शैलेंद्र सिंह को रेरा की कमान, संजय गुप्ता सदस्य; रविंद्र सिंह रेरा ट्रिब्यूनल में नियुक्त

Amresh Kushwaha | Aug 16, 2026, 11:32 IST
शैलेंद्र सिंह को रेरा की कमान
शैलेंद्र सिंह को रेरा का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं संजय गुप्ता को रेरा का सदस्य और रविंद्र सिंह को रेरा ट्रिब्यूनल का सदस्य नियुक्त किया गया है। तीनों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्यप्रदेश रेरा में सरकार ने तीन बड़ी नियुक्तियां की हैं।
  • शैलेंद्र सिंह को रेरा का नया अध्यक्ष बनाया गया है।
  • संजय गुप्ता को प्राधिकरण का सदस्य नियुक्त किया गया है।
  • रविंद्र सिंह को अपीलीय प्राधिकरण में जिम्मेदारी दी गई है।
  • यह बदलाव घर खरीदारों और बिल्डरों दोनों के लिए अहम है।

मध्यप्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर की निगरानी करने वाली संस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश भू संपदा विनियामक प्राधिकरण यानी MP RERA (Real Estate Regulatory Authority) में तीन अहम नियुक्तियां की हैं। इनमें अध्यक्ष पद के साथ दो और महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। यह फैसला रियल एस्टेट क्षेत्र की निगरानी को और मजबूत करने के लिए लिया गया है। इन नियुक्तियों से प्राधिकरण के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।



शैलेंद्र सिंह बने नए अध्यक्ष

MP RERA के नए अध्यक्ष के रूप में शैलेंद्र सिंह की नियुक्ति की गई है। वे इंदौर में अपर कलेक्टर के पद पर काम कर चुके हैं। उनके पास प्रशासनिक कामकाज का लंबा अनुभव है। इसी अनुभव को देखते हुए उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। अध्यक्ष के तौर पर उन्हें कई तरह के मामले देखने होंगे। इनमें रियल एस्टेट प्रोजेक्ट से जुड़े विवाद शामिल हैं। इसके अलावा घर खरीदारों की शिकायतें भी उनके सामने आएंगी। बिल्डरों से जुड़े नियामकीय मुद्दों पर भी उन्हें नजर रखनी होगी।



संजय गुप्ता को मिली सदस्य की जिम्मेदारी

रेरा में दूसरी अहम नियुक्ति संजय गुप्ता की हुई है। उन्हें प्राधिकरण का सदस्य बनाया गया है। संजय गुप्ता उज्जैन संभाग के कमिश्नर रह चुके हैं। प्रशासनिक क्षेत्र में उनका अनुभव भी काफी लंबा रहा है। उनकी नियुक्ति से प्राधिकरण के कामकाज को फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि उनके अनुभव से रेरा के फैसले और बेहतर होंगे। संजय गुप्ता का काम प्राधिकरण के रोजमर्रा के मामलों की निगरानी करना भी होगा।



संजय गुप्ता रिटायरमेंट के बाद सहकारिता अपीलीय ट्रिब्यूनल के चेयरमैन बने थे। अब उनकी रेरा में सदस्य के पद पर नियुक्ति हो गई है। ऐसे में सहकारिता ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष का पद खाली हो जाएगा। सरकार इस पद पर अब नए सिरे से नियुक्ति करेगी।



रविंद्र सिंह संभालेंगे अपीलीय प्राधिकरण की जिम्मेदारी

सरकार ने रिटायर्ड IAS (Indian Administrative Service) अधिकारी रविंद्र सिंह को भी अहम पद दिया है। उन्हें अपीलीय प्राधिकरण का सदस्य नियुक्त किया गया है। अपीलीय प्राधिकरण का काम रेरा के फैसलों से जुड़ी अपील सुनना है। यहां रेरा के आदेशों को चुनौती देने वाले मामलों की सुनवाई होती है। इसलिए इस पद पर अनुभवी अधिकारी की जरूरत हमेशा रहती है। रविंद्र सिंह के प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए यह नियुक्ति अहम मानी जा रही है। उनकी जिम्मेदारी कानूनी प्रक्रियाओं को सही तरीके से पूरा कराना भी होगी।



