हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हुआ 13 साल की रेप पीड़िता का गर्भपात , केंद्रीय मंत्री को आना पड़ा बीच में

Sourabh Bhatnagar | May 28, 2025, 08:26 IST
mp-rape-victim-abortion-delay-high-court-order-violation
मध्य प्रदेश में 13 साल की दुष्कर्म पीड़िता को हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी समय पर गर्भपात नहीं मिला। इससे प्रदेश के सरकारी सिस्टम की संवेदनहीनता और उदासीनता हाई कोर्ट के आदेश की खुलेआम अवहेलना कर साबित हो गई है।

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के धार जिले (Dhar District) में 13 साल की नाबालिग लड़की के साथ हुई दर्दनाक घटना ने सरकारी सिस्टम की कमजोरी को स्पष्ट कर दिया है। उच्च न्यायालय (High Court) ने गर्भपात (Abortion) का आदेश मंगलवार सुबह 11 बजे तक देने के बावजूद, पीड़िता को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाई।



हाई कोर्ट ने दिया था स्पष्ट आदेश, पर सिस्टम रहा नाकाम

दुष्कर्म, भटकाव और सिस्टम की बेरुखी

धार के एक छोटे से गांव की यह नाबालिग तीन महीने पहले कुछ बदमाशों द्वारा अगवा कर अहमदाबाद ले जाई गई। वहां दरिंदों ने उसका दुष्कर्म किया। जब वह वापस लौटी, तो उसका मासूम बचपन पूरी तरह छिन चुका था।



परिवार ने तिरला थाने (Tirla Police Station) जाकर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उन्हें एक थाने से दूसरे थाने के चक्कर लगवाए गए। पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। परिवार ने कोर्ट का सहारा लिया, जहां पता चला कि लड़की गर्भवती है।



खबर यह भी...NGT और हाई कोर्ट के नोटिस के बाद भी भोपाल में नहीं तोड़े गए 1100 से अधिक अवैध निर्माण



गंभीर बीमारी के साथ जुझ रही है पीड़िता

डॉक्टर एमके बर्मन के अनुसार, पीड़िता सिकल सेल (Sickle Cell Disease) की गंभीर बीमारी से ग्रस्त है। गर्भपात के दौरान जटिलताओं की आशंका के कारण उसे इंदौर रेफर किया गया। मेडिकल कॉलेज में भी चिकित्सा प्रक्रिया देर से शुरू हुई, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई।



हाई कोर्ट के आदेश की अवमानना पर सवाल

यह मामला मध्य प्रदेश सरकार के सिस्टम की गंभीर असफलता को उजागर करता है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया, लेकिन अस्पताल प्रशासन और पुलिस प्रशासन की लापरवाही के कारण पीड़िता को वह सहायता नहीं मिल पाई जिसकी उसे तत्काल आवश्यकता थी।



FAQ

  1. 1. दुष्कर्म पीड़िता के लिए गर्भपात की अनुमति कैसे मिलती है?
    दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात के लिए हाई कोर्ट या अन्य संबंधित न्यायालय से अनुमति लेनी होती है। यह विशेष रूप से नाबालिगों के मामले में आवश्यक होता है। कोर्ट पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट और स्थिति के आधार पर आदेश जारी करता है।
  2. 2. हाई कोर्ट का गर्भपात आदेश कब तक लागू होता है?
    हाई कोर्ट का आदेश प्रायः तत्काल प्रभाव से लागू होता है। आदेश में स्पष्ट समय सीमा दी जाती है, जैसे इस मामले में सुबह 11 बजे तक गर्भपात कराने का निर्देश था। प्रशासन को आदेश का पालन सुनिश्चित करना होता है।

thesootr links

गर्भपात के लिए याचिका | गर्भपात पर बहस | हाईकोर्ट ने दी गर्भपात की अनुमति | Rape Victim | MP High Court | Mp high court decision | MP News



Tags:
  • MP News
  • MP High Court
  • मध्य प्रदेश
  • मध्य प्रदेश सरकार
  • Rape Victim
  • हाईकोर्ट ने दी गर्भपात की अनुमति
  • Mp high court decision
  • गर्भपात
  • गर्भपात के लिए याचिका
  • गर्भपात पर बहस