MP में SAS और SPS के अधिकारी बनेंगे IAS-IPS, DPC 66 नामों पर करेगी विचार

Amresh Kushwaha | Jun 11, 2026, 10:13 IST
MP में SAS और SPS के अधिकारी बनेंगे IAS-IPS
मध्यप्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा के 13 और राज्य पुलिस सेवा के 9 अधिकारियों को इस साल IAS और IPS कैडर मिलेगा। DPC में IAS के लिए 39 और IPS के लिए 27 नामों पर विचार होगा।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्यप्रदेश में SAS के 13 और SPS के 9 अधिकारियों को IAS-IPS कैडर मिलेगा।
  • UPSC और राज्य की कमेटी मिलकर DPC में नामों पर अंतिम फैसला करेगी।
  • IAS के लिए 39 और IPS के लिए 27 उम्मीदवारों के नाम विचार में हैं।
  • 2025 में रिटायर हुए प्रमोटी अधिकारियों की रिक्त सीटों पर भर्ती होगी।
  • कुछ अधिकारी जांच या कोर्ट केस के चलते इस प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं।

MP में IAS-IPS प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू

मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) और राज्य पुलिस सेवा (SPS) के अधिकारियों को आईएएस और आईपीएस में पदोन्नत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस साल कुल 22 अधिकारियों को यह मौका मिलेगा।



यह प्रमोशन उन रिक्त पदों पर होगा जो वर्ष 2025 में सेवानिवृत्त हुए प्रमोटी आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के जाने से खाली हुए हैं।



DPC में किन नामों पर विचार होगा?

इस पूरी प्रक्रिया के लिए डीपीसी (Departmental Promotion Committee) की बैठक जल्द होगी। आईएएस पदोन्नति के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव व डीजीपी की संयुक्त समिति नामों पर विचार करेगी।



आईएएस के लिए राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने 39 नाम चुने हैं। आईपीएस के लिए गृह विभाग ने 27 नामों की सूची तैयार कर ली है। साथ ही, डीपीसी की तारीख तय करने का प्रस्ताव भी भेज दिया है।



सभी चुने गए अधिकारियों को डीपीसी से पहले अपनी सीआर (Confidential Report) और अन्य जरूरी जानकारी भरने के लिए फॉर्मेट दिए गए हैं। यह जानकारी आने के बाद ही नामों को अंतिम रूप दिया जाएगा।



IAS के लिए किस बैच के अधिकारी?

आईएएस में चयन के लिए 2007 और 2008 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के नाम विचाराधीन हैं। 2007 बैच से मिनिषा पांडे, इला तिवारी, नीता राठौर, शैलेंद्र सिंह सोलंकी, रानी पासी, रंजना देवड़ा, माधवी नागेंद्र, वर्षा सोलंकी, प्रियंका गोयल, अभिषेक दुबे, नरोत्तम प्रसाद भार्गव, निधि सिंह राजपूत, निमिषा जायसवाल और संदीप सोनी के नाम सूची में हैं।



हालांकि 1999 बैच के जयेंद्र विजयवत और मनोज मालवीय उम्र सीमा के चलते पात्रता से बाहर हो चुके हैं। 2002 बैच के कमल नागर का मामला कोर्ट में है, इसलिए उनका केस इस बार भी टल सकता है।



इसके अलावा 2007 बैच की सपना एम लोवंशी, जो पदक्रम सूची में इला तिवारी के बाद हैं, विभागीय जांच के चलते डीपीसी से बाहर हो सकती हैं।



IPS के लिए 1997-98 बैच के अधिकारी

आईपीएस अवार्ड के लिए इस बार 1997 और 1998 बैच के राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों के नामों पर विचार होगा। 1997 बैच से सीताराम और अमृत मीणा के नाम सूची में हैं।



1998 बैच से निमिषा पांडेय, राजेश मिश्रा, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा सोनी, सुमन गुर्जर, संदीप मिश्रा, सब्यसाची सर्राफ, समर वर्मा और सत्येन्द्र सिंह तोमर के नाम विचाराधीन हैं। कुल 27 नामों में से 9 का अंतिम चयन होना है।



वहीं, दो नामों पर अड़चन आ सकती है। अमृत मीणा का जाति प्रमाण पत्र विवाद में है और राजेश मिश्रा विभागीय जांच का सामना कर रहे हैं। ऐसे में इन दोनों का लिफाफा बंद हो सकता है, यानी इनका नाम इस बार के चयन से बाहर रह सकता है।



तारीख तय होते ही बदल जाएगी इनकी जिंदगी

जैसे ही डीपीसी की तारीख तय होगी, अच्छी सीआर वाले अधिकारियों को हरी झंडी मिल जाएगी। यह पदोन्नति उनके करियर में एक बड़ा पड़ाव है। आईएएस और आईपीएस कैडर मिलने के बाद इन अधिकारियों की जिम्मेदारियां और अधिकार दोनों कई गुना बढ़ जाते हैं।



FAQ

  1. राज्य सेवा के अधिकारी IAS या IPS कैसे बनते हैं?
    राज्य प्रशासनिक सेवा या राज्य पुलिस सेवा में काम कर रहे अधिकारियों को उनकी वरिष्ठता, गोपनीय रिपोर्ट और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर आईएएस या आईपीएस में पदोन्नत किया जाता है। इसके लिए संघ लोक सेवा आयोग और राज्य सरकार की संयुक्त समिति मिलकर डीपीसी की बैठक करती है। इस प्रक्रिया में हर बैच के एक निश्चित अनुपात में ही अधिकारियों को चुना जाता है।
  2. DPC क्या होती है?
    डीपीसी यानी विभागीय पदोन्नति समिति एक आधिकारिक कमेटी होती है जो सरकारी अधिकारियों की पदोन्नति तय करती है। इसमें यूपीएससी के प्रतिनिधि, राज्य के मुख्य सचिव और संबंधित विभाग के अधिकारी शामिल होते हैं। समिति उम्मीदवारों की सीआर, विभागीय जांच, कोर्ट केस और अन्य रिकॉर्ड की समीक्षा करके अंतिम चयन करती है।

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