सड़क सुरक्षा अभियान में ट्रैफिक सख्ती, एमपी में 5 हजार से ज्यादा ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त
News in Short
- हेलमेट न पहनने पर 5253 लाइसेंस रद्द और 98 हजार चालान काटे गए।
- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर में विशेष टीमों ने निगरानी की।
- एनसीआरबी रिपोर्ट के अनुसार 75% मौतें हेलमेट न पहनने से हुईं।
- वाहन और सारथी पोर्टल ठप होने से रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल प्रभावित।
- मध्यप्रदेश में 26 अप्रैल से 10 मई तक सड़क सुरक्षा अभियान चला।
News in Detail
मध्यप्रदेश में 5 हजार से ज्यादा लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) रद्द कर दिए गए। यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा अभियान (Road Safety Campaign) के दौरान हुई। ट्रैफिक पुलिस ने नियम उल्लंघन के मामलों में सख्ती दिखाई। लाइसेंस निरस्तीकरण का मुख्य कारण हेलमेट न पहनना और यातायात नियम तोड़ना रहा।
ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण
प्रदेश में 26 अप्रैल से 10 मई तक 15 दिवसीय सड़क सुरक्षा अभियान चला। ट्रैफिक पुलिस ने हेलमेट न पहनने वालों पर सख्ती की। 5253 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द हुए और 98 हजार चालान काटे गए। वाहन और सारथी पोर्टल ठप होने से लोगों को परेशानी हो रही है।
हेलमेट पर सख्ती और चालान
प्रदेशभर में दो पहिया वाहन चालकों के 98 हजार चालान काटे गए। हेलमेट न पहनने पर कुल 2.87 करोड़ रुपए वसूले गए। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत बड़े शहरों में विशेष टीमों ने निगरानी की। टीम बॉडी वॉरन कैमरे के साथ चेकिंग कर रही थी।
एनसीआरबी की रिपोर्ट और मौतें
एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में मध्यप्रदेश में 55 हजार 711 सड़क दुर्घटनाएं हुई। इसमें 16 हजार 831 लोगों की मौत हुई। 75 प्रतिशत मौतें हेलमेट और सीटबेल्ट न पहनने से हुईं। रिपोर्ट बताती है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन जीवन बचाने के लिए जरूरी है।
वाहन और सारथी पोर्टल की परेशानी
इंदौर में वाहन और सारथी पोर्टल (Vahan & Sarathi Portal) ठप हैं। रजिस्ट्रेशन, रिन्यूअल, ट्रांसफर, परमिट और लर्निंग लाइसेंस के कार्य प्रभावित हैं। पोर्टल का सर्वर बदलने का काम चल रहा है। वाहन मालिक और डीलर 7 दिन बाद पेनल्टी का डर महसूस कर रहे हैं।
सड़क सुरक्षा का महत्व
सड़क सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य है। हेलमेट और सीटबेल्ट का प्रयोग दुर्घटनाओं से बचाव में मदद करता है। ट्रैफिक पुलिस का अभियान लोगों को जागरूक करने और जीवन बचाने के लिए है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्ती जरूरी है।
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