रेरा का काम क्या होता है

MP RERA का मकसद रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता लाना है। यह संस्था घर या प्रॉपर्टी खरीदने वालों के हितों की रक्षा करती है। प्राधिकरण के पास कई तरह के मामले आते हैं। इनमें प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन से जुड़े मामले शामिल हैं। समय पर प्रोजेक्ट पूरा न होने की शिकायतें भी यहां आती हैं।



खरीदारों और डेवलपर्स के बीच विवाद भी रेरा में सुलझाए जाते हैं। यह प्राधिकरण बिल्डरों पर नजर रखने का भी काम करता है। इससे आम लोगों को गलत तरीकों से बचाया जा सकता है।



नई टीम से क्या बदलाव की उम्मीद

इन तीन नियुक्तियों के बाद रेरा की कार्यशैली में बदलाव देखने को मिल सकता है। नई टीम के आने से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आ सकती है। अपील से जुड़े मामलों पर भी जल्दी सुनवाई हो सकती है। रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े लोग इस बदलाव को सकारात्मक मान रहे हैं। घर खरीदने वाले आम लोगों को भी इससे राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासनिक अनुभव रखने वाले अधिकारियों की टीम से कामकाज बेहतर होने की संभावना जताई जा रही है।



आगे की चुनौतियां

नई टीम के सामने कई चुनौतियां भी होंगी। प्रदेश में कई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट अभी भी अटके हुए हैं। कुछ प्रोजेक्ट तय समय पर पूरे नहीं हो पाए हैं। ऐसे मामलों में खरीदारों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। नई टीम को इन मामलों को प्राथमिकता से निपटाना होगा। साथ ही बिल्डरों पर नियमों का सही पालन कराना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी। देखना होगा कि नई नियुक्तियां रियल एस्टेट क्षेत्र में कितना बदलाव ला पाती हैं।



क्यों जरूरी है यह बदलाव

रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता की जरूरत लगातार महसूस की जाती रही है। कई बार खरीदार बिल्डरों की गलत नीतियों के शिकार हो जाते हैं। ऐसे में मजबूत और अनुभवी नेतृत्व की जरूरत होती है। सरकार की यह नियुक्ति इसी दिशा में एक कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि नई टीम किस तरह काम करती है। रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजर अब रेरा की अगली कार्रवाइयों पर टिकी रहेगी।



FAQ

  1. MP RERA का नया अध्यक्ष किसे बनाया गया है?
    मध्यप्रदेश रेरा का नया अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह को बनाया गया है। वे पहले इंदौर में अपर कलेक्टर के पद पर काम कर चुके हैं। उनके पास प्रशासनिक कामकाज का लंबा अनुभव है। अध्यक्ष के तौर पर वे रियल एस्टेट विवाद, खरीदारों की शिकायत और बिल्डरों से जुड़े मामले देखेंगे।
  2. रेरा में और कौन-कौन सी नियुक्तियां हुई हैं?
    शैलेंद्र सिंह के अलावा संजय गुप्ता को प्राधिकरण का सदस्य बनाया गया है। वे उज्जैन संभाग के कमिश्नर रह चुके हैं। इसके अलावा रिटायर्ड IAS अधिकारी रविंद्र सिंह को अपीलीय प्राधिकरण का सदस्य नियुक्त किया गया है। वे रेरा के आदेशों से जुड़ी अपील सुनने का काम करेंगे।
  3. MP RERA का मुख्य काम क्या है?
    MP RERA रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता लाने का काम करता है। यह घर खरीदने वालों के हितों की रक्षा करता है। प्राधिकरण प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन, समय पर काम पूरा होने और खरीदार-बिल्डर विवाद जैसे मामले देखता है। इससे रियल एस्टेट बाजार में भरोसा बना रहता है।

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