MP पुलिस अब ड्रोन से गिराएगी आंसू गैस के गोले, 40 ड्रोन की खरीदी शुरू

Pawan Modiya | Jun 29, 2026, 23:00 IST
पुलिस खरीदेगी ड्रोन
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय कानून व्यवस्था बिगड़ने पर आंसू गैस के गोले गिराने के लिए 40 ड्रोन खरीद रहा है। हर ड्रोन की कीमत करीब 14 लाख रुपए होगी। बीएसएफ टेकनपुर के जरिए खरीदी होगी। दो से तीन महीने में सभी जिलों को ड्रोन मिलने की उम्मीद है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • MP पुलिस अब ड्रोन से आंसू गैस के गोले गिराएगी।
  • पुलिस मुख्यालय 40 ड्रोन खरीद रहा है।
  • एक ड्रोन की कीमत करीब 14 लाख रुपए होगी।
  • बीएसएफ टेकनपुर के जरिए खरीदी की जाएगी।
  • दो से तीन महीने में ड्रोन मिलने की उम्मीद है।

मध्य प्रदेश पुलिस अब भीड़ नियंत्रण के लिए नई तकनीक अपनाने जा रही है। कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति में पुलिस ड्रोन के जरिए आंसू गैस के गोले गिराने की तैयारी कर रही है। यह राज्य में पहली बार हो रहा है। इस ड्रोन में कैमरा भी लगा होगा। पहले कैमरे से देखा जाएगा कि भीड़ कहां जमा है। फिर तय किया जाएगा कि गोले कहां गिराना सही रहेगा। इसके बाद ही ड्रोन से गोले छोड़े जाएंगे।



पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए 40 ड्रोन खरीदने का फैसला किया है। एक ड्रोन की कीमत करीब 14 लाख रुपए होगी। यह खरीदी बीएसएफ (Border Security Force) यानी सीमा सुरक्षा बल के टेकनपुर सेंटर के माध्यम से होगी।



हर जिले को मिलेगा एक ड्रोन

मध्य प्रदेश में कुल 55 जिले हैं। पुलिस की योजना है कि 40 जिलों को एक-एक ड्रोन दिया जाए। बाकी 15 जिलों के पास अपना ड्रोन नहीं होगा। जरूरत पड़ने पर वहां पास के जिलों से ड्रोन भेजा जाएगा। कुछ राज्यों में यह तकनीक पहले से इस्तेमाल हो रही है। लेकिन मध्य प्रदेश में यह पहली बार खरीदी जा रही है। इससे राज्य की पुलिस व्यवस्था और हाईटेक हो जाएगी।



दोहरा फायदा देगा यह ड्रोन

अधिकारियों के मुताबिक इस ड्रोन से दो काम एक साथ हो सकेंगे। पहला काम आंसू गैस के गोले गिराना है। दूसरा काम घटनास्थल की रिकॉर्डिंग करना है। वैसे ड्रोन से रिकॉर्डिंग पहले भी होती है। लेकिन नए ड्रोन में ज्यादा उन्नत कैमरे लगे होंगे। इससे रिकॉर्डिंग की क्वालिटी और बेहतर हो जाएगी।



पथराव जैसी घटनाओं से मिलेगी राहत

कई बार आंसू गैस के गोले छोड़ने पर भीड़ शांत होने के बजाय उग्र हो जाती है। ऐसे मामलों में पुलिस पर पथराव जैसी घटनाएं भी हो जाती हैं। इससे पुलिसकर्मियों को चोट लगने का खतरा रहता है। नए ड्रोन से यह खतरा कम हो सकता है। पुलिस अब दूर से ही ड्रोन को नियंत्रित कर सकेगी। इससे पुलिसकर्मियों को सीधे भीड़ के सामने जाने की जरूरत कम पड़ेगी।



कैसे करेगा यह ड्रोन काम

ड्रोन में लगा कैमरा पहले पूरे इलाके की स्थिति दिखाएगा। पुलिस अधिकारी कंट्रोल रूम से ही भीड़ की स्थिति देख सकेंगे। इसके बाद तय होगा कि गोले कहां गिराना ठीक रहेगा। यह तरीका पुराने तरीके से अलग है। पहले पुलिसकर्मी खुद मौके पर जाकर गोले फेंकते थे। इससे कई बार पुलिस और भीड़ के बीच सीधा टकराव हो जाता था।



कब तक मिलेगा यह ड्रोन

पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन की खरीदी प्रक्रिया चल रही है। उनके मुताबिक दो से तीन महीने में ड्रोन उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसके बाद ड्रोन को जिलों में भेजा जाएगा। पुलिसकर्मियों को इसे चलाने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इससे आने वाले समय में भीड़ नियंत्रण का तरीका बदल सकता है।



क्यों जरूरी है यह बदलाव

राज्य में अक्सर प्रदर्शन और भीड़ जमा होने की घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे मौकों पर पुलिस को संतुलन बनाना पड़ता है। न ज्यादा सख्ती हो, न हालात बिगड़ें। ड्रोन तकनीक से पुलिस को दूर से ही सही फैसला लेने में मदद मिलेगी। इससे आम जनता और पुलिस दोनों के लिए खतरा कम हो सकता है।



आगे की तैयारी

अभी यह योजना शुरुआती चरण में है। ड्रोन आने के बाद इसका असली परीक्षण मैदान में होगा। पुलिस अधिकारी मानते हैं कि यह तकनीक राज्य की भीड़ प्रबंधन व्यवस्था को नई दिशा देगी। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह तकनीक वाकई कितनी कारगर साबित होती है।



जरूरी FAQ

मध्य प्रदेश पुलिस आंसू गैस के लिए ड्रोन क्यों खरीद रही है?



भीड़ नियंत्रण के दौरान कई बार आंसू गैस के गोले छोड़ने पर पुलिस पर पथराव हो जाता है। ड्रोन से पुलिस दूर से ही गोले गिरा सकेगी, जिससे पुलिसकर्मियों को सीधा खतरा कम होगा। यह भीड़ की सही जगह पहचानकर सटीक तरीके से गोले गिराने में भी मदद करेगा।



इस ड्रोन खरीदी पर कितना खर्च होगा और कहां से खरीदी होगी?



मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय 40 ड्रोन खरीद रहा है, जिनकी कीमत करीब 14 लाख रुपए प्रति ड्रोन होगी। यह खरीदी बीएसएफ (Border Security Force) के टेकनपुर सेंटर के माध्यम से की जाएगी, जहां ऐसे ड्रोन तैयार किए जाते हैं।



सभी जिलों को यह ड्रोन कब तक मिल जाएगा?



मध्य प्रदेश में 55 जिले हैं, जिनमें से 40 जिलों को एक-एक ड्रोन मिलने की योजना है। बाकी 15 जिलों में जरूरत पड़ने पर पास के जिलों से ड्रोन भेजा जाएगा। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दो से तीन महीने में ड्रोन उपलब्ध होने की उम्मीद है।



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