एमपी पुलिस कार्यवाहक 183 डीएसपी में निराशा, सीएम के गृह विभाग में ही पदोन्नति की हलचल नहीं
मध्य प्रदेश में लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे अधिकारियों के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। मप्र लोक सेवा आयोग (पीएससी) में 6 जुलाई से अलग-अलग विभागों की डीपीसी बैठकें हो रही हैं। अब तक आठ से ज्यादा विभागों में प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह विभाग में अभी तक डीपीसी की तारीख तय नहीं हुई है।
183 कार्यवाहक डीएसपी इंतजार में
मध्य प्रदेश पुलिस विभाग ने लंबे इंतजार के बाद 10 मार्च 2024 को आदेश जारी कर 103 इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों को कार्यवाहक डीएसपी की जिम्मेदारी दी थी। बाद में जारी हुए कुछ और आदेशों के बाद यह संख्या बढ़कर 183 हो गई। अब ये सभी अधिकारी औपचारिक डीपीसी का इंतजार कर रहे हैं, ताकि कार्यवाहक डीएसपी से नियमित डीएसपी पद पर पदोन्नति मिल सके। इसके बाद ही उनकी आगे की पदोन्नति का रास्ता साफ होगा।
इसी तरह सब इंस्पेक्टर से कार्यवाहक इंस्पेक्टर बने अधिकारी भी इंतजार में हैं कि उन्हें इंस्पेक्टर पद पर औपचारिक पदोन्नति (एमपी पुलिस विभाग में प्रमोशन) मिल जाए।
अभी नहीं पहुंचा कोई शेड्यूल
मप्र लोक सेवा आयोग में अब तक राजस्व विभाग, मध्यप्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग, फूड सेफ्टी विभाग, गृह निर्माण, स्कूल शिक्षा और श्रम विभाग की डीपीसी हो चुकी है।
बुधवार को उच्च शिक्षा विभाग के लिए डीपीसी हो रही है। इसके बाद पीएचई और राज्य निर्वाचन विभाग के लिए भी पत्र जारी हो चुका है। लेकिन पुलिस विभाग (MP Police) में पदोन्नति के लिए अभी तक कोई पत्र नहीं आया है। इसी वजह से पुलिस विभाग की DPCकी तारीख अभी तय नहीं हो पाई है।
13 जुलाई से पहले हो जाए तो अच्छा
वहीं पुलिस विभाग को इस बात की भी चिंता है कि पदोन्नति (police promotion) का मामला हाईकोर्ट में लंबित है। इस मामले में 13 जुलाई को अगली सुनवाई होनी है। ऐसे में अधिकारियों को आशंका है कि कहीं कोर्ट से कोई स्टे न आ जाए या पदोन्नति (पुलिस प्रमोशन में बड़ा खेल!) प्रक्रिया पर रोक न लग जाए। इसलिए सभी कार्यवाहक अधिकारी चाहते हैं कि जल्द से जल्द डीपीसी हो जाए, ताकि उनके पद से ‘कार्यवाहक’ शब्द हटे और उन्हें नियमित पदोन्नति मिल सके।
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