ऑनलाइन गेमिंग और ठगी से सुरक्षित रहेंगे बच्चे, MP के स्कूलों में साइबर सिक्योरिटी कोर्स अनिवार्य

Anjali Dwivedi | May 08, 2026, 14:50 IST
mp school cyber security syllabus
मध्य प्रदेश के स्कूलों में अब कक्षा 9वीं से 12वीं तक साइबर सिक्योरिटी का पाठ्यक्रम अनिवार्य किया जाएगा। छात्रों को 40 घंटे की पढ़ाई करनी होगी, जिसके बाद उनकी परीक्षा होगी। जो छात्र परीक्षा में पास होंगे, उन्हें सर्टिफिकेट मिलेगा।

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब बच्चों को डिजिटल दुनिया के खतरों से बचाया जाएगा। राज्य सरकार कक्षा 9वीं से 12वीं तक साइबर सिक्योरिटी का कोर्स अनिवार्य करने जा रही है। बढ़ते साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन गेमिंग के खतरों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।



अब छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ डिजिटल सुरक्षा की व्यावहारिक ट्रेनिंग भी दी जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग इस संबंध में एक विस्तृत ड्राफ्ट तैयार करने में जुटा हुआ है। यह पूरा प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश राज्य ओपन बोर्ड की तकनीकी मदद से संचालित किया जाएगा।



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स्कूलों में साइबर सिक्योरिटी कोर्स अनिवार्य

हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में साइबर सिक्योरिटी की 40 घंटे की पढ़ाई अनिवार्य होगी। इस कोर्स को पूरा करने के बाद विद्यार्थियों को एक विशेष परीक्षा भी देनी होगी। हालांकि इस परीक्षा के अंक मुख्य वार्षिक परीक्षा के अंकों में नहीं जोड़े जाएंगे।



परीक्षा पास करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को विभाग की ओर से एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा। वर्तमान में चुनिंदा स्कूलों में साल में केवल दो-तीन बार ही इसके सेमिनार होते हैं। नई व्यवस्था के तहत अब इसे नियमित पाठ्यक्रम के रूप में स्कूलों में पढ़ाया जाएगा।



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साइबर सिक्योरिटी शिक्षा का नया दौर

Cyber securityके सिलेबस में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और सोशल मीडिया प्राइवेसी शामिल होगी। छात्रों को फिशिंग लिंक, फेक ऐप और ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड के बारे में बताया जाएगा। यूपीआई ठगी और साइबर बुलिंग जैसे गंभीर विषयों पर भी विस्तृत जानकारी दी जाएगी।



बैंकिंग फ्रॉड से बचने के तरीके और सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की बारीकियां सिखाई जाएंगी। जिन स्कूलों में स्मार्ट टीवी लग चुके हैं, वहां से इस कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इसके अलावा प्रत्येक स्कूल में विशेष साइबर सेफ्टी क्लब और साइबर वॉरियर तैयार किए जाएंगे।



Cyber Security - VIT Bhopal


साइबर सुरक्षा के लिए स्कूलों में विशेष अभियान

शुरुआत में इस कार्यक्रम के लिए प्रदेश के कुल 500 स्कूलों का चयन किया गया है। इन चयनित स्कूलों में साइबर सुरक्षा सिखाने के लिए विशेष इंस्ट्रक्टर भी नियुक्त होंगे। नियुक्ति से पहले इन सभी इंस्ट्रक्टर को साइबर पुलिस की मदद से प्रशिक्षित किया जाएगा।



इस पूरे अभियान में साइबर पुलिस विभाग की सक्रिय भूमिका और तकनीकी सहयोग लिया जाएगा। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित सेफ क्लिक कैंपेन को भी अब स्कूलों में जोड़ा जाएगा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में यह कैंपेन पहले से ही सक्रिय है।



मॉडल स्कूलों का अनुभव और भविष्य की योजना

वर्तमान में केवल एमपी बोर्ड के मॉडल स्कूलों में साइबर अवेयरनेस प्रोग्राम चल रहा है। मॉडल स्कूल की प्राचार्य रेखा शर्मा के अनुसार यह कार्यक्रम पिछले पांच साल से सक्रिय है। सोशल मीडिया पर बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना इस कार्यक्रम का सबसे मुख्य उद्देश्य है।



इसके लिए स्कूलों (मध्य प्रदेश सरकारी स्कूल) में नियमित काउंसलर नियुक्त हैं जो बच्चों से सीधा संवाद करते हैं। अब इसी सफल मॉडल को पूरे प्रदेश के अन्य सरकारी स्कूलों में लागू किया जाएगा। भविष्य में डिजिटल सुरक्षा बच्चों के सर्वांगीण विकास का एक अनिवार्य और महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगी।



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