सीएस अनुराग जैन को केंद्र का पत्र, कहा- अफसरों को सांसदों-विधायकों का सम्मान करना सिखाएं

Aman Vaishnav | May 07, 2026, 09:22 IST
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मध्य प्रदेश में नेताओं और अफसरों के बीच टकराव बढ़ गया है। केंद्र सरकार (DoPT) ने मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र लिखकर सख्त चेतावनी दी है। उन्होनें कहा है कि अधिकारी प्रोटोकॉल का पालन करें और जनप्रतिनिधियों को सम्मान दें।

मध्य प्रदेश में अब नेताओं और अफसरों के बीच का विवाद केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। केंद्र सरकार के DoPT के डिप्टी सेक्रेटरी जीके रजनीश ने राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि अफसरों को सांसदों और विधायकों के साथ सही तरीके से पेश आना सिखाया जाए।



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सरकार ने दी चेतावनी

केंद्र सरकार ने साफ शब्दों में कहा कि अफसरों को तय प्रोटोकॉल का पालन हर हाल में करना होगा। इसके साथ ही सरकार ने चेतावनी भी दी है कि, जनप्रतिनिधियों के पत्रों का जवाब समय पर और विनम्र तरीके से देना अनिवार्य है। राज्य सरकार से इस मामले पर जवाब मांगा है।



पहले भी इस मुद्दे पर हो चुकी चर्चा

केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) और संसद की ओर से इस मुद्दे पर पहले भी कई बार दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इससे पहले 12 जनवरी 2026 को भी एक आधिकारिक ज्ञापन जारी किया गया था।



मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ये निर्देश दिए गए थे कि ये दिशा-निर्देश हर जिले के अधिकारियों तक पहुंचाए जाएं। हालांकि, इसके बावजूद स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया, जिससे अब केंद्र को फिर से इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा है।



चार महीने में दूसरी बार लिखा पत्र

DoPT ने चार महीने में दूसरी बार मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। इस पत्र में सभी मंत्रालयों और विभागों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे अफसरों को जनप्रतिनिधियों के साथ सही तरीके से व्यवहार करने और उनकी जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक करें। केंद्र ने यह भी पूछा है कि अब तक इन निर्देशों का पालन कितना किया गया है।



मामला केंद्र तक कैसे पहुंचा?

मध्य प्रदेश विधानसभा में हर सत्र के दौरान विधायक शिकायत करते हैं। शिकायत में कहा गया है कि उन्हें सही प्रोटोकॉल नहीं दिया जाता है। उनके पत्रों का जवाब नहीं मिलता है।



हर बार सामान्य प्रशासन विभाग निर्देश जारी करता है। इसके बाद भी जमीनी स्तर पर हालात में ज्यादा बदलाव नहीं दिखाई देते हैं। यही वजह है कि अब यह मामला केंद्र सरकार तक पहुंच गया है।



आईएएस अधिकारी को धमकाने का मामला

हाल ही में जबलपुर में स्मार्ट सिटी के सीईओ और आईएएस अधिकारी अरविंद शाह को धमकाने का मामला सामने आया था। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह पर आरोप है कि उन्होंने आईएएस अधिकारी को अपने बंगले पर बुलाकर करीब आधे घंटे तक अपमानित किया था। इस मामले में आईएएस एसोसिएशन का विरोध खुलकर सामने आया था।



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विधायक की आईपीएस अधिकारी को धमकी

पिछले कुछ समय में शिवपुरी जिले के पिछोर से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी का मामला भी सुर्खियों में रहा है। उनके बेटे पर मारपीट का केस दर्ज होने के बाद विधायक ने एक युवा आईपीएस अधिकारी को धमकी दी थी।



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विधायक ने अधिकारियों पर लगाए आरोप

विधायक प्रदीप लारिया ने सागर जिले के अधिकारियों पर आरोप लगाए थे। उन्होनें कहा था कि वे विकास कार्यों की अनदेखी कर रहे हैं। साथ ही जनप्रतिनिधियों को सही सम्मान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर और कमिश्नर के कामकाज को लेकर अपनी नाराजगी जताई थी।



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