MP में कैंसर का कहर: हर दिन 133 की मौत, 80 हजार से ज्यादा मिले नए मरीज
Amresh Kushwaha | Aug 20, 2026, 12:40 IST
MP में कैंसर का कहर
मध्य प्रदेश में कैंसर के मरीज और मौतें दोनों लगातार बढ़ रही हैं। 2025 में 88,297 नए मामले सामने आए। इसी साल 48,694 मौतें हुईं। नए मरीजों में एमपी टॉप 10 राज्यों में और मौतों में 7वें नंबर पर है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश में कैंसर के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
- 2025 में 88,297 नए कैंसर मामले सामने आए हैं।
- इसी साल कैंसर से 48,694 मौतें हुई हैं।
- नए मरीजों में एमपी देश के टॉप 10 राज्यों में है।
- मौतों के मामले में एमपी देश में 7वें नंबर पर है।
पांच साल का बढ़ता आंकड़ा
इसी दौरान मौतों का आंकड़ा भी लगातार ऊपर गया है। 2021 में प्रदेश में 44 हजार 056 मौतें दर्ज हुई थीं। 2025 में यह संख्या बढ़कर 48 हजार 694 हो गई है। यानी पांच साल में करीब चार हजार 600 मौतें ज्यादा हुई हैं। मामलों और मौतों दोनों में करीब 10.5% की बढ़ोतरी देखी गई है।
MP में कैंसर का कहर
रोज कितनी मौतें
दूसरे राज्यों से तुलना
MP में कैंसर का कहर
कौन से कैंसर सबसे खतरनाक
भारत में यह आंकड़ा करीब 90 हजार सालाना है। पैंक्रियाटिक कैंसर से दुनिया में चार लाख 60 हजार और भारत में 13 हजार मौतें होती हैं। लिवर कैंसर से दुनिया में आठ लाख 30 हजार और भारत में 34 हजार मौतें दर्ज होती हैं। कोलोन कैंसर से दुनिया में हर साल नौ लाख और भारत में करीब 35 हजार मौतें होती हैं।
स्क्रीनिंग पर सरकार का जोर
MP में कैंसर का कहर
इलाज के लिए कहां जाएं
यहां रियायती दरों पर कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी मिलती है। ग्वालियर में कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट को भारत सरकार से रीजनल कैंसर सेंटर की मान्यता मिली है। यहां बोन मैरो और पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी जैसी सुविधाएं भी हैं।
जबलपुर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज महाकौशल क्षेत्र के मरीजों के लिए प्रमुख केंद्र है। रीवा में श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के संजय गांधी अस्पताल में भी कैंसर केयर यूनिट है। इससे विंध्य क्षेत्र के मरीजों को मुंबई या नागपुर नहीं जाना पड़ता।
MP में कैंसर का कहर
समय पर जांच क्यों जरूरी
समय पर डॉक्टर के पास जांच कराना जान बचा सकता है। बढ़ते आंकड़े सिर्फ संख्या नहीं हैं। इनके पीछे हजारों परिवार हैं, जिन पर बीमारी का आर्थिक और मानसिक असर पड़ता है। इसलिए बेहतर स्क्रीनिंग और इलाज सुविधाओं को हर इलाके तक पहुंचाना सबसे बड़ी जरूरत बन गया है।
यह खबर क्यों जरूरी है
यह खबर ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में इलाज सुविधाओं की कमी को भी उजागर करती है। बेहतर सरकारी नीतियां और जागरूकता अभियान इस समस्या को कम कर सकते हैं। इसलिए यह खबर सिर्फ आंकड़ों की जानकारी नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की सेहत से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
FAQ
- मध्य प्रदेश में 2025 में कैंसर के कितने नए मामले सामने आए हैं?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2025 में मध्य प्रदेश में कैंसर के 88,297 नए मामले सामने आए। यह संख्या 2021 के मुकाबले करीब 8,400 ज्यादा है। नए मरीजों के मामले में एमपी देश के टॉप 10 राज्यों में है। - मध्य प्रदेश में कैंसर से रोजाना कितनी मौतें होती हैं?
2025 में मध्य प्रदेश में कैंसर से कुल 48,694 मौतें हुईं। इस हिसाब से हर दिन औसतन करीब 133 लोगों की मौत कैंसर से होती है। मौतों के मामले में एमपी देश में 7वें नंबर पर है। - एमपी में कैंसर के इलाज के लिए कौन से बड़े सरकारी अस्पताल हैं?
भोपाल में एम्स और हमीदिया अस्पताल, इंदौर में शासकीय कैंसर अस्पताल, ग्वालियर में कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट प्रमुख केंद्र हैं। इसके अलावा जबलपुर के NSCB मेडिकल कॉलेज और रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भी कैंसर इलाज की सुविधा है।
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