कैलाश मकवाना के बाद कौन संभालेगा MP पुलिस की कमान? DGP रेस में कई IPS अफसर
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश में नए डीजीपी की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गई है।
- डीजीपी स्तर तक पहुंचे सभी आईपीएस अफसरों के नाम यूपीएससी भेजे जाएंगे।
- अधिकारियों की स्क्रूटनी कर 360 डिग्री जानकारी वाली सूची तैयार हुई है।
- यह सूची गृह विभाग पहुंच चुकी है, अब उच्च स्तर से मंजूरी लगेगी।
- मौजूदा डीजीपी कैलाश मकवाना नवंबर में रिटायर होने वाले हैं।
क्यों शुरू हुई प्रक्रिया
मध्य प्रदेश में नए डीजीपी की तलाश शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। नियम के मुताबिक यह प्रक्रिया डीजीपी के रिटायरमेंट से तीन महीने पहले शुरू होती है। मौजूदा MP DGPआईपीएस कैलाश मकवाना नवंबर 2026 में रिटायर हो रहे हैं। इसी वजह से गृह विभाग ने अभी से काम शुरू कर दिया है। नए डीजीपी की नियुक्ति में देरी न हो, इसके लिए पहले से तैयारी की जा रही है। सरकार चाहती है कि रिटायरमेंट से पहले ही अगला डीजीपी तय हो जाए।
स्क्रूटनी में क्या हुआ
एमपी गृह विभाग ने पहला कदम स्क्रूटनी का उठाया है। नवंबर 2026 से पहले डीजीपी यानी स्पेशल डीजीपी स्तर पर पहुंचने वाले सभी आईपीएस अफसरों की जांच की गई है। हर अफसर की 360 डिग्री जानकारी जुटाई गई है। इसमें उनकी सर्विस हिस्ट्री, परफॉर्मेंस और अनुभव शामिल है।
इस पूरी जानकारी के आधार पर एक सूची तैयार की गई है। यह सूची अब गृह विभाग तक पहुंच चुकी है। अगला कदम इस सूची को उच्च स्तर से मंजूरी दिलाना है। मंजूरी के बाद फाइल आगे बढ़ेगी।
फाइल को अब सरकार के सबसे ऊपरी स्तर पर भेजा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलते ही अगला चरण शुरू होगा। इसके बाद सूची संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी (Union Public Service Commission) को भेजी जाएगी। यूपीएससी इन नामों में से कुछ अफसरों का पैनल बनाकर सरकार को भेजेगा। इसी पैनल में से राज्य सरकार नए डीजीपी का चयन करेगी। यह पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार के नियमों के तहत होती है।
रेस में कौन-कौन अफसर
जिन आईपीएस अफसरों के नाम यूपीएससी भेजे जाएंगे, उनकी सूची लंबी है। इसमें वरुण कपूर, उपेंद्र जैन और प्रज्ञा श्रीवास्तव के नाम शामिल हैं। पंकज कुमार श्रीवास्तव और आदर्श कटियार भी इस सूची में हैं। जी अखेतो सेमा और अनिल कुमार का नाम भी लिस्ट में है। इसके अलावा रवि कुमार गुप्ता, अनंत कुमार सिंह और मनमीत सिंह नारंग भी दौड़ में हैं। राजाबाबू सिंह और डीपी गुप्ता के नाम भी सूची में शामिल किए गए हैं। यानी कुल मिलाकर एक दर्जन वरिष्ठ आईपीएस अफसर इस रेस में हैं। इनमें से किसी एक अफसर को अगला डीजीपी बनाया जाएगा।
इतने अफसरों के नाम भेजे जाने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। हर अफसर की अपनी अलग सर्विस प्रोफाइल है। सरकार इन सभी की योग्यता और अनुभव को ध्यान में रखेगी। इसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। पुलिस महकमे में इस खबर को लेकर हलचल तेज हो गई है।
आगे क्या होगा
अब अगला कदम फाइल को मंजूरी दिलाना है। इसके बाद सूची यूपीएससी को भेजी जाएगी। यूपीएससी वहां से एक पैनल तैयार करके वापस भेजेगा। इस पैनल के आधार पर ही नए डीजीपी की तारीख तय होगी। सूत्रों के मुताबिक यह पूरी प्रक्रिया अगले कुछ हफ्तों में पूरी होने की संभावना है। मध्य प्रदेश सरकार की कोशिश है कि मकवाना के रिटायर होने से पहले ही नया डीजीपी तय हो जाए। इससे पुलिस महकमे में नेतृत्व को लेकर कोई खाली जगह नहीं रहेगी।
पुलिस महकमे के लिए डीजीपी का पद बेहद अहम माना जाता है। पूरे राज्य की कानून व्यवस्था इसी पद के अधीन आती है। इसलिए यह नियुक्ति हमेशा चर्चा में रहती है। अगले कुछ दिनों में इस मामले में और स्पष्टता आने की उम्मीद है।
FAQ
- सवाल: मध्य प्रदेश में नए डीजीपी का चयन कैसे होता है?
जवाब: राज्य सरकार डीजीपी स्तर तक पहुंचे आईपीएस अफसरों की सूची यूपीएससी भेजती है। यूपीएससी उनमें से पैनल बनाकर वापस भेजता है। इसी पैनल में से राज्य सरकार नए डीजीपी का चयन करती है। यह प्रक्रिया केंद्र सरकार के तय नियमों के तहत होती है।
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