एमपी पुलिस की सुस्ती पर सीएम मोहन सख्त, 11 हजार से ज्यादा लोगों ने की शिकायत
Aman Vaishnav | Jul 07, 2026, 12:10 IST
एमपी पुलिस की सुस्ती पर सीएम मोहन सख्त
मध्यप्रदेश में 11 हजार से ज्यादा लोगों ने पुलिस के व्यवहार, FIR में देरी और जांच को लेकर शिकायतें दर्ज कराई हैं। सीएम मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन ने इस मामले पर कड़ा संज्ञान लिया है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- 11 हजार से ज्यादा लोगों ने मध्यप्रदेश पुलिस के कामकाज को लेकर शिकायत की है।
- लोगों की मांग है कि एफआईआर जल्दी दर्ज हो और जांच तेज हो।
- थाने और चौकियों में अच्छे व्यवहार की भी मांग उठी है।
- सीएम डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन ने इन शिकायतों पर संज्ञान लिया है।
- पुलिस से सुधार की अपेक्षा जताई गई है।
लोगों की मुख्य शिकायतें
कई लोगों ने बताया कि जब वे अपराध का शिकार होने के बाद थाने पहुंचते हैं, तो पहले उन्हें ही डांटा-फटकारा जाता है। इससे पीड़ित को कानूनी मदद मिलने की बजाय परेशानी बढ़ जाती है।
एफआईआर दर्ज करने में देरी
दबाव बनाने या जान-पहचान का सहारा लेने के बाद ही एफआईआर दर्ज होती है। इसके बाद भी जांच में देरी की जाती है, जिसका सीधा फायदा आरोपियों को मिलता है।
आरोपियों की गिरफ्तारी न होना
यह स्थिति पीड़ितों के भरोसे को कमजोर करती है। साथ ही कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।
आंकड़ों में पूरा मामला
वहीं चार हजार 800 लोगों ने जांच में देरी की शिकायत की है। इसके अलावा 1340 लोगों का कहना है कि एफआईआर तो दर्ज हुई, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। जबकि 361 लोगों ने पुलिस के खराब व्यवहार की शिकायत की है।
कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
इनमें से कुछ के खिलाफ जांच अब भी जारी है। वहीं कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया जा चुका है। इससे साफ है कि प्रशासन शिकायतों को गंभीरता से ले रहा है।
झूठी शिकायतों का भी खुलासा
ऐसी शिकायतों का मकसद पुलिस पर दबाव बनाकर सामने वाले को परेशान करना था। जांच में पर्याप्त सबूत न मिलने पर इन शिकायतों को नस्तीबद्ध कर दिया गया।
सीएम और मुख्य सचिव का संज्ञान
ये खबरें भी पढ़िए...
पुलिस की खुली पोल, लड़की को मृत मानकर पिता-भाई को भेजा जेल, वो प्रेमी के साथ आई वापस
छतरपुर में पुलिस कस्टडी में चार की मौत, हाई कोर्ट ने सरकार और DGP से मांगा जवाब
विधायक दिनेश गुर्जर के बेटे का रसूख, पुलिस के साथ मिलकर युवकों को पीटने का आरोप
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
By VINAY VERMA
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
By Ashish Bhardwaj