आरक्षक भर्ती 2025 : दो साल पुरानी भर्ती के आरक्षकों से फुल ट्रेनिंग सेंटर, प्रशिक्षण में नई भर्ती को डेढ़ माह का इंतजार
News in Short
- दो साल पुरानी भर्ती में देरी से 2023 में चयनित आरक्षकों का चल रहा प्रशिक्षण।
- मई माह में पासिंग आउट के बाद जून से शुरू हो सकती है नई भर्ती की ट्रेनिंग।
- 9 अप्रैल को जारी किया गया था साल 2025 की पुलिस आरक्षक भर्ती का रिजल्ट।
- नई भर्ती से चुने गए 6525 आरक्षकों को डेढ़ माह बाद मिलेगा ट्रेनिंग का मौका।
- प्रशिक्षण में देरी से पोस्टिंग पिछड़ने को लेकर चिंतित नजर आ रहे चयनित युवा।
News in Detail
मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती 2025 से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। 7500 पदों की भर्ती (7500 police constable) में चयनित 6 हजार 525 युवा अब आरक्षक ट्रेनिंग का इंतजार कर रहे हैं। अब तक उन्हें प्रशिक्षण के लिए ट्रेनिंग सेंटर आवंटित नहीं किए गए हैं। इस वजह से चयनित युवाओं की ट्रेनिंग में देरी होने का आशंका है। वहीं पुलिस मुख्यालय की प्रशिक्षण शाखा अगले डेढ़ दो माह में नई भर्ती का प्रशिक्षण शुरू करने का भरोसा दिला रही है।
पुराने बैच की ट्रेनिंग से हुई देरी
मध्य प्रदेश में दो साल में पुलिस मुख्यालय के लिए ईएसबी आरक्षकों की दो भर्ती कर चुका है। एक भर्ती 2023 में हुई थी जो 7000 पदों के लिए थी। इसे पूरा होने में डेढ़ साल लगा था। वहीं दूसरी भर्ती 2025 में हुई थी, जिसका रिजल्ट 9 अप्रैल को चंद माह बाद ही आ गया। दोनों भर्तियों के बीच समय के अंतराल के कारण अब प्रशिक्षण संबंधी समस्या खड़ी हो गई है।
2023 की भर्ती की प्रक्रिया पूरी होने में समय लगने के कारण प्रशिक्षण में भी देरी हुई। इस वजह से इस भर्ती के आरक्षकों का प्रशिक्षण अभी चल ही रहा है। यह मई माह के आखिरी में पूरा हो सकता है। इस स्थित में 2025 की भर्ती के आरक्षकों की ट्रेनिंग जून के आखिरी सप्ताह तक ही शुरू हो पाएगी।
एक माह चलेगा प्रशिक्षण
MP Police Constable Bharti 2025की भर्ती से चुने गए 6 हजार 525 आरक्षकों को प्रशिक्षण के लिए फिलहाल डेढ़ से दो माह इंतजार करना होगा। इसकी वजह पुराने बैच के आरक्षकों के प्रशिक्षण के अलावा प्रशिक्षण केंद्रों में कार्यरत ट्रेनर्स का विशेष प्रशिक्षण भी है।
एडीजी प्रशिक्षण राजाबाबू सिंह ने द सूत्र को बताया कि नए आरक्षकों को 9 महीने का प्रशिक्षण देने वाले ट्रेनर्स के लिए रिफ्रेशर कोर्स जरूरी है। इसलिए, उनके लिए भी एक ओवरहॉलिंग कोर्स कराया जाता है। मई में 2023 बैच की भर्ती का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ट्रेनर्स को यह कोर्स करवाया जाएगा। इसका उद्देश्य पाठ्यक्रम को बेहतर बनाना है, इसलिए यह प्रशिक्षण जरूरी है।
प्रशिक्षण में देरी का पोस्टिंग पर असर
अप्रैल 2026 में चयनित युवा जल्द से जल्द प्रशिक्षण शुरू होने की आस लगाए हैं। उनका मानना है कि प्रशिक्षण में जितनी देरी होगी, जिलों में उनकी पोस्टिंग पर भी इसका असर पड़ेगा।
हांलाकि एडीजी प्रशिक्षण राजाबाबू सिंह ने उनकी आशंका का निराकरण किया है। उनका कहना है कि इस भर्ती में आरक्षकों का चयन जिलों के आधार पर ही किया गया है। यानी पहले से तय है कि किस आरक्षक को किस जिले में तैनाती मिलेगी। इसलिए प्रशिक्षण में देरी का उनकी पोस्टिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
प्रशिक्षण केंद्रों में जारी है ट्रेनिंग
2025 में उन आरक्षकों का प्रशिक्षण शुरू हुआ था जो 2023 की भर्ती के जरिए चुने गए थे। इन आरक्षकों को 9 माह का प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा करना है। इस पाठ्यक्रम को पूरा होने में अभी भी एक माह से अधिक लगेगा। प्रदेश के इंदौर में 996, सागर में 305, तिघरा में 554, उमरिया में 232, रीवा में 472, पचमढ़ी में 207, उज्जैन में 206 और भौंरी में 526 चयनित आरक्षण ट्रेनिंग ले रहे हैं। इस वजह से फिलहाल ये सभी पुलिस प्रशिक्षण केंद्र फुल हैं।
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