CM डॉ.मोहन यादव डीजीपी मकवाना से नाराज, मध्यप्रदेश के नौ IPS अफसरों की ट्रेनिंग अधर में
The Sootr | Feb 04, 2026, 19:31 IST
Photograph: (the sootr)
मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने डीजीपी मकवाना से नाराजगी जताई है। गृह विभाग ने पुलिस मुख्यालय के आदेश को निरस्त कर दिया, जिसके चलते नौ IPS अफसरों की ट्रेनिंग अब संकट में है।
NEWS IN SHORT
- सीएम डॉ. मोहन यादव ने डीजीपी मकवाना से नाराजगी जताई, आदेश निरस्त किए गए।
- पीएचक्यू ने बिना स्वीकृति के नौ आईपीएस अफसरों को जिलों में भेजा था।
- गृह विभाग ने आदेश को मध्यप्रदेश सरकार के नियमों के खिलाफ बताते हुए रद्द किया।
- नौ आईपीएस अफसरों की ट्रेनिंग अब अधर में, नए आदेश का इंतजार।
- सीएम के दिल्ली दौरे के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
NEWS IN DETAIL
पूरा विवाद सीधी भर्ती से आए आईपीएस अधिकारियों की ट्रेनिंग और जिलों में पोस्टिंग से जुड़ा है। पुलिस मुख्यालय ने 2023 और 2024 बैच के आईपीएस अधिकारियों को 24 नवंबर 2025 से ट्रेनिंग और जिला प्रशिक्षण प्रक्रिया में भेजने का आदेश जारी किया था। यह आदेश गृह विभाग और बिना मुख्यमंत्री स्तर की स्वीकृति के जारी किया गया था। इसी को लेकर मामले ने तूल पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव पीएचक्यू के सीनियर अफसरों से नाराज हैं।
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यह है पूरा मामला
नवंबर 2025 से लेकर फरवरी 2026 तक ये अधिकारी अलग-अलग जिलों में ट्रेनिंग कर रहे हैं। अब गृह विभाग ने आदेश ही निरस्त कर दिया है। इसका मतलब यह हुआ कि इन आईपीएस की अब तक की ट्रेनिंग का क्या होगा, यह बड़ा सवाल है। क्या ट्रेनिंग अमान्य मानी जाएगी? क्या नए सिरे से ट्रेनिंग होगी या मंजूरी देकर इसे नियमित किया जाएगा? अभी इन सवालों के जवाब तय नहीं हैं।
यह था पूरा ट्रेनिंग प्लान
24 नवंबर 2025 से 12 जून 2026 तक पीएचक्यू और पुलिस अकादमी ट्रेनिंग।
बीच में 1 सप्ताह एसआईबी ट्रेनिंग।
13 जून 2026 तक जिलों में फील्ड ट्रेनिंग।
भंवर में फंसी ट्रेनिंग
इन आईपीएस को जिलों में किया था पदस्थ
- आलोक कुमार वर्मा (2023 बैच) – देवास
- अमित कुमार (2024 बैच) – खंडवा
- दीपांशु (2024 बैच) – सागर
- काजल सिंह (2024 बैच) – उज्जैन
- लेखराज मीना (2024 बैच) – छतरपुर
- मनोज कुमार (2024 बैच) – ग्वालियर
- राजीव अग्रवाल (2024 बैच) – रीवा
- शुभम सिंह ठाकुर (2023 बैच) – जबलपुर
- वैभव प्रिय (2023 बैच) – रतलाम
गृह विभाग ने क्या कहा...
अब आगे क्या?
दूसरा, फाइल को फिर से मंजूरी के लिए भेजकर अब तक की ट्रेनिंग को नियमित कर दिया जाए। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री स्तर पर ही होगा।
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सीएम लेंगे अंतिम फैसला
इस मामले में पक्ष जानने के लिए द सूत्र ने डीजीपी कैलाश मकवाना से उनके मोबाइल नंबर पर फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। उन्हें मैसेज भेजकर भी पक्ष जानने की कोशिश की गई।
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