प्रमोशन में आरक्षण मामला एक्टिंग चीफ जस्टिस की बेंच में लिस्ट, 7 को फिर सुनवाई
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- प्रमोशन में आरक्षण मामला 7 जुलाई 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध।
- एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिविजनल बेंच करेगी सुनवाई।
- कॉज लिस्ट में मामला 17वें क्रमांक पर सूचीबद्ध।
- सुनवाई कोर्ट के फर्स्ट हॉफ में होने की संभावना।
- लंबे समय से लंबित मामले में लाखों कर्मचारियों की उम्मीदें फिर जगीं।
मध्य प्रदेश के बहुचर्चित प्रमोशन में आरक्षण मामले में आखिरकार बड़ा अपडेट सामने आ गया है। लंबे समय से फैसले और अगली सुनवाई का इंतजार कर रहे लाखों कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है।
एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिविजनल बेंच में यह मामला 7 जुलाई 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हो गया है। पहले केवल कंप्यूटर जनरेटेड तारीख दिखाई दे रही थी, लेकिन अब आधिकारिक कॉज लिस्ट में मामला शामिल होने से सुनवाई तय हो गई है।
अब आधिकारिक कॉज लिस्ट में पहुंचा मामला
पिछले कई दिनों से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की वेबसाइट पर प्रमोशन में आरक्षण मामले में 7 जुलाई 2026 की कंप्यूटर जनरेटेड तारीख दिखाई दे रही थी।
हालांकि, उस समय तक यह मामला किसी भी डिविजनल बेंच के रोस्टर या आधिकारिक कॉज लिस्ट में शामिल नहीं था। इसी वजह से कर्मचारियों और अधिवक्ताओं के बीच केवल कयास लगाए जा रहे थे कि क्या वास्तव में इस दिन सुनवाई होगी या फिर तारीख आगे बढ़ जाएगी। अब यह असमंजस पूरी तरह खत्म हो गया है।
हाईकोर्ट की ताजा कॉज लिस्ट में यह मामला आधिकारिक रूप से एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिविजनल बेंच के समक्ष सूचीबद्ध कर दिया गया है।
17वें नंबर पर लिस्ट, फर्स्ट हॉफ में होगी सुनवाई
हाईकोर्ट द्वारा जारी कॉज लिस्ट के अनुसार यह मामला डिविजनल बेंच में 17वें क्रमांक पर रखा गया है। सूची के अनुसार इसकी सुनवाई मंगलवार, 7 जुलाई को कोर्ट के प्रथम सत्र (फर्स्ट हॉफ) में होगी।
लंबे समय से इस मामले की अगली सुनवाई का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह सबसे बड़ा अपडेट माना जा रहा है। अब यह स्पष्ट हो गया है कि मामला फिर से न्यायिक प्रक्रिया में सक्रिय हो गया है और अदालत इस पर आगे की सुनवाई करेगी।
17 फरवरी से सुरक्षित फैसले के बाद अब नया मोड़
यह वही मामला है जिसमें 17 फरवरी 2026 को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की डिविजनल बेंच ने विस्तृत सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद 90 दिनों से अधिक समय बीत गया, लेकिन अंतिम निर्णय सामने नहीं आया।
इसी दौरान न्यायमूर्ति विनय सराफ का इंदौर खंडपीठ में स्थानांतरण हो गया और मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त हो गए।
इन घटनाक्रमों के बाद मामला लंबे समय तक लंबित रहा और कर्मचारियों के बीच यह सवाल बना रहा कि अब इसकी सुनवाई किस बेंच में होगी। अब एक्टिंग चीफ जस्टिस की नई डिविजनल बेंच में सूचीबद्ध होने के साथ ही इस अनिश्चितता का अंत हो गया है।
प्रमोशन तैयारियों के बीच सुनवाई का महत्व
इधर राज्य सरकार भी मध्य प्रदेश लोक सेवा (पदोन्नति) नियम, 2025 के तहत प्रमोशन की तैयारियां तेज कर चुकी है। विभिन्न विभागों में वरिष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
सरकार का कानूनी पक्ष यह है कि फिलहाल प्रमोशन प्रक्रिया पर कोई स्पष्ट लिखित स्थगन आदेश प्रभावी नहीं है। दूसरी ओर मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
ऐसे में 7 जुलाई की सुनवाई का महत्व और बढ़ गया है, क्योंकि अदालत की आगे की कार्यवाही से यह स्पष्ट हो सकता है कि प्रमोशन प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
लाखों कर्मचारियों की टिकी हैं उम्मीदें
प्रमोशन में आरक्षण का यह मामला प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। कई वर्षों से नियमित पदोन्नति नहीं होने के कारण विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में वरिष्ठ पद रिक्त नहीं हो पाए हैं। इसका असर नई भर्तियों पर भी पड़ा है, क्योंकि ऊपरी पद खाली नहीं होने से नीचे के पदों पर भी नियुक्तियों की प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
यही कारण है कि इस मामले का असर केवल वर्तमान कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं पर भी पड़ रहा है।
अब सबकी नजर 7 जुलाई की सुनवाई पर
कई महीनों की प्रतीक्षा, कानूनी बहस और लगातार बदलते घटनाक्रम के बाद आखिरकार प्रमोशन में आरक्षण मामला फिर हाईकोर्ट की डिविजनल बेंच के समक्ष पहुंच गया है।
अब प्रदेशभर के कर्मचारी, कर्मचारी संगठन, अधिवक्ता और प्रशासनिक अधिकारी 7 जुलाई की सुनवाई पर नजर बनाए हुए हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस सुनवाई से लंबे समय से लंबित इस विवाद की दिशा स्पष्ट होगी और प्रदेश में रुकी हुई प्रमोशन प्रक्रिया को लेकर भी आगे का रास्ता तय होने लगेगा।
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