कि यदि प्रक्रिया के दौरान स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो इन मामलों में सीलबंद लिफाफा प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। ऐसे में चयन सूची बनने के बाद भी अंतिम फैसला लंबित रह सकता है।
आयु सीमा ने रोकी कई उम्मीदें
IPS संवर्ग में पदोन्नति के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा कई अधिकारियों की राह में बाधा बन गई है। इसी कारण कुछ वरिष्ठ अधिकारी इस बार की दौड़ से बाहर हो गए हैं। सेवा अनुभव होने के बावजूद नियमों की बाध्यता के कारण उनके नाम अंतिम विचार सूची में शामिल नहीं हो सके।
युवा बैच के अधिकारियों पर रहेगा फोकस
इस बार 2007 और 2008 बैच के अधिकारियों के सेवा अभिलेखों पर विशेष ध्यान रहेगा। विभागीय पदोन्नति समिति इनके प्रदर्शन और रिकॉर्ड का विस्तृत मूल्यांकन करेगी। यही वह वर्ग है जिससे भविष्य के कई IPS अधिकारी निकल सकते हैं।
IAS प्रमोशन अब भी फाइलों में
जहां IPS संवर्ग के लिए प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है, वहीं राज्य प्रशासनिक सेवा से IAS संवर्ग में पदोन्नति का मामला अभी मंजूरी के इंतजार में है। जानकारी के अनुसार कुछ आवश्यक प्रतिवेदन समय पर नहीं मिलने से प्रस्ताव लंबित है। मंजूरी मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू हो सकेगी।
कौन करेगा अंतिम फैसला
IPS Promotion:25 जून को होने वाली बैठक में प्रदेश के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल होंगे। समिति उपलब्ध अभिलेखों और नियमों के आधार पर अंतिम चयन सूची तैयार करेगी। यही बैठक तय करेगी कि 27 दावेदारों में से कौन 9 अधिकारी IPS की नई पारी शुरू करेंगे।
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