एमपी सरकार वैष्णो देवी मॉडल से सीखेगी भीड़ नियंत्रण, महाकाल में होगा आधुनिक विकास
समझें पूरा मामला...
- MP टीम वैष्णो देवी व्यवस्था का अध्ययन कर रही।
- महाकाल लोक के बाद एकात्म धाम बनेगा।
- सिंहस्थ 2028 के लिए 30,000 करोड़ खर्च होंगे।
- ओंकारेश्वर में 3000 करोड़ का विकास कार्य जारी।
- धार्मिक स्थलों पर ऑनलाइन रिकॉर्ड सिस्टम आएगा।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार्मिक स्थलों (Religious Places) पर भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) और सुरक्षा व्यवस्था सुधारने का बड़ा ऐलान किया है। जम्मू में माता वैष्णो देवी धाम के दौरे पर CM ने कहा कि MP की एक टीम देश के प्रमुख धार्मिक स्थानों की स्टडी कर रही है। इसके बाद सरकार जल्द ही बड़े फैसले लेगी।
CM यादव का जम्मू में बड़ा बयान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को जम्मू में थे। उन्होंने स्थानीय मीडिया से चर्चा में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) धार्मिक स्थलों (Religious Places) की व्यवस्था सुधारने पर काम कर रही है।
राज्य के सभी प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) बेहतर किया जाएगा। इसके लिए देशभर में अध्ययन किया जा रहा है।
वैष्णो देवी मॉडल से लेगी MP सरकार सीख
CM डॉ. यादव ने कहा कि मां वैष्णो देवी मंदिर की व्यवस्थाएं अद्भुत हैं। श्राइन बोर्ड के पास हर श्रद्धालु का ऑनलाइन रिकॉर्ड रहता है। वहां एक विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और सेवा संस्थान भी चलाए जाते हैं। यहां यात्रियों को सुव्यवस्थित और सुविधाजनक अनुभव मिलता है। MP सरकार का प्रतिनिधिमंडल इन्हीं व्यवस्थाओं का गहन अध्ययन करेगा।
देश के धार्मिक स्थलों की हो रही स्टडी
मध्यप्रदेश सरकार की एक टीम देश के प्रमुख धार्मिक स्थानों (Religious Tourism) का दौरा कर रही है। इसमें भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं की जांच हो रही है।
अध्ययन पूरा होने के बाद प्रतिनिधिमंडल सरकार को सुझाव देगा। इन सुझावों पर अमल करते हुए MP के सभी धार्मिक स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
महाकाल और ओंकारेश्वर में बड़ा विकास
CM डॉ. यादव ने उज्जैन में भव्य श्री महाकाल लोक की सफलता का जिक्र किया। अब श्री ओंकारेश्वर धाम (Omkareshwar Dham) में एकात्म धाम बन रहा है।
इस परियोजना पर लगभग 3 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) को नई ऊंचाई देगा। ओरछा में श्री राजाराम लोक का काम भी तेजी से चल रहा है।
सिंहस्थ 2028 के लिए 30 हजार करोड़
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 (Simhastha 2028) की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस महाकुंभ के लिए करीब 30 हजार करोड़ रुपए के निर्माण कार्य जारी हैं। यह आयोजन भव्य और दिव्य बनाया जाएगा। लाखों श्रद्धालुओं के लिए सभी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह मध्यप्रदेश के लिए ऐतिहासिक आयोजन होगा।
भोजशाला और अन्य धार्मिक स्थल
धार भोजशाला (Bhojshala) को हाईकोर्ट ने हाल ही में मां वाग्देवी मंदिर के रूप में मान्यता दी। यह MP के प्रमुख धार्मिक स्थलों की सूची में शामिल है। उज्जैन का श्री महाकालेश्वर देवस्थान और ओंकारेश्वर देवस्थान भी प्राथमिकता सूची में हैं। इन सभी स्थलों पर आधुनिक विकास कार्य कराए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग से चर्चा
CM डॉ. यादव ने वैष्णो देवी दर्शन के बाद जम्मू-कश्मीर के पर्यटन विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। श्राइन बोर्ड के पूर्व राज्यपाल जगमोहन ने यहां जो व्यवस्थाएं बनाई थीं, उनसे MP सीख लेगा। सरकार यहां की सफल व्यवस्थाओं को अपने धार्मिक स्थलों पर लागू करेगी।
श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
MP सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर धार्मिक स्थल पर विश्वस्तरीय सुविधाएं हों। भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) से हादसों की संभावना कम होगी। सुरक्षा व्यवस्था (Security Management) मजबूत होने से श्रद्धालुओं को शांति मिलेगी। सरकार का यह कदम धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
ये खबरें भी पढ़ें...
एमपी गेहूं खरीदी में देश में आगे, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी खुशखबरी
इंदौर का 90% पानी जहरीला, जीतू पटवारी के आरोप पर महापौर बोले- ये कांग्रेस की ओछी राजनीति
500 करोड़ की डेयरी अर्थव्यवस्था बर्बाद कर रहा सिस्टम, नदी को बना दिया नाला
आईएएस संतोष वर्मा को चौथे फेज में भी नहीं मिलेगी मसूरी ट्रेनिंग की अनुमति! जानें वजह