सिस्टम की लापरवाही से छात्र परेशान, 802 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति फंसी

Amresh Kushwaha | Aug 30, 2026, 09:35 IST
विद्यार्थियों की फंसी छात्रवृत्ति
विद्यार्थियों की फंसी छात्रवृत्ति
MP के खंडवा जिले में पोर्टल अपडेट करने की जल्दबाजी में 802 छात्रों के बैंक खाते गलत दर्ज हो गए। इससे उनकी छात्रवृत्ति अटक गई है। जानिए क्या है पूरा मामला...

समझें क्या है पूरा मामला...

  • खंडवा जिले में स्कूलों ने छात्रों के बैंक खाते गलत दर्ज कर दिए।
  • इस गड़बड़ी से 802 छात्रों की छात्रवृत्ति अटक गई है।
  • जिले में कुल 2 लाख 41 हजार से ज्यादा छात्र नामांकित हैं।
  • डेटा फीडिंग, संकुलों की देरी और आधार लिंक न होना बड़ी वजह है।
  • जिला शिक्षाधिकारी ने मामले की जांच कराने का भरोसा दिया है।

क्या है पूरा मामला

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में छात्रवृत्ति को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। शिक्षा विभाग के पोर्टल पर खुद को नंबर वन दिखाने की होड़ में स्कूलों ने जल्दबाजी की। पोर्टल अपडेशन और लॉकिंग समय से पहले पूरा करने की हड़बड़ी में गलती हो गई। स्कूलों ने विद्यार्थियों के बैंक खाता नंबर गलत दर्ज कर दिए। साथ ही कई खातों के आईएफएससी (Indian Financial System Code) कोड भी गलत भर दिए गए।



इस लापरवाही का असर सीधे बच्चों की छात्रवृत्ति पर पड़ा है। करीब 802 पात्र विद्यार्थियों के बैंक खाते मिसमैच हो गए। इन सभी विद्यार्थियों के ट्रांजेक्शन पूरी तरह फेल हो गए। नतीजतन ये छात्र अभी तक अपनी छात्रवृत्ति की राशि से महरूम हैं।



कितने छात्र नामांकित हैं

जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय की स्कूल शिक्षा पोर्टल 3.0 रिपोर्ट ने पूरे मामले की पोल खोल दी है। यह रिपोर्ट ब्लॉकवार तैयार की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक खंडवा जिले के सातों ब्लॉकों में कुल दो लाख 41 हजार 230 विद्यार्थियों का नामांकन था। इनमें से दो लाख 34 हजार 248 विद्यार्थियों का पोर्टल अपडेट किया गया।



वहीं दो लाख 32 हजार 605 विद्यार्थियों के रिकॉर्ड को लॉक कर दिया गया। इसके बाद जब कुल एक लाख 20 हजार 945 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति बांटने की प्रक्रिया शुरू हुई, तब असली गड़बड़ी सामने आई। इन विद्यार्थियों को करीब छह करोड़ 48 लाख रुपए की छात्रवृत्ति मिलनी थी, लेकिन भुगतान शुरू होते ही सैकड़ों खातों में दिक्कत आ गई।



किस ब्लॉक में कितनी अटकी

पोर्टल के विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिलेभर में कुल 802 खातों में पेमेंट फेल हुआ है। इसमें सबसे खराब स्थिति खंडवा ब्लॉक की है। खंडवा ब्लॉक में 25 हजार 429 पात्र छात्रों में से 231 का पेमेंट फेल हुआ। यहां तीन हजार 264 मामले रीप्रोसेसिंग में अटके हैं।



पंधाना ब्लॉक में 26 हजार 687 पात्र छात्रों में से 161 का भुगतान फेल हुआ। यहां आठ हजार 787 मामले रीप्रोसेसिंग में हैं। खालवा ब्लॉक में 23 हजार 391 पात्र छात्रों में से 159 का पेमेंट अटका। यहां सात हजार 912 मामले लंबित हैं। पुनासा ब्लॉक में 19 हजार 609 पात्र छात्रों में से 100 का भुगतान रुका। यहां पांच हजार 266 मामले रीप्रोसेसिंग में हैं।



हरसूद ब्लॉक में नौ हजार 797 पात्र छात्रों में से 90 का पेमेंट फेल हुआ। यहां एक हजार 600 मामले लंबित हैं। छैगांवमाखन ब्लॉक में 11 हजार 509 पात्र छात्रों में से 50 का भुगतान अटका, जबकि यहां दो हजार 539 मामले रीप्रोसेसिंग में हैं। बलड़ी ब्लॉक में सबसे कम चार हजार 513 पात्र छात्र हैं, जिनमें से 11 का पेमेंट फेल हुआ और एक हजार 281 मामले रीप्रोसेसिंग में हैं।



क्यों फेल हुए पेमेंट

विभागीय जांच में गड़बड़ी की तीन बड़ी वजहें सामने आई हैं। पहली वजह गलत डेटा फीडिंग है। स्कूलों ने डेटा एंट्री के दौरान बैंक खातों के अंक गलत टाइप कर दिए। साथ ही कई खातों के आईएफएससी कोड भी गलत भरे गए। दूसरी वजह संकुलों की सुस्ती है। कई संकुलों ने पात्र छात्रों के केस समय पर संकुल प्राचार्य को फॉरवर्ड नहीं किए।



इससे प्रक्रिया में देरी हुई और गलतियां पकड़ी नहीं गईं। तीसरी वजह आधार लिंक न होना है। कई विद्यार्थियों के बैंक खाते उनके आधार कार्ड से लिंक नहीं थे। बैंक खातों की केवाईसी (Know Your Customer) पूरी नहीं होने से डिजिटल ट्रांसफर रिजेक्ट हो गया।



सीएम हेल्पलाइन तक शिकायत

यह मामला अब सीएम (Chief Minister) हेल्पलाइन तक भी पहुंच चुका है। शिकायत शाखा के प्रभारी आरएस शोरे के अनुसार पिछले दो साल में दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हुए हैं। इन सभी में छात्रों को छात्रवृत्ति न मिलने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर की गई थी। बाद में इन मामलों को मैनुअल सुधार कर राहत दी गई। लेकिन अब मामला बड़े पैमाने पर सामने आया है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।



अधिकारी ने क्या कहा

इस पूरे मामले पर जिला शिक्षाधिकारी बलवंत पटेल ने भी अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि छात्रवृत्ति मैपिंग में तेजी लाने के नाम पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। यदि किसी स्कूल स्तर पर बैंक खाते गलत दर्ज किए गए हैं, तो इसे गंभीर मामला माना जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी कड़ाई से जांच कराई जाएगी। जहां भी गलती मिलेगी, वहां मैपिंग में तुरंत सुधार कराया जाएगा। उनके मुताबिक हर एक छात्र का रुका हुआ भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।



आगे क्या होगा

फिलहाल जिला शिक्षा विभाग सभी 802 मामलों की समीक्षा कर रहा है। जिन खातों में गलती मिली है, वहां सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग का दावा है कि जल्द ही सभी पात्र छात्रों को उनकी छात्रवृत्ति राशि मिल जाएगी। हालांकि अभिभावकों और छात्रों में इस देरी को लेकर नाराजगी बनी हुई है। कई परिवार इस राशि का इंतजार महीनों से कर रहे हैं। ऐसे में विभाग की जांच रिपोर्ट पर सभी की नजर टिकी है।



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