वर्षों का इंतजार 5 दिन में खत्म: स्कूल शिक्षा विभाग में 851 की हुई अनुकंपा नियुक्ति
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में बड़ी कार्रवाई हुई है।
- सिर्फ पांच दिन में 851 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति मिली है।
- 651 पद तृतीय श्रेणी कर्मचारी के लिए दिए गए हैं।
- 200 लोगों को भृत्य यानी चतुर्थ श्रेणी पद मिला है।
- अब बाकी विभागों को भी यही तरीका अपनाने को कहा गया है।
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग से बड़ी खबर सामने आई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने महज पांच दिन में 851 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति दे दी है। इनमें 651 लोगों को तृतीय श्रेणी कर्मचारी के पद पर रखा गया है। बाकी 200 लोगों को भृत्य यानी चतुर्थ श्रेणी पद पर पोस्टिंग मिली है। इस तेज कार्रवाई से जिलों और संभागों को सीधा फायदा हुआ है।
कैसे मिली इतनी तेज नियुक्ति
सूत्रों के मुताबिक हर संभाग और जिले को औसतन 10 से 12 कर्मचारी मिल गए हैं। यह पद पहले से खाली और रिक्त पड़े थे। बताया जा रहा है कि रविवार को भी अनुकंपा के 25 मामलों में आदेश जारी होने की सूचना है।
इसके बाद संचालनालय पूरे प्रदेश में कर्मचारियों की पेंशन से जुड़े मामलों पर भी काम करेगा। साथ ही दूसरे प्रकरणों पर भी कार्रवाई तेज की जाएगी। विभाग का मकसद है कि लंबित मामले जल्द से जल्द निपट जाएं।
गूगल लिंक से मांगी गई जानकारी
इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए आयुक्त कार्यालय ने एक खास कदम उठाया है। कार्यालय की तरफ से एक गूगल लिंक जारी किया गया है। यह लिंक सभी परेशान कर्मचारियों तक भेजा गया है। इसका मकसद है कि कर्मचारी खुद अपनी जानकारी सीधे भर सकें। इससे कागजी प्रक्रिया में लगने वाला समय भी कम होगा। इस जानकारी की समीक्षा आयुक्त लोक शिक्षण खुद अपनी निगरानी में करेंगे। इससे मामलों में गड़बड़ी की गुंजाइश भी कम रहेगी।
जिलों में लगेंगे समाधान शिविर
विभाग ने सिर्फ नियुक्ति तक ही काम सीमित नहीं रखा है। जिलों में समाधान शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान के मामले देखे जाएंगे। इसके साथ ही विभागीय जांच से जुड़े मामलों की भी समीक्षा होगी।
यानी एक साथ कई तरह के लंबित प्रकरण निपटाने की कोशिश हो रही है। सभी संभाग संचालकों को इसकी पूरी जानकारी रविवार तक भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इससे साफ है कि विभाग इस काम को लेकर काफी गंभीर है।
प्रदेश में अटके हैं हजारों मामले
दरअसल मध्य प्रदेश में करीब 23 हजार अनुकंपा नियुक्ति के मामले काफी समय से अटके हुए हैं। कुछ मामले तो लगभग एक दशक पुराने बताए जा रहे हैं। इन्हीं मामलों को निपटाने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department) ने पहल की है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी सरकारी विभागों से जानकारी मांगी है। इसी बीच स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले लोक शिक्षण संचालनालय ने तेजी दिखाई। संचालनालय ने 600 से ज्यादा अनुकंपा नियुक्ति के मामलों की समीक्षा की। इसके बाद नियुक्ति आदेश भी तुरंत जारी कर दिए गए।
अब बाकी विभागों की बारी
स्कूल शिक्षा विभाग की इस रफ्तार के बाद अब सरकार का रुख बदल गया है। जानकारी सामने आ रही है कि बाकी विभागों को भी इसी तर्ज पर काम करने को कहा गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने मातहत अफसरों को निर्देश दिए हैं। उनसे कहा गया है कि वे जिलों से पूरी जानकारी जल्दी जुटाएं। यह जानकारी लंबित मामलों को सुलझाने में मदद करेगी।
कौन अफसर करेंगे यह काम
इस काम के लिए साफ प्रक्रिया भी तय कर दी गई है। पहले यह देखा जाएगा कि आदेश जारी करने के लिए कौन अधिकारी सक्षम हैं। इसके बाद उनके पदनाम और लंबित मामलों की सूची बनाई जाएगी। इस पूरी जानकारी को एक साथ मिलाकर फाइल तैयार की जाएगी। यह पूरा काम अगले 15 से 20 दिन में पूरा करना है। इसके बाद सक्षम अफसरों को सीधे भोपाल बुलाया जाएगा। भोपाल में उनसे तुरंत नियुक्ति आदेश जारी कराए जाएंगे।
पेंशन और पदोन्नति भी शामिल
इस पूरी कवायद का दायरा सिर्फ अनुकंपा नियुक्ति तक सीमित नहीं है। इसमें पेंशन से जुड़े मामले भी शामिल किए गए हैं। साथ ही चतुर्थ और तृतीय श्रेणी सहायक ग्रेड 3 के पद पर पदोन्नति के मामले भी जोड़े गए हैं। इसके अलावा दूसरे विभागीय लंबित मामलों को भी इसमें रखा गया है।
इन सभी प्रकरणों का संभाग और जिलेवार पूरा ब्यौरा तैयार किया जाएगा। इससे सरकार को एक साफ तस्वीर मिल सकेगी। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में इन सभी मामलों पर समीक्षा बैठक भी होगी। इस बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
यह खबर क्यों जरूरी है
यह खबर उन हजारों परिवारों के लिए जरूरी है जो अनुकंपा नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। भारतीय संविधान हर नागरिक को समय पर न्याय और रोजगार का अधिकार देता है। अनुकंपा नियुक्ति उन परिवारों के लिए जरूरी सहारा होती है, जिन्होंने कमाने वाले सदस्य को खोया है।
मामलों में देरी होने से पीड़ित परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। सरकार की यह तेज कार्रवाई प्रशासनिक जवाबदेही और संवेदनशीलता दिखाती है। इससे बाकी विभागों पर भी लंबित मामले जल्दी निपटाने का दबाव बनेगा।
ये खबरें भी पढ़िए...
एमपी में जल्द होंगे पटवारियों के प्रमोशन, सर्विस रिकॉर्ड की हो रही है जांच
दिवाली से पहले होगी बल्ले-बल्ले, एमपी के लाखों कर्मचारियों का बढ़ेगा महंगाई भत्ता
जनवरी से चालू होगा एमपी में प्रमोशन का सेकंड फेज: ग्रेड-2 से डिप्टी सेक्रेटरी तक होगी पदोन्नति
रिटायर्ड IAS अफसरों को मिलेगी दोगुनी फीस! IAS जांच के लिए केंद्र सरकार ने बदले नियम