एमपी स्कूल शिक्षा विभाग में 48 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी, शिक्षकों के प्रमोशन के बाद खुलेगा रास्ता
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश में शिक्षकों की पात्रता परीक्षा दिसंबर में होगी।
- 1998 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को यह परीक्षा देनी होगी।
- परीक्षा ऑफलाइन होगी और सवाल MCQ यानी वस्तुनिष्ठ होंगे।
- रिजल्ट के बाद प्रमोशन की पहली सूची जारी होगी।
- शिक्षक संगठन TET का विरोध कर प्रमोशन जल्द करने की मांग कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश में 30 हजार से ज्यादा शिक्षकों का प्रमोशन अटका हुआ है। इसका रास्ता अब शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET (Teacher Eligibility Test) से खुलेगा। दिसंबर में प्रस्तावित परीक्षा के बाद पहली प्रमोशन सूची आ सकती है। इससे लंबे समय से इंतजार कर रहे शिक्षकों को राहत मिलेगी। साथ ही अगले साल एक बड़ी भर्ती की तैयारी भी शुरू हो सकती है।
प्रमोशन से खाली होने वाले पद और रिटायरमेंट के पद दोनों जुड़ेंगे। इस तरह अगले साल करीब 48 हजार पदों पर भर्ती हो सकती है। यह आंकड़ा प्रदेश में शिक्षक भर्ती के लिहाज से काफी बड़ा है। युवा अभ्यर्थियों के लिए यह अच्छा मौका बन सकता है।
सरकार ने 30 जुलाई से सभी विभागों में प्रमोशन शुरू किया था। अब तक करीब एक लाख प्रमोशन हो चुके हैं। लिपिक संवर्ग और बड़े अधिकारियों के प्रमोशन पहले ही पूरे हो चुके हैं। मगर स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों के प्रमोशन अभी बाकी हैं। यही वजह है कि शिक्षकों का इंतजार लगातार बढ़ रहा है।
दिसंबर में होगी TET परीक्षा
शिक्षकों के प्रमोशन को सीधे TET परीक्षा से जोड़ा गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिसंबर 2028 तक छह बार TET होनी है। इस क्रम में पहली परीक्षा दिसंबर में प्रस्तावित है। यह परीक्षा माध्यमिक शिक्षा मंडल यानी माशिमं (Madhya Pradesh Board of Secondary Education) कराएगा। रिजल्ट आने के बाद विभाग प्रमोशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। विभाग ने प्रमोशन के लिए शिक्षकों की सूची पहले से तैयार कर रखी है।
किन शिक्षकों को देना है एग्जाम
यह परीक्षा हर शिक्षक को नहीं देनी होगी। 1998 से 2009 के बीच नियुक्त प्राथमिक-माध्यमिक शिक्षकों को यह परीक्षा देनी होगी। इसमें सहायक शिक्षक और प्राथमिक शिक्षक शामिल हैं। सहायक अध्यापक और संविदा शाला शिक्षक वर्ग-3 भी इस दायरे में आएंगे। प्रयोगशाला सहायक और प्राथमिक शिक्षक विज्ञान वर्ग को भी परीक्षा देनी होगी। इसके अलावा कुछ अन्य संबंधित श्रेणी के शिक्षक भी इसमें शामिल किए गए हैं।
कैसे होगी ऑफलाइन परीक्षा
यह परीक्षा पूरी तरह ऑफलाइन मोड में होगी। ऑनलाइन तरीके से यह परीक्षा नहीं ली जाएगी। सभी सवाल वस्तुनिष्ठ यानी MCQ (Multiple Choice Question) होंगे। हर सवाल के लिए चार विकल्प दिए जाएंगे। शिक्षकों को सही जवाब OMR (Optical Mark Recognition) शीट पर गोला भरकर देना होगा। इसमें माइनस मार्किंग की व्यवस्था नहीं रखी गई है। परीक्षा केंद्र आवेदन करने वाले शिक्षकों की संख्या पर तय होंगे। शिक्षकों को कम से कम दूरी वाला केंद्र देने की कोशिश होगी। ज्यादा आवेदन आने पर परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी। वहीं आवेदन कम होने पर सीमित केंद्र ही बनाए जाएंगे।
पहले प्रमोशन, फिर भर्ती
मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग की योजना साफ है कि पहले शिक्षकों को प्रमोशन मिलेगा। इसके बाद खाली हुए पदों पर नई भर्ती शुरू होगी। यानी मौजूदा शिक्षकों को पदोन्नति का फायदा मिलेगा। साथ ही पुराने पदों पर नए अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा। इससे दोनों वर्गों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि यह पूरी प्रक्रिया TET के रिजल्ट पर टिकी हुई है।
