CM से सम्मानित सीएसपी नेहा पच्चीसिया फिर चर्चा में, छिन गए तीन थाने, जानें वजह...
समझें क्या है पूरा मामला...
- कटनी की सीएसपीनेहा पच्चीसिया को कभीसीएम से सम्मानमिला था।
- अब वही अफसर वसूलीके गंभीर आरोप में घिरगई हैं।
- एकट्रांसपोर्टर ने उन पर 30हजार रुपए मांगने काआरोप लगाया है।
- शिकायतके बाद उनके चालक कोतुरंत सस्पेंड कर दियागया है।
- इसके साथ ही उनसेतीन थानों का प्रभारभी छीन लिया गया है।
कटनी की सीएसपी नेहा पच्चीसिया को कोरोना काल में अच्छे काम के लिए सीएम से सम्मान मिला था। यह सम्मान उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिया था। अब वही अफसर एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह अच्छी नहीं है। उन पर ट्रांसपोर्ट कारोबारी से वसूली का गंभीर आरोप लगा है। इस आरोप ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है।
वसूली की शिकायत मिली
सीएम से सम्मानित सीएसपी (City Superintendent of Police) नेहा पच्चीसिया पर अब गंभीर आरोप है। यह आरोप ट्रांसपोर्ट कारोबारी महेंद्र कुमार जैन ने लगाया है। जैन ने पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा को लिखित शिकायत दी। शिकायत में 21 जुलाई की रात की घटना बताई गई है। उस रात वाहन चेकिंग के दौरान उनकी हाईवा गाड़ी रोकी गई।
आरोप है कि सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने 30 हजार रुपए मांगे। मौके पर 25 हजार रुपए नकद ले लिए गए। बाकी पांच हजार रुपए अगले दिन चालक से मांगे गए। महेंद्र जैन के पास पांच हाईवा वाहन हैं। ये वाहन रेत और डोलोमाइट ढोने के काम आते हैं। पैसे न देने पर गाड़ी थाने में खड़ी करने की धमकी दी गई। इसके बाद जैन ने एसपी दफ्तर जाकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के साथ उन्होंने कुछ सबूत भी पुलिस को सौंपे।
सम्मान के बाद अब सवाल
यह वही अफसर हैं जिन्हें कभी अच्छे काम के लिए पहचाना गया था। कोरोना काल में उनकी सेवा को सराहा गया था। वहीं, अब उन्हीं पर वसूली जैसा गंभीर आरोप लगा है। इस कंट्रास्ट ने मामले को और चर्चा में ला दिया है। पुलिस विभाग के लिए भी यह स्थिति असहज है।
चालक हुआ सस्पेंड
शिकायत मिलते ही एसपी अभिनय विश्वकर्मा हरकत में आए। उन्होंने तुरंत मामले की प्रारंभिक जांच कराई। जांच में शिकायत गंभीर पाई गई। इसके बाद सीएसपी के चालक को सस्पेंड कर दिया गया। सस्पेंड हुए आरक्षक का नाम केशव सिंह है। यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से की गई। विभाग ने साफ कर दिया कि शिकायत हल्के में नहीं ली जाएगी।
तीन थाने वापस लिए
एसपी ने इसके साथ नया आदेश भी जारी किया। इस आदेश में नेहा पच्चीसिया से तीन थाने वापस लिए गए। कुठला, माधवनगर और रंगनाथ नगर थाने अब उनके पास नहीं हैं। पहले ये तीनों थाने सीधे सीएसपी के अंडर आते थे। इन तीनों थानों की जिम्मेदारी अब किसी और को दी गई है। यह जिम्मेदारी अजाक डीएसपी शिवा पाठक को सौंपी गई है। यह बदलाव विभाग की गंभीरता साफ दिखाता है।
जांच किसे सौंपी गई
पूरे मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Additional Superintendent of Police) कमल मौर्य को सौंपी गई है। कमल मौर्य ने बताया कि शिकायत मिल चुकी है। महेंद्र जैन के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। जांच पूरी होने पर रिपोर्ट एसपी को सौंपी जाएगी। उन्होंने बताया कि चालक को ऊपर के निर्देश पर सस्पेंड किया गया। कार्य विभाजन में भी इसी वजह से बदलाव हुआ। कटनी पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष होगी।
