MP में हर चौथी MSME इकाई की मालिक महिला, जानें क्या कहते हैं 2026 के आंकड़े
News In Short
- MP में कुल 8.87 लाख एमएसएमई में से 2.28 लाख से अधिक की मालिक महिलाएं हैं।
- पिछले 6 सालों में MSME क्षेत्र में महिलाओं को मिलने वाला रोजगार 1.53 लाख से बढ़कर 10 लाख के पार पहुंचा।
- महिला नेतृत्व वाली इकाइयों में 6 गुना से भी अधिक की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई।
- महाराष्ट्र कुल रजिस्ट्रेशन में और आंध्र प्रदेश महिला उद्यमियों की संख्या में देश में अव्वल है।
- देशभर में अब तक 3.07 करोड़ महिलाएं एमएसएमई सेक्टर का नेतृत्व कर रही हैं ।
News In Detail
मध्य प्रदेश में नारी शक्ति वंदन अधिनियम और महिला आरक्षण की गूंज के बीच एक बेहद अच्छी खबर सामने आई है। प्रदेश की महिलाएं अब सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि कारखानों और व्यापारिक संस्थानों की कमान भी बखूबी संभाल रही हैं। लोकसभा में पेश किए गए ताजा आंकड़े गवाह हैं कि मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महिलाओं का कद तेजी से बढ़ा है।
आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिखतीं महिलाएं
मध्य प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी ने सबको चौंका दिया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 तक राज्य में कुल रजिस्टर्ड एमएसएमई की संख्या 8 लाख 87 हजार 87 है।
खास बात यह है कि इनमें से 2 लाख 28 हजार 959 इकाइयों का मालिकाना हक महिलाओं के पास है। इसका सीधा मतलब यह है कि प्रदेश की हर चौथी MSME इकाई की ऑनर एक महिला है।
छह सालों में छह गुना बढ़ा महिला रोजगार
महिला उद्यमियों की इस बढ़ती संख्या ने रोजगार के मोर्चे पर भी चमत्कार किया है। पिछले छह सालों के आंकड़ों का एनालिसिस करें तो पता चलता है कि महिलाओं को काम मिलने की रफ्तार में जबरदस्त उछाल आया है।
साल 2020-21 में जहां एमएसएमई क्षेत्र में केवल 1 लाख 53 हजार 493 महिलाएं काम कर रही थीं। वहीं 28 फरवरी 2026 तक यह आंकड़ा बढ़कर 10 लाख 7 हजार 995 हो गया है। यह छह गुना से भी अधिक की बढ़ोतरी है, जो साबित करती है कि महिलाएं अब केवल नौकरी मांग नहीं रही हैं, बल्कि बड़े पैमाने पर नौकरियां दे भी रही हैं।
उद्यम पोर्टल पर साल-दर-साल बढ़ता ग्राफ
मध्य प्रदेश में महिला उद्यमियों का सफर पिछले कुछ सालों में काफी अच्छा रहा है-
- 2020-21: उद्यम पोर्टल लॉन्च होने के पहले साल प्रदेश में वुमेन लीडरशिप वाले एमएसएमई केवल 14 हजार 239 थे।
- 2022-23: यह संख्या बढ़कर 2 लाख 7 हजार 795 तक जा पहुंची।
- 2023-24: इस दौरान महिला उद्यमियों की संख्या अपने चरम यानी 7 लाख 44 हजार 746 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी।
- 2025-26: वर्तमान में 2 लाख 28 हजार 959 महिला नेतृत्व वाले एमएसएमई सफलतापूर्वक पंजीकृत और संचालित हैं।
| MSME की जानकारी | साल 2020-21 | साल 2025-26 (28 फरवरी तक) | वृद्धि का स्तर |
| महिला स्वामित्व वाले उद्यम | 14 हजार 239 | 2 लाख 28 हजार 959 | लगभग 16 गुना बढ़ोतरी |
| कुल महिला रोजगार | 1 लाख 53 हजार 493 | 10 लाख 7 हजार 995 | लगभग 6.5 गुना बढ़ोतरी |
नेशनल लेबल पर महाराष्ट्र और आंध्र का दबदबा
अगर पूरे देश की तस्वीर देखें, तो एमएसएमई रजिस्ट्रेशन के मामले में महाराष्ट्र सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। वहीं, वुमेन लीडरशिप वाले उद्योगों के मामले में आंध्र प्रदेश देश में पहले पायदान पर बना हुआ है। इस सूची में उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु भी अग्रणी राज्यों में शामिल हैं। पूरे भारत की बात करें तो उद्यम पोर्टल पर अब तक कुल 3.07 करोड़ महिला नेतृत्व वाले एमएसएमई रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
ये आंकड़े बताते हैं कि मध्य प्रदेश की महिलाएं अब पारंपरिक दायरों से बाहर निकलकर मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर (महिला सशक्तिकरण) में अपनी पहचान बना रही हैं। सरकार की योजनाओं और खुद के बुलंद हौसलों के दम पर उद्यमी महिला न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी आजीविका के नए द्वार खोल रही हैं।
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