एमपी में NAAC की तर्ज पर बना SAAC, सीएम मोहन का बड़ा फैसला
एमपी में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। मोहन सरकार (CM Mohan Yadav) का फोकस युवाओं को बेहतर शिक्षा और सही दिशा देने पर है। इसी कड़ी में प्रदेश में अब NAAC की तर्ज पर SAAC यानी स्टेट लेवल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन सेल का गठन किया गया है। इसका काम राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता को जांचना और सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाना होगा।
क्या है SAAC
देश में कौन सा कॉलेज या विश्वविद्यालय कैसा प्रदर्शन कर रहा है और उसकी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या रैंकिंग है, यह जानने के लिए NAAC (नेक) का गठन किया गया था। इसी तर्ज पर अब मध्य प्रदेश सरकार ने SAAC यानी स्टेट लेवल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन सेल (राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन प्रकोष्ठ) बनाया है।
SAAC के जरिए प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही उनकी ग्रेडिंग प्रक्रिया को बेहतर बनाया जाएगा, ताकि संस्थानों की शिक्षा व्यवस्था और प्रदर्शन में सुधार हो सके।
पहले चरण में 341 कॉलेजों और विवि का मूल्यांकन
अगर SAAC के काम की बात करें तो पहले चरण में यह प्रदेश के 341 कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुताबिक, State Level Assessment and Accreditation Cell (SAAC) बनाने का मकसद प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता को बेहतर करना है।
इसके तहत सरकारी और निजी कॉलेजों व विश्वविद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था, सुविधाओं और प्रदर्शन की जांच की जाएगी। मूल्यांकन में जो भी कमियां सामने आएंगी, उन्हें दूर करने पर काम किया जाएगा, ताकि संस्थान राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
21 से 23 जुलाई तक चलेगी वर्कशॉप
मध्यप्रदेश मेंSAAC की प्रक्रिया को जमीन पर लागू करने के लिए मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। इसके तहत 21, 22 और 23 जुलाई को एक दिवसीय ट्रेनिंग वर्कशॉप आयोजित की जाएगी। इसमें कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
वर्कशॉप के पहले दिन यानी 21 जुलाई को 113 महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। वहीं, 22 जुलाई को अगले 113 महाविद्यालयों के प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे। अंतिम दिन 23 जुलाई को बचे हुए 115 महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को SAAC की प्रक्रिया और मूल्यांकन से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।
वर्कशॉप में दी जाएगी जानकारियां
यह तीन दिवसीय कार्यक्रम होगा। इसमें प्रतिभागियों को SAAC के मूल्यांकन मानदंड (Evaluation Criteria), गुणवत्ता संकेतक (Quality Indicators), जरूरी दस्तावेज तैयार करने और संस्थागत तैयारियों से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के इस कदम से मध्य प्रदेश के सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इससे कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार होगा और प्रदेश के छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा के अवसर मिल सकेंगे।
क्या है NAAC
NAAC का पूरा नाम National Assessment and Accreditation Council (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) है। NAAC विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के तहत काम करने वाली एक स्वायत्त संस्था है।
यह देश के उच्च शिक्षण संस्थानों यानी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था, सुविधाओं और गुणवत्ता का मूल्यांकन करती है। इसके आधार पर संस्थानों को ग्रेड भी दिए जाते हैं।
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