स्कूल कॉपी ने खोला मर्डर का राज: नरसिंहपुर में प्रेमी की हत्या कर खाई में फेंकी लाश
Crime News. मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक खौफनाक हत्याकांड का खुलासा हुआ है। यहां एक महिला ने अपने बचपन के प्रेमी के साथ मिलकर दूसरे प्रेमी की जान ले ली। आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए शव को रायसेन जिले की खाई में फेंक दिया था। रायसेन पुलिस ने रविवार को इस अंधे कत्ल की गुत्थी को बड़ी सूझबूझ से खुलासा किया है।
कैसे की गई हत्या की प्लानिंग?
मृतक की पहचान राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी वीरू उर्फ पप्पू जाट के रूप में हुई है। मास्टरमाइंड रीना किरार ने उसे मिलने के बहाने साईंखेड़ा स्थित अपने घर बुलाया था। वीरू राजस्थान से करीब 900 किलोमीटर का सफर तय कर नरसिंहपुर पहुंचा था। उसे जरा भी अंदाजा नहीं था कि यहां उसकी मौत का जाल बिछा है।
29 अप्रैल को जैसे ही वीरू घर पहुंचा, वहां पहले से तीन लोग मौजूद थे। रीना के साथ उसका बचपन का प्रेमी अरुण पटेल और हरनाम किरार वहां थे। तीनों ने मिलकर वीरू पर बेसबॉल बैट से ताबड़तोड़ जानलेवा हमले शुरू कर दिए। गंभीर चोट लगने के कारण वीरू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।
हत्या के बाद आरोपियों ने घर में फैला सारा खून साफ कर दिया। शव को छोटा दिखाने के लिए उसे रस्सी से दबाकर बुरी तरह बांधा गया। इसके बाद शव के मुंह पर टेप लगाया और उसे बोरी में ठूंस दिया। आरोपियों ने पूरी कोशिश की कि घर में हत्या का कोई सुराग न बचे।
आरोपियों ने लाश कहां ठिकाने लगाया?
शव को ठिकाने लगाने के लिए महंगी XUV 700 कार का इस्तेमाल किया गया। आरोपी शव को डिक्की में रखकर 200 किमी दूर रायसेन जिले में ले गए। बाड़ी थाना क्षेत्र के नागिन मोड़ पर 40 फीट गहरी खाई में शव फेंका। उन्हें लगा कि दूसरे जिले में शव मिलने से पुलिस गुमराह हो जाएगी।
कैसे शुरू हुई थी रीना और वीरू की दोस्ती?
पुलिस जांच में पता चला कि रीना किरार को सोशल मीडिया का बहुत शौक था। वह इंस्टाग्राम और फेसबुक पर अपनी रील और फोटो लगातार अपलोड करती थी। करीब तीन साल पहले वीरू जाट ने उसकी तस्वीरों पर कमेंट करना शुरू किया। धीरे-धीरे उनकी बातचीत बढ़ी और दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए।
विवाद कैसे शुरू हुआ
रीना का बचपन का प्रेमी अरुण पटेल रिश्ते में उसका मौसेरा भाई लगता था। अरुण ही रीना और उसके पूरे परिवार का सारा खर्च उठाता था। उसने रीना को सोने के जेवर और एक महंगी SUV कार भी दिलाई थी। वीरू का दखल बढ़ने से अरुण काफी नाराज और काफी ज्यादा चिड़चिड़ा रहने लगा था।
वीरू और अरुण के बीच करीब दो साल पहले भी बड़ा विवाद हुआ था। यह मामला इतना बढ़ गया था कि पुलिस थाने तक बात पहुंच गई थी। तभी अरुण और रीना ने वीरू को रास्ते से हटाने का मन बना लिया था। उन्होंने तय किया कि वीरू को पूरी प्लानिंग के साथ रास्ते से साफ किया जाएगा।
पुलिस को कैसे मिला सुराग
7 मई को फॉरेस्ट गार्ड ने नागिन मोड़ के पास एक संदिग्ध बोरी देखी। तब तक शव बहुत सड़ चुका था, जिससे उसकी पहचान करना नामुमकिन लग रहा था। वहीं पास मिले एक बैग में जूते, कंघी और बच्चे की स्कूल कॉपी मिली। इसी कॉपी ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में मदद की।
कॉपी में एक शिक्षक की लिखावट मिली थी, जो जांच का मुख्य आधार बनी। रायसेन पुलिस ने साईंखेड़ा क्षेत्र के स्कूलों में उस लिखावट की पहचान करवाई। पहचान होते ही पुलिस उस घर तक पहुंची जहां वह कॉपी उपयोग होती थी। घर बंद मिलने पर पुलिस का शक आरोपियों पर और ज्यादा गहरा गया।
कहां से पकड़े गए तीनों आरोपी
पुलिस ने मुखबिरों की मदद से तीनों आरोपियों को उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया। शुरुआत में आरोपियों ने पुलिस को बहुत गुमराह करने की कोशिश की थी। साइकोलॉजिकल इन्क्वायरी के बाद उन्होंने प्रेम और जलन में हत्या की बात मानी। पुलिस ने बेसबॉल बैट और इस्तेमाल की गई लग्जरी कार जब्त की।
पकड़े गए आरोपियों में अरुण पटेल, हरनाम किरार और रीना किरार शामिल हैं। पुलिस ने सभी साक्ष्य जुटाकर तीनों को स्थानीय कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने मामले की गंभीरता देखते हुए तीनों को जेल भेज दिया है। रायसेन पुलिस की इस सफलता की चारों तरफ काफी प्रशंसा हो रही है।
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