एमपी के युवाओं को जर्मनी व जापान में मिलेगी नौकरी, ट्रेनिंग का 85% खर्च उठाएगी सरकार
एमपी के ओबीसी युवाओं को विदेश में नौकरी
विदेश भेजने से पहले सरकार अभ्यर्थियों को नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) के जरिए पूरी ट्रेनिंग दिलाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में आने वाले खर्च का 85% हिस्सा सरकार और निवेशक मिलकर उठाएंगे। योजना के तहत अभ्यर्थियों को सिर्फ 15% राशि ही खुद देनी होगी। कुल खर्च में से 50% राशि सरकार तब जारी करेगी, जब 300-300 युवाओं को जर्मनी और जापान में पक्की नौकरी मिल जाएगी। बाकी 30% राशि एनएसडीसी खर्च करेगी।
मुंबई में हुआ त्रिपक्षीय करार
मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में स्थित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज परिसर में एक समझौता हुआ। इस दौरान पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर भी मौजूद रहीं। समझौता निवेशकों और नोडल एजेंसी के बीच हुआ। इसके तहत नाबार्ड (NABARD) ने 4 करोड़ रुपए देने पर सहमति जताई है।
साथ ही श्रीराम इंटरनेशनल कंपनी भी 4 करोड़ रुपए देगी। इस तरह योजना के लिए कुल 8 करोड़ रुपए मिलेंगे। बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2019 में सोशल स्टॉक एक्सचेंज का प्रस्ताव रखा था। यह पहल उसी के तहत की गई है।
बीना बनेगा पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री का नया केंद्र
दूसरी ओर मुंबई के बॉम्बे एग्जीबिशन सेंटर में तीन दिवसीय इंडिया केम-2026 (India Chem-2026) का आयोजन हो रहा है। इसके उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश में उद्योगों के विकास को लेकर कई अहम बातें कहीं।
बीना प्रोजेक्ट और पेट्रोकेमिकल का विस्तार
- बीना में 50 हजार करोड़ रुपए की लागत से डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल यूनिट का भूमिपूजन पूरा हो चुका है।
- इस नए केंद्र से हर साल 22 लाख टन से ज्यादा पेट्रोकेमिकल उत्पाद बनकर तैयार होंगे।
- भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL) की 49 हजार करोड़ रुपए की एथलीन क्रैकर और रिफाइनरी विस्तार योजना भी नए अवसर खोलेगी।
- इस कदम से प्लास्टिक, पैकेजिंग, फार्मा, टेक्स्टाइल और ऑटोमोबाइल से जुड़े उद्योगों को बहुत बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
उद्योगपतियों से मुलाकात और निवेश का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंडिया केम-2026 कार्यक्रम में उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश आने का न्योता दिया। उन्होंने देश-विदेश के उद्योगपतियों को भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आमंत्रित किया।
बिरला ग्रुप ने दिया 22 हजार करोड़ के निवेश का प्रस्ताव
कार्यक्रम के दौरान आदित्य बिरला ग्रुप के प्रमुख कुमार मंगलम बिरला ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उनके साथ उनके बेटे आर्यमन विक्रम बिरला भी मौजूद रहे। इस दौरान बिरला ग्रुप ने सिंगरौली की हिंडालको इंडस्ट्री में 22 हजार करोड़ रुपए के नए निवेश का प्रस्ताव दिया।
बीना में उद्योग लगाने पर जोर
सीएम मोहन यादव ने इंडियन ऑयल, रिलायंस और हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की। उन्होंने कंपनियों से बीना के आसपास पॉलिमर प्रोसेसिंग की संभावनाएं तलाशने को कहा। इसका मकसद प्रदेश में स्थानीय स्तर पर उत्पादन को बढ़ावा देना है।इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कई दूसरी बड़ी कंपनियों से भी बातचीत की। इनमें यूपीएल, पीआई इंडस्ट्रीज, धनुका, सिंजेंटा, दीपक नाइट्रेट और आरती इंडस्ट्रीज शामिल हैं। उन्होंने इन कंपनियों से मध्यप्रदेश में नई औद्योगिक इकाइयां लगाने और उत्पादन शुरू करने का आग्रह किया।