रिटायर्ड अफसरों का पेंशन खर्च केंद्र से क्लेम करेगा एमपी, ग्रेज्युटी भी मिलेगी

Aman Vaishnav | Jan 29, 2026, 16:25 IST
mp retired ais officers pension claim 350 crore estimate
एमपी सरकार अब रिटायर्ड AIS अफसरों की पेंशन का खर्च केंद्र सरकार से लेगी। इसका मतलब यह है कि जिन अफसरों ने रिटायरमेंट के बाद एमपी में रहकर पेंशन, ग्रेज्युटी और अर्नलीव ली है, उनका खर्च अब केंद्र से वापस लिया जाएगा।

मध्यप्रदेश अब रिटायर हो चुके ऑल इंडिया सर्विसेज (AIS) के अफसरों की पेंशन का खर्च केंद्र सरकारसे क्लेम करेगा। इसका मतलब ये है कि जिन अफसरों ने रिटायरमेंट के बाद एमपी में रहकर पेंशन, ग्रेज्युटी और अर्नलीव ली है, उनका खर्च अब केंद्र से वापस लिया जाएगा।



वहीं, जो अफसर एमपी से बाहर रहते हैं, उनकी ग्रेज्युटी और अर्नलीव के खर्च का क्लेम किया जाएगा। वित्त विभाग ने इस राशि का अनुमान लगाना शुरू कर दिया है। शुरुआती आंकलन के मुताबिक, यह राशि करीब 350 करोड़ रुपए हो सकती है।



मध्य प्रदेश को पेंशन क्लेम का फायदा

वित्त विभाग के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, पेंशन क्लेम की राशि का आकलन अब पेंशन डायरेक्टोरेट के जिम्मे है। 2008 में केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय (डीओपीटी) ने एआईएस (डेथ और रिटायरमेंट बेनीफिट्स) के पेंशन नियमों को अपडेट किया था।



इसमें यह बताया गया था कि अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की पेंशन का खर्च अब भारत सरकार उठाएगी। तब एमपी सरकार ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। अब वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसका फायदा उठाने की तैयारी शुरू कर दी है।



इससे साफ होता है कि 2008 के बाद रिटायर होने वाले अधिकारियों की पेंशन का खर्च अब मध्य प्रदेश सरकार पर नहीं आएगा। यानी, 2008 से लेकर अब तक के जो पेंशन खर्च हैं, वह एमपी एक बार में क्लेम करने वाला है।



10 साल से जुटा रहे डाटा

जिन अफसरों का डाटा ऑनलाइन उपलब्ध है, उनके मामले में कोई समस्या नहीं है। वहीं 2008 से लेकर करीब 10 साल का डाटा इकट्ठा किया जा रहा है।



एसबीआई बैंक बनेगा पेंशन बैंक

सरकार ने पेंशन के लेन-देन को सुरक्षित बनाने के लिए SBI बैंक को एग्रीगेटर बैंक बनाया है। इसका मतलब ये हुआ कि अब मध्य प्रदेश के करीब पांच लाख रिटायर अधिकारी और कर्मचारी अपनी पेंशन सीधे एसबीआई से मिलेगी। किसी अधिकारी या कर्मचारी को अपनी पेंशन किसी दूसरे बैंक में चाहिए, तो एसबीआई से वह पैसा उस बैंक में भी ट्रांसफर हो जाएगा।



एसबीआई अब मध्यस्थ बैंक का काम भी करेगा। फिलहाल, राज्य सरकार की सूची में करीब एक दर्जन राष्ट्रीयकृत बैंक हैं। अब एसबीआई इसका प्रमुख बन जाएगा। वित्त के सूत्रों का कहना है कि बाकी बैंकों का डाटा इकट्ठा किया जा रहा है। अगले एक-दो महीने में नई व्यवस्था शुरू हो जाएगी।



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