सीएम मोहन यादव के गृह विभाग में शुरू हुई पदोन्नति पर हलचल, डीपीसी तैयारी पर बैठक
मध्यप्रदेश में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे अधिकारियों की प्रक्रिया अब शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (पीएससी) में 6 जुलाई से अलग-अलग विभागों की डीपीसी बैठकें हो रही हैं। अब तक करीब दर्जनभर विभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह मंत्रालय में अभी तक डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) की बैठक तय नहीं हुई थी। द सूत्र ने इस मुद्दे पर बुधवार को खबर प्रकाशित की, जिसके बाद पुलिस मुख्यालय में हलचल तेज हो गई और अधिकारियों ने प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए पत्र जारी कर दिए।
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एमपी पुलिस कार्यवाहक 183 डीएसपी में निराशा, सीएम के गृह विभाग में ही पदोन्नति की हलचल नहीं
यह पत्र जारी किए गए
द सूत्र की खबर के बाद बुधवार 8 जुलाई को सहायक पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक अमित सक्सेना ने सभी पुलिस इकाइयों (एमपी पुलिस विभाग में प्रमोशन) को पत्र जारी किया। इसमें एसआई से इंस्पेक्टर, सूबेदार से रक्षित निरीक्षक और सहायक उपनिरीक्षक से उपनिरीक्षक पद पर पदोन्नति के लिए जरूरी जानकारी मांगी गई है। यह जानकारी 9 जुलाई तक भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा एक अन्य पत्र जारी कर 1 जनवरी 2026 की स्थिति में अधिकारियों पर कोई विभागीय जांच या अन्य मामला लंबित है या नहीं, इसकी जानकारी भी मांगी गई है। ताकि पदोन्नति प्रक्रिया के दौरान स्थिति स्पष्ट रहे।
गुरुवार को बुलाई बैठक- आईजी एडमिन
द सूत्र ने इस संबंध में आईजी एडमिन पुलिस हरिनारायण चारी मिश्रा (MP Police) से भी बात की। उन्होंने कहा कि डीपीसी को लेकर कई जानकारियां मांगी गई हैं। इन सभी जानकारियों के साथ गुरुवार को बैठक हो रही है। इसके बाद देर शाम तक डीपीसी को लेकर स्थिति साफ हो जाएगी कि इसे कब आयोजित कर सकेंगे।
183 कार्यवाहक डीएसपी इंतजार में
मध्यप्रदेश पुलिस विभाग ने लंबे इंतजार के बाद 10 मार्च 2024 को आदेश जारी कर 103 इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों को कार्यवाहक डीएसपी का प्रभार दिया था। इसके बाद कुछ और आदेश जारी हुए और कुल 183 अधिकारी कार्यवाहक डीएसपी बन गए। अब ये सभी अधिकारी औपचारिक डीपीसी का इंतजार कर रहे हैं।
डीपीसी पूरी होने के बाद इन्हें कार्यवाहक से नियमित डीएसपी पद पर पदोन्नति मिल सकेगी। इसके बाद ही आगे की पदोन्नति प्रक्रिया का रास्ता खुलेगा। इसी तरह सब इंस्पेक्टर से कार्यवाहक इंस्पेक्टर बने अधिकारी भी नियमित रूप से इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं।
13 जुलाई से पहले हो जाए तो अच्छा
एमपी पुलिस विभाग को इस बात की भी चिंता है कि पदोन्नति का मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। इस मामले में अगली सुनवाई 13 जुलाई को होनी है। अधिकारियों को आशंका है कि कहीं कोर्ट से कोई रोक न लग जाए और पदोन्नति प्रक्रिया प्रभावित न हो। इसलिए सभी कार्यवाहक अधिकारी चाहते हैं कि जल्द से जल्द डीपीसी पूरी हो जाए, ताकि उनके पद से कार्यवाहक शब्द हटे और उन्हें नियमित पदोन्नति मिल सके।
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