एमपी में पांच दिन बंद रहेंगे बैंक! SBI कर्मचारी जाएंगे दो दिवसीय हड़ताल पर
News in Short
- 25-26 मई को SBI कर्मचारियों की हड़ताल।
- हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ेगा।
- कर्मचारियों ने 16 प्रमुख मांगें रखी हैं।
- हड़ताल के कारण SBI लगातार 5 दिन बंद रह सकता है।
- कर्मचारियों ने सरकार से तत्काल समाधान की मांग की।
News in Detail
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) कर्मचारियों ने 25 और 26 मई 2026 को हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। इस हड़ताल का मुख्य कारण कर्मचारियों की लंबित 16 मांगों का समाधान न होना है। इस हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ेगा और SBI के कई कार्य प्रभावित हो सकते हैं। एसबीआई कर्मचारियों ने सरकार से शीघ्र समाधान की उम्मीद जताई है।
25-26 मई को हड़ताल
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के कर्मचारियों ने अपनी लंबित और वैध मांगों को लेकर 25 और 26 मई 2026 को दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल का नेतृत्व स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अवॉर्ड स्टाफ एम्प्लाईज यूनियन (SBI Award Staff Employees Union) द्वारा किया जाएगा।
कर्मचारी संघ का कहना है कि कई बार मौखिक और लिखित रूप से अपनी मांगें बैंक प्रबंधन के सामने रखी गईं। लेकिन प्रबंधन ने कोई सकारात्मक पहल नहीं की। इसके परिणामस्वरूप कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
बैंकिंग सेवाओं पर असर
इस हड़ताल के दौरान बैंक के कई कार्य ठप हो सकते हैं। 23 मई 2026 को चौथा शनिवार और 24 मई 2026 को रविवार होने के कारण बैंक पहले से बंद रहेंगे। इसके बाद 25 और 26 मई को हड़ताल होगी। 27 मई को ईद-उल-अजहा (बकरीद) के चलते भी बैंक बंद रहने की संभावना है। ऐसे में एसबीआई के कार्य पूरे 5 दिन तक बाधित हो सकते हैं।
कर्मचारियों की 16 सूत्रीय मांगें
SBI कर्मचारियों ने 16 सूत्रीय मांग पत्र में कई मुद्दे उठाए हैं। प्रमुख मांगों में संदेशवाहकों और सशस्त्र गार्डों की भर्ती है। 2019 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए इंटर सर्किल ट्रांसफर सुविधा की मांग की गई है। स्थायी नौकरियों की आउटसोर्सिंग पर रोक भी जरूरी है। कर्मचारियों के बीच समानता सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई गई है। नई भर्ती की भी मांग की गई है। इसके अलावा, राष्ट्रीय पेंशन योजना में पेंशन फंड मैनेजर बदलने का विकल्प और चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना में सुधार की मांग की जा रही है।
राष्ट्रीय पेंशन योजना में बदलाव की मांग
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में से एक यह है कि राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) में कर्मचारियों को अपना पेंशन फंड मैनेजर बदलने का विकल्प मिलना चाहिए। कर्मचारी संघ का कहना है कि कर्मचारियों को भविष्य की सुरक्षा के लिए अधिक विकल्प चाहिए। इसके अलावा, आउटसोर्सिंग की समस्या भी गंभीरता से उठाई गई है। कर्मचारियों का मानना है कि स्थायी नौकरियों के लिए आउटसोर्सिंग को पूरी तरह से रोका जाए।
SBI कर्मचारी संघ ने कर्मचारियों के बीच वेतन और सुविधाओं में असमानता दूर करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि बैंक में कार्यरत कर्मचारियों को समान वेतन और सुविधाएं मिलनी चाहिए। इसके अलावा, कर्मचारियों के प्रमोशन और करियर ग्रोथ की नीतियों में भी सुधार की आवश्यकता है। संघ ने यह भी कहा कि रिटायर कर्मचारियों को 8वें स्टैग्नेशन इंक्रीमेंट का लाभ दिया जाए, जो 10वें द्विपक्षीय समझौते के तहत आता है।
आउटसोर्सिंग पर रोक
कर्मचारियों का कहना है कि स्थायी प्रकृति के कामों को आउटसोर्सिंग के तहत बाहरी एजेंसियों को नहीं दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही वे सरकार से यह भी मांग कर रहे हैं कि पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की भर्ती की जाए ताकि सभी शाखाओं में काम के बोझ को समुचित तरीके से बांटा जा सके।
प्रशासन से सहयोग की अपील
कर्मचारी संघ ने प्रशासन से सहयोग की अपील की है और उम्मीद जताई है कि सरकार इन लंबित मुद्दों को जल्द हल करेगी। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक इन मुद्दों का समाधान नहीं होगा, हड़ताल का रास्ता जारी रहेगा।
इंदौर में बैंक कर्मचारी ने खुद को गोली मारी, कोर्ट के आदेश पर कुर्की के लिए पहुंचे थे बैंक अधिकारी
जयपुर सहित राज्यभर के बैंक कर्मचारी हड़ताल पर, पांच कार्यदिवस की कर रहे हैं मांग
बेतवा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए 10 से 16 मई तक श्रमदान अभियान, जनजागरण बढ़ेगा