एमपी में आउटसोर्स भर्ती पर बड़ा फैसला, अब बिना वित्त विभाग की मंजूरी नहीं होगी नियुक्ति

Ramanand Tiwari | Jan 22, 2026, 23:58 IST
Photograph: (the sootr)
मध्यप्रदेश सरकार ने आउटसोर्स भर्ती के लिए अब वित्त विभाग की मंजूरी अनिवार्य कर दी है। नई व्यवस्था से भर्ती में पारदर्शिता और स्थायित्व आएगा।

NEWS IN SHORT

  • मध्यप्रदेश सरकार ने आउटसोर्स भर्ती के लिए वित्त विभाग से अनुमति अनिवार्य की है।
  • 2023 का आदेश रद्द कर नया आदेश लागू किया गया, भर्ती में पारदर्शिता लाने के लिए।
  • वित्त विभाग ने भर्ती से पहले बजट स्वीकृति और जरूरत को प्रमाणित करने का निर्देश दिया।
  • कर्मचारी संगठनों ने स्थायित्व और समान वेतन की मांग की थी, जो अब पूरी हुई।
  • चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती अब कर्मचारी चयन मंडल के जरिए होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी।

NEWS IN DETAIL

BHOPAL. मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों से जुड़ा एक अहम और दूरगामी फैसला लिया है। अब किसी भी विभाग को आउटसोर्स के माध्यम से भर्ती करने से पहले वित्त विभाग से अनिवार्य अनुमति लेनी होगी। बिना परमिशन की गई नियुक्तियां अमान्य मानी जाएंगी।



2023 का आदेश रद्द, नई व्यवस्था लागू

सरकार ने इस फैसले के साथ ही साल 2023 में जारी पुराने आदेश को निरस्त कर दिया है। उस आदेश के तहत विभाग अपनी जरूरत और सुविधा के अनुसार आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति कर रहे थे। नई व्यवस्था से इस प्रक्रिया पर सीधा नियंत्रण स्थापित किया गया है।



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वित्त विभाग ने सभी विभागों को दिए निर्देश

वित्त विभाग ने प्रदेश के सभी शासकीय विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। अब आउटसोर्स भर्ती से पहले विभाग को यह बताना होगा कि भर्ती क्यों जरूरी है और इसके लिए बजट की स्वीकृति कैसे होगी। अनुमति के बिना कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकेगी।



कर्मचारी संगठनों की लंबे समय से मांग

मध्यप्रदेश में लगभग सभी कर्मचारी संगठन आउटसोर्स भर्ती का विरोध करते रहे हैं। उनका तर्क है कि आउटसोर्स सिस्टम से न तो कर्मचारियों को स्थायित्व मिलता है और न ही समान वेतन और अधिकार। सरकार के इस फैसले को कर्मचारी संगठनों की बड़ी जीत माना जा रहा है।



चतुर्थ श्रेणी की भर्ती अब चयन मंडल से

सरकार ने साफ किया है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती अब केवल कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से ही होगी। इससे भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होगी और मनमानी की गुंजाइश खत्म होगी।



अब तक कैसे हो रही थी नियुक्ति?

अब तक कई सरकारी विभाग अपनी सुविधा के अनुसार आउटसोर्स एजेंसियों के जरिए कर्मचारियों की नियुक्ति कर रहे थे। इससे न सिर्फ भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठते थे, बल्कि सरकारी खजाने पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था।



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कर्मचारियों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

यह फैसला स्थायी भर्ती, पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं और मौजूदा कर्मचारियों-दोनों को लाभ मिलने की उम्मीद है।



कुल मिलाकर, आउटसोर्स भर्ती पर वित्त विभाग की निगरानी से सिस्टम में अनुशासन आएगा और सरकारी भर्तियों में मनमानी पर रोक लगेगी।



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