एमपी प्री PG काउंसलिंग में हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, इन-सर्विस डॉक्टरों के लिए 30% सीटों की सीमा तय
ओपन कैटेगरी के छात्रों ने मेरिट सूची को दी चुनौती
मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा निदेशालय (DME) ने काउंसलिंग के लिए मेरिट सूची जारी की थी। ओपन कैटेगरी के उम्मीदवारों ने इस सूची को हाईकोर्ट में चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं ने सूची तैयार करने के तरीके पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि दोनों श्रेणियों के अभ्यर्थियों की मेरिट सूचियां आपस में मिला दी गईं। इससे ओपन कैटेगरी के उम्मीदवारों की मेरिट और सीट आवंटन प्रभावित हो रहा था।
बेहतर मेरिट के बावजूद पसंदीदा सीट मिलने में परेशानी
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य सांघी ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि PG मेडिकल शिक्षा में मेरिट का सबसे अधिक महत्व है। अधिक अंक वाले उम्मीदवारों को उनकी योग्यता के अनुसार सीट मिलनी चाहिए। लेकिन संयुक्त सूचियों के कारण आवंटन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इससे बेहतर मेरिट वाले छात्र पसंदीदा विशेषज्ञता में प्रवेश से वंचित हो सकते हैं।
30% आरक्षण की सीमा से अधिक सीटें देने का आरोप
याचिकाकर्ताओं ने निर्धारित सीट सीमा का पालन नहीं होने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कुछ विशेषज्ञताओं में इन-सर्विस डॉक्टरों को अधिक सीटें दी जा रही हैं। इससे सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। अदालत के सामने दोनों श्रेणियों की मेरिट सूचियां अलग रखने का मुद्दा भी उठाया गया।
हाईकोर्ट ने सीट आवंटन की सीमा तय की
सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी। अदालत ने प्रत्येक विशेषज्ञता (Discipline of Specialisation) में सीट आवंटन की सीमा स्पष्ट की। इसके अनुसार इन-सर्विस डॉक्टरों को कुल उपलब्ध सीटों में अधिकतम 30% आवंटन मिलेगा। किसी भी स्थिति में यह सीमा पार नहीं की जा सकेगी। साथ ही, दोनों श्रेणियों की मेरिट सूचियों को मिलाने पर रोक लगाई गई है। अब काउंसलिंग में अलग-अलग मेरिट और निर्धारित सीट सीमा का पालन करना होगा।
सरकार और DME से 5 नवंबर तक मांगा जवाब
हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश शासन और निदेशक चिकित्सा शिक्षा को नोटिस जारी किया है। दोनों पक्षों को गुरुवार, 5 नवंबर 2026 तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार को मेरिट सूची तैयार करने का आधार स्पष्ट करना होगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग को सीट आवंटन में निर्धारित सीमा के पालन की जानकारी देनी होगी।
10 नवंबर को खत्म होगा काउंसलिंग का पहला चरण
एमपी प्री PG काउंसलिंग का पहला चरण अभी चल रहा है। इसकी सीट आवंटन और प्रवेश प्रक्रिया 10 नवंबर 2026 को समाप्त होनी है। ऐसे में अगली सुनवाई और सरकार के जवाब पर सभी की नजर रहेगी। हाईकोर्ट के आदेश से फिलहाल ओपन कैटेगरी के अभ्यर्थियों को राहत मिली है। अब DME को अदालत के निर्देशों के अनुसार आवंटन प्रक्रिया पर निर्णय लेना होगा।