सीएम डॉ. मोहन यादव की इंदौर में कही बात हुई सही साबित- तीसरी सीट जाएगी कहां
राज्यसभा तीन सीटों के लिए मप्र में चुनाव है, लेकिन इसके पहले ही कांग्रेस के साथ खेल हो गया। आंकड़ों के हिसाब से दो प्रत्याशी रजनीश अग्रवाल, तरूण चुग की जीत तय थी। बाद में बीजेपी ने तीसरी सीट के लिए महेश केवट को उतार दिया।
कांग्रेस से मीनाक्षी नटराजन उम्मीदवार थी। उधर कांग्रेस को आपरेशन लोटस का खतरा था और इधर उनके प्रत्याशी का नामांकन फार्म ही खारिज हो गया। तीनों सीट बीजेपी के खाते में चली गई। इधर सीएम डॉ. मोहन यादव सही साबित हुए।
यह बोले थे सीएम- जाएगी कहां
सीएम निवेश फोरम के बाद इंदौर में 6 जून की शाम को प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। निवेश व भविष्य की संभावनाएं पर बात हुई। इसके बाद वह उठ गए। तभी सवाल हुआ था कि क्या बीजेपी राज्यसभा की तीसरी सीट पर भी आएगी। तब वह जाते-जाते मुस्करा कर बोले- जाएगी कहां।
दो शब्दों ने मचा दी थी कांग्रेस में हलचल
राज्यसभा चुनाव को लेकरसीएम के इन दो शब्दों की बात से ही कांग्रेस में हलचल मच गई थी। कांग्रेस पहले ही राज्यसभा की एक सीट लेने के जादुई आंकड़़े 58 से कुछ ही ऊपर थी। ऐसे में कांग्रेस को लगा कि उनके विधायक तोड़े जाएंगे और हार्स ट्रेडिंग होगी।
पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया ने तो आरोप लगा दिए कि पांच-पांच करोड़ में विधायक को खरीदी की कोशिश हो रही है। लेकिन इधर कांग्रेस सेल्फ गोल कर बैठी।
लोकसभा में भी निर्दलीय प्रत्याशी में खेल हुआ था
यह पहली बार नहीं है। कांग्रेस ने इंदौर की लोकसभा सीट पर भी चूक की थी। कांग्रेस ने हर सीट पर डमी प्रत्याशी भी उतारे थे, ताकि यदि प्रत्याशी गया या नामांकन खारिज हुआ तो दूसरा आ जाएगा।
लेकिन इंदौर में मोती पटेल को निर्दलीय प्रत्याशी बनाने में फार्म में भारी चूक की, दस प्रस्तावक ही नहीं रखे और उन्हें भी कांग्रेस प्रत्याशी बनाकर उतार दिया।
जब अक्षय बम ने फार्म वापिस लिया और कांग्रेस ने मोती को उम्मीदवार बताया तो उनके पास प्रस्तावक ही पूरे नहीं थे और फार्म खारिज हो गया। उस समय भी मोती पटेल ने कांग्रेस के जिम्मेदारों पर आरोप लगाए थे।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहले ही चेता चुके थे
इसी मामले में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पांच जून को ही बड़ी बात कह चुके थे। उन्होंने साफ कहा था कि यदि पार्टी तीसरा उम्मीदवार उतारती है तो फिर उसे जिताएंगे।
इसके पहले भी लोकसभा चुनाव के समय जून 2024 में कांग्रेस के उम्मीदवार को ही वह अपनी गाड़ी में ले उड़े थे और अक्षय कांति बम ने बीजेपी ज्वाइन कर ली थी। जिसे सीएम डॉ. मोहन यादव भागा हुआ दूल्हा कहते हैं।
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