मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय का फरमान, अब 14 दिन में होगा FIR का फैसला

Anjali Dwivedi | Apr 16, 2026, 12:47 IST
Share
mp police preliminary enquiry rule
mp police preliminary enquiry rule

मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने निर्देश दिए हैं कि पुलिस को अब 14 दिनों के अंदर प्रारंभिक जांच पूरी करनी होगी। साथ ही एफआईआर पर भी फैसला लेना होगा।

News In Short

  • किसी भी मामले की प्रारंभिक जांच अब अधिकतम 14 दिनों में पूरी करना अनिवार्य है।
  • जांच शुरू करने से पहले डीएसपी रैंक के अधिकारी से मंजूरी लेना आवश्यक होगा।
  • केवल 3 से 7 साल तक की सजा वाले मामलों में ही प्रारंभिक जांच की अनुमति मिलेगी।
  • समय पर जांच पूरी न करने वाले पुलिस अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई होगी।
  • यह निर्देश भ्रष्टाचार और अवैध वसूली की शिकायतों को खत्म करने के लिए जारी किए गए हैं।

News In Detail

मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने राज्य की कानून व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब पुलिस किसी भी शिकायत को जांच के नाम पर महीनों तक ठंडे बस्ते में नहीं डाल पाएगी। अक्सर देखा जाता है कि पुलिस शिकायतों को जांच चल रही है कहकर लंबे समय तक लटकाए रखती है। इससे न केवल न्याय में देरी होती है, बल्कि भ्रष्टाचार और अवैध वसूली की गुंजाइश भी बनी रहती है।

इसी को रोकने के लिए PHQ की सीआईडी (CID) शाखा ने भोपाल और इंदौर के पुलिस कमिश्नर सहित सभी जिलों के एसपी को कड़े निर्देश जारी किए हैं। अब 14 दिनों के भीतर यह स्पष्ट करना होगा कि मामले में FIR दर्ज होगी या नहीं।

सुप्रीम कोर्ट के ललिता कुमारी फैसले का हवाला

पुलिस मुख्यालय ने अपने सर्कुलर में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य का संदर्भ दिया है। कोर्ट के मुताबिक, यदि किसी जानने योग्य अपराध की सूचना मिलती है, तो FIR दर्ज करना अनिवार्य है।

प्रारंभिक जांच (Preliminary Enquiry-PE) केवल बहुत ही सीमित और विशेष परिस्थितियों में ही की जा सकती है। हाल ही में एक जिला पुलिस द्वारा FIR दर्ज न करने और मामले को केवल जांच के दायरे में रखने पर न्यायालय ने कड़ी नाराजगी जताई थी, जिसके बाद यह सख्ती दिखाई गई है।

डीएसपी स्तर के अधिकारी की अनुमति होगी जरूरी

नए नियमों के मुताबिक, अब थाना प्रभारी अपनी मर्जी से हर मामले में प्रारंभिक जांच शुरू नहीं कर पाएंगे। वे केवल उन्हीं प्रकरणों में जांच कर सकते हैं जिनमें सजा की अवधि तीन से सात साल के बीच हो। इसके लिए भी उन्हें पहले डीएसपी स्तर के अधिकारी से लिखित अनुमति लेना जरूरी होगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि निचले स्तर पर शक्तियों का दुरुपयोग न हो सके।

भ्रष्टाचार और लेटलतीफी पर सीधा प्रहार

एमपी पुलिस मुख्यालय के पास ऐसी कई शिकायतें पहुंची थीं जिनमें जांच के नाम पर फाइलों को लंबित रखकर अवैध लाभ लेने की कोशिश की जा रही थी। अब यदि निर्धारित 14 दिनों की समयसीमा का उल्लंघन होता है, तो संबंधित जांच अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और आम जनता का भरोसा कानून पर बढ़ेगा।

ये खबरें भी पढ़ें...

कम वेतन से परेशान आउटसोर्स कर्मचारी, सामूहिक आत्मदाह की दी चेतावनी, खंडेलवाल को लिखा पत्र

ग्वालियर की महापौर पर जानलेवा हमला! बदमाशों ने रॉड से कार पर किया वार

नई तबादला नीति लागू करने की तैयारी में सरकार, अब प्रभारी मंत्रियों के पास होंगे विशेष अधिकार!

एमपी न्यूज: निगम-मंडल अध्यक्षों के नामों को दिल्ली से हरी झंडी! जल्द आएगी सूची

Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • एमपी न्यूज
  • भोपाल
  • एमपी पुलिस
  • मध्य प्रदेश
  • भ्रष्टाचार
  • मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई