किसान आंदोलन के बीच शिवराज की दो टूक, CM के पत्र पर बोले एमपी को मिली सबसे ज्यादा मूंग खरीद मंजूरी

Ramanand Tiwari | Jul 29, 2026, 22:17 IST
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एमपी में मूंग खरीदी को लेकर किसान आंदोलन तेज है। शिवराज सिंह चौहान ने CM मोहन यादव को पत्र लिखकर कहा, एमपी को देश में सबसे ज्यादा खरीदी मंजूरी मिली है। राज्य से खरीदी तेज करने का आग्रह किया गया।

ऐसे समझें पूरा मामला

  • किसान आंदोलन के बीच शिवराज सिंह चौहान ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र।
  • मध्य प्रदेश को 4.54 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी की स्वीकृति मिलने का दावा।
  • कुल राष्ट्रीय स्वीकृति का 87% हिस्सा मध्य प्रदेश को मिलने की बात।
  • केंद्र ने खरीदी प्रक्रिया तेज करने का आग्रह किया।
  • पीएम-आशा योजना के नियमों का भी पत्र में उल्लेख।
  • किसान आंदोलन के बीच पत्र से सियासी बहस तेज होने के आसार।

एमपी में किसान आंदोलन तेज होने के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र भेजकर साफ किया कि केंद्र ने मध्य प्रदेश को सबसे ज्यादा खरीदी की मंजूरी दी है। साथ ही किसानों के हित में खरीदी तेज करने का आग्रह भी किया।



मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर किसानों के आंदोलन के बीच सियासत भी गरमा गई है। इसी बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर पूरे मामले में केंद्र का पक्ष विस्तार से रखा है।



पत्र में दावा किया गया है कि देश में सबसे अधिक मूंग खरीदी की स्वीकृति मध्य प्रदेश को दी गई है, जबकि राज्य सरकार से खरीदी प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह भी किया गया है। ऐसे में किसान आंदोलन के बीच केंद्र और राज्य, दोनों सरकारें अलर्ट मोड में नजर आ रही हैं।



क्या है इस पत्र का सबसे बड़ा संदेश?

यह सिर्फ एक औपचारिक पत्र नहीं माना जा रहा, बल्कि ऐसे समय आया है जब प्रदेश में किसान मूंग खरीदी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पत्र में केंद्रीय मंत्री ने साफ किया है कि केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को 4.54 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी की स्वीकृति पहले ही दे दी है, जो देश में सबसे अधिक है।



केंद्र ने क्या-क्या दावे किए?

केंद्रीय मंत्री ने पत्र में लिखा है कि-



मध्य प्रदेश को 4,54,580 मीट्रिक टन मूंग खरीदी की मंजूरी दी गई। यह देशभर में स्वीकृत कुल 5,23,243 मीट्रिक टन का लगभग 87 प्रतिशत हिस्सा है।



केंद्र सरकार किसी राज्य को खरीदी का लक्ष्य तय नहीं करती, बल्कि पीएम-आशा योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार स्वीकृति देती है। अतिरिक्त खरीदी की व्यवस्था भी योजना के नियमों के तहत की जा सकती है।



राज्य सरकार से क्या कहा गया?

पत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आग्रह किया गया है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए मूंग खरीदी में तेजी लाई जाए, ताकि किसानों को समय पर अपनी उपज बेचने का अवसर मिल सके।



पुराने रिकॉर्ड का भी दिया हवाला

पत्र के अनुसार, पिछले वर्षों में भी मध्य प्रदेश को लगातार अधिक मात्रा में मूंग खरीदी की स्वीकृति मिलती रही है। वर्ष 2025-26 में भी प्रदेश को अब तक की सबसे अधिक 4.54 लाख मीट्रिक टन खरीदी की मंजूरी दी गई है।



अब सियासत क्यों तेज होगी?

यह पत्र ऐसे समय सामने आया है, जब विपक्ष मूंग खरीदी और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है। दूसरी ओर केंद्र सरकार का कहना है कि उसने पर्याप्त स्वीकृति दे दी है और अब खरीदी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। ऐसे में आंदोलन के बीच यह पत्र राजनीतिक और प्रशासनिक, दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



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