नेहा का पक्ष अभी नहीं आया
सीएसपी नेहा पच्चीसिया की तरफ से अभी कोई बयान नहीं आया है। उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने की कोशिश जारी है। जवाब आने पर खबर को अपडेट किया जाएगा। फिलहाल पुलिस विभाग के अधिकारी ही मामले पर बोल रहे हैं।
हत्या केस में भी सवाल
नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। एक पुराने हत्या केस में भी सवाल उठे हैं। इस केस में 90 दिन में चालान पेश नहीं हुआ। इस वजह से आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिल गई। यह मामला अब विभागीय जांच के दायरे में है। आरोपी ने नेहा पच्चीसिया के खिलाफ अदालत में परिवाद दायर किया है।
परिवाद में आरोप है कि केस में फायदा दिलाने की बात कही गई। बदले में आरोपी की जमीन सस्ती कीमत पर बिकवाई गई। दोनों मामलों की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल को सौंपी गई है। अनु बेनीवाल जबलपुर में पदस्थ हैं। फिलहाल दोनों मामलों की जांच जारी है।
पहले भी रहीं विवादों में
नेहा पच्चीसिया के लिए विवाद कोई नई बात नहीं है। वह पहले एयर होस्टेस की नौकरी करती थीं। बाद में उन्होंने पुलिस सेवा जॉइन की। साल 2022 में भी वह सुर्खियों में रही थीं। तब भोपाल में उनके पति पर मारपीट का आरोप लगा था। नेहा ने हबीबगंज थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय वह पुलिस मुख्यालय (Police Headquarters) में पदस्थ थीं।
इससे पहले गुना में तैनाती के दौरान भी विवाद हुआ था। तब उनका विवाद एक आईजी (Inspector General) से हुआ था। ट्रांसफर को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखी थी। बाद में उन्होंने वह पोस्ट हटा दी थी। दिलचस्प बात यह है कि सम्मान भी उन्हें इसी दौर में मिला था।
आगे क्या होगा
अब मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय के अधिकारी भी मामले पर नजर रखे हैं। दोनों जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। आरोप सही साबित होने पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। सम्मानित अफसर होने के बावजूद कार्रवाई से छूट नहीं मिलेगी। फिलहाल विभाग ने जांच निष्पक्ष होने का भरोसा दिलाया है।
यह खबर क्यों जरूरी है:
पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही लोकतंत्र और कानून के राज का जरूरी हिस्सा है। सम्मान पाने वाला अफसर भी नियमों से ऊपर नहीं है, यह बात इस खबर से साफ होती है। आम नागरिक जब किसी वर्दीधारी पर भरोसा करता है, तो उसकी ईमानदारी सीधे व्यवस्था की साख से जुड़ी होती है।
विभाग ने शिकायत मिलते ही तुरंत कदम उठाए, जो पारदर्शिता और संवैधानिक जवाबदेही का उदाहरण है। साथ ही यह भी जरूरी है कि जांच पूरी होने तक किसी को दोषी न माना जाए, क्योंकि निष्पक्ष सुनवाई हर व्यक्ति का कानूनी अधिकार है। यह खबर पुलिस सुधार और जनता के भरोसे से जुड़ी है, इसलिए इसे जानना जरूरी है।
FAQ
- सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर अब क्या आरोप है?
कटनी की सीएसपी नेहा पच्चीसिया अब एक ट्रांसपोर्टर से 30 हजार रुपए की वसूली मांगने के आरोप में घिरी हैं। शिकायतकर्ता महेंद्र जैन के अनुसार 21 जुलाई की रात वाहन चेकिंग के दौरान उनकी हाईवा गाड़ी रोककर पैसे मांगे गए। इसमें 25 हजार रुपए नकद लिए गए और बाकी पांच हजार रुपए अगले दिन चालक के जरिए मांगे गए।
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