18 हजार पद खाली होंगे
फिलहाल स्कूल शिक्षा विभाग में करीब 10 हजार पद खाली हैं। मार्च 2027 तक करीब 8 हजार शिक्षक रिटायर होंगे। दोनों आंकड़े जोड़ने पर रिक्त पद करीब 18 हजार हो सकते हैं। यह सिर्फ रिटायरमेंट और मौजूदा खाली पदों का हिसाब है। इसमें प्रमोशन से खाली होने वाले पद शामिल नहीं हैं।
युवाओं को मिलेगा मौका
30 हजार से ज्यादा शिक्षकों के प्रमोशन से उनके पद भी खाली होंगे। रिटायरमेंट वाले 18 हजार पदों में यह संख्या जुड़ जाएगी। इस तरह कुल करीब 48 हजार पद भर्ती के लिए खुल सकते हैं। यह मौका खासतौर पर नए अभ्यर्थियों के लिए फायदेमंद रहेगा। हालांकि वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 में बंटवारा अभी साफ नहीं है। विभाग जल्द इसकी पूरी जानकारी साझा कर सकता है।
भर्ती विज्ञापन कब आएगा
विभाग की तैयारी के मुताबिक विज्ञापन मार्च 2028 के बाद आ सकता है। इसके बाद परीक्षा, रिजल्ट और नियुक्ति की प्रक्रिया चलेगी। इस हिसाब से साल 2026 में नया विज्ञापन आने की उम्मीद नहीं है। यानी अभ्यर्थियों को अभी और इंतजार करना होगा। विभाग का पूरा फोकस अभी प्रमोशन प्रक्रिया पर ही है। भर्ती की रफ्तार प्रमोशन पूरा होने के बाद ही बढ़ेगी।
शिक्षकों की 8 प्रमुख मांगें
शिक्षक संगठन TET का विरोध कर रहे हैं और जल्द प्रमोशन मांग रहे हैं। उनकी कुल आठ प्रमुख मांगें सामने आई हैं। पहली मांग है कि TET के नियम और संवर्गवार स्थिति साफ की जाए। दूसरी मांग पुराने शिक्षकों पर TET के प्रावधान स्पष्ट करने की है। तीसरी मांग उच्च पद प्रभार वाले शिक्षकों के लिए समय-सीमा तय करने की है।
चौथी मांग पदोन्नत शिक्षकों के पदस्थापना आदेश जल्दी जारी करने की है। पांचवीं मांग ई-अटेंडेंस की तकनीकी खामियां दूर करने से जुड़ी है। छठी मांग नेटवर्क समस्या पर स्पष्ट नियम बनाने की है। सातवीं मांग TET, पदोन्नति और पदस्थापना पर लिखित निर्देश जारी करने की है। आठवीं मांग सभी विभागीय प्रक्रियाओं को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की है।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के साथ भी यह मुद्दा उठाया गया है। विभागीय अधिकारियों के साथ बैठकों में भी शिक्षकों ने अपनी मांगें रखी हैं। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। संगठन ने 27 सितंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान किया है। इस आंदोलन में प्रमोशन जल्द करने की मांग भी शामिल है। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।
TET से जुड़ी जरूरी बातें
TET परीक्षा को लेकर कुछ बुनियादी बातें समझना भी जरूरी है। यह परीक्षा क्लास 1 से 8 तक के सरकारी शिक्षकों के लिए अनिवार्य है। यह परीक्षा केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर अलग-अलग होती है। केंद्र इसे CTET (Central Teacher Eligibility Test) के नाम से कराता है। राज्य स्तर पर इसे STET (State Teacher Eligibility Test) कहा जाता है। इस परीक्षा में कुल दो पेपर होते हैं। कक्षा 1 से 5 के लिए पेपर-1 होता है। वहीं कक्षा 6 से 8 के लिए पेपर-2 होता है।
कुल मिलाकर आने वाले महीने शिक्षकों और अभ्यर्थियों दोनों के लिए अहम हैं। दिसंबर की TET परीक्षा पूरे मामले की सबसे बड़ी कड़ी बन चुकी है। इसके नतीजे पर ही प्रमोशन और आगे की भर्ती दोनों टिकी हैं। विभाग का दावा है कि सूची पहले से तैयार है, इसलिए रफ्तार तेज होगी। मगर शिक्षक संगठनों का विरोध इस प्रक्रिया में रुकावट भी बन सकता है। प्रदेश के लाखों शिक्षकों और युवाओं की नजर अब दिसंबर पर टिकी है।
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