स्कूलों को नुकसान की घटनाओं से DPI नाराज, चोरी-तोड़फोड़ हुई तो 24 घंटे में करानी होगी FIR
News in Short
- सरकारी स्कूलों में चोरी और तोड़फोड़ की घटनाओं पर सख्त DPI
- DEO को भेजा पत्र अब नुकसान होने पर तुरंत FIR जरूरी
- हर साल कंप्यूटर, पंखे, मिड-डे मील का सामान चोरी
- चोरी और तोड़फोड़ के मामलों में 24 घंटे में करानी होगी रिपोर्ट
- लोक शिक्षण संचालनालय को भी भेजनी होगी जानकारी
News in Detail
सरकारी स्कूलों की संपत्ति को बचाने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय ने सख्ती शुरू कर दी है। चोरी और तोड़फोड़ की बढ़ती घटनाओं से DPI नाराज है। 11 मई 2026 को अपर परियोजना संचालक नंदा भलावे कुशरे ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा है। इसमें साफ कहा गया है कि अब स्कूल परिसर में किसी भी तरह की क्षति पर तुरंत FIR करानी होगी।
सख्ती के साथ दिए निर्देश
लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। पत्र क्रमांक अकादमिक/सी/2026/582 में लिखा है कि स्कूलों में ताला टूटने, दरवाजे टूटने, परिसर का दुरुपयोग होने की सूचना थानों में नहीं दी जाती। संस्था प्रधान या जनप्रतिनिधि चुप रहते हैं। यह घोर आपत्तिजनक है। भविष्य में ऐसी कोई घटना हो तो तत्काल निकटतम थाने में सूचना दें। पत्र में मानव अधिकार आयोग की अनुशंसा का भी हवाला दिया गया है।
क्यों पड़ी सख्ती की जरूरत
- हर साल लाखों का नुकसान : प्रदेश के स्कूलों में हर साल चोरी और तोड़फोड़ से लाखों की संपत्ति का नुकसान होता है।
- सूचना नहीं देते प्रधानाध्यापक : ज्यादातर मामलों में संस्था प्रधान थाने में रिपोर्ट नहीं कराते। अंदरूनी स्तर पर मामला दबा देते हैं।
- जिम्मेदारी तय नहीं : FIR न होने से नुकसान की भरपाई नहीं हो पाती। दोषी भी पकड़ में नहीं आते।
- आयोग की अनुशंसा : मानव अधिकार आयोग ने 2013 में ही कहा था कि स्कूल संपत्ति को नुकसान पर FIR जरूरी है।
हाल के दिनों में हुई वारदात
- सागर (अप्रैल 2026): शासकीय हाई स्कूल से 8 कंप्यूटर और प्रिंटर चोरी। ताला टूटा मिला। FIR नहीं हुई।
- इंदौर (मार्च 2026): एक प्राथमिक स्कूल से मिड-डे मील का 5 क्विंटल गेहूं-चावल चोरी। रसोइयों ने खुद भरपाई की।
- जबलपुर (फरवरी 2026) : स्कूल की खिड़कियां और दरवाजे तोड़ दिए गए। असामाजिक तत्वों ने परिसर में शराब पी। इस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं।
- भोपाल ( जनवरी 2026) : बैरसिया के स्कूल से 12 पंखे और पानी का पंप चोरी। प्रधानाध्यापक ने "ऊपर" शिकायत की न ही थाने गए।
उदासीनता पर नाराजगी
साल की शुरूआत से अप्रैल माह के बीच ही चार सरकारी स्कूलों में तोड़फोड़ और चोरी की वारदातें हुई हैं। इनमें से एक भी घटना में एक भी FIR दर्ज नहीं हुई थी। इसलिए DPI ने अब जिम्मेदारी तय करने की कवायद शुरू की है। DPI के अफसरों का कहना है कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा पहली जिम्मेदारी है। सूचना छुपाने से नुकसान बढ़ता है। अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
DPI का कड़ा रुख
- FIR अनिवार्य : चोरी, तोड़फोड़, आगजनी जैसी किसी भी घटना पर संस्था प्रधान को 24 घंटे में FIR करानी होगी।
- जवाबदेही तय : FIR न कराने वाले प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई होगी। DEO को हर महीने रिपोर्ट भेजनी होगी।
- संपत्ति की सुरक्षा : स्कूलों में चौकीदार और CCTV लगाने के निर्देश भी जल्द जारी हो सकते हैं।
- रिकवरी : FIR के बाद बीमा या दोषियों से नुकसान की भरपाई की कोशिश होगी।
FAQ
- DPI ने स्कूलों को लेकर क्या नया आदेश दिया है?
DPI ने 11 मई 2026 को पत्र जारी कर कहा है कि स्कूल में चोरी, तोड़फोड़, ताला टूटने जैसी घटना पर संस्था प्रधान तुरंत थाने में FIR कराएं। पहले ऐसी सूचनाएं छुपा ली जाती थीं। - यह आदेश क्यों जारी करना पड़ा?
हर साल स्कूलों से कंप्यूटर, पंखे, मिड-डे मील का सामान चोरी हो जाता है। लाखों का नुकसान होता है। पर प्रधानाध्यापक FIR नहीं कराते थे। मानव अधिकार आयोग ने 2013 में ही FIR की अनुशंसा की थी। - FIR न कराने पर क्या कार्रवाई होगी?
अब FIR न कराने वाले संस्था प्रधान की जिम्मेदारी तय होगी। DPI ने इसे घोर आपत्तिजनक माना है। DEO हर महीने की रिपोर्ट भेजेंगे। लापरवाह प्रधानाध्यापकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
यह खबरें भी पढ़ें...
एमपी में राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के ट्रांसफर आदेश निकले, मॉनिटरिंग गायब!
MP में बढ़ता स्कूल का खर्च: फीस से ज्यादा भारी पड़ रहा किताब और यूनिफॉर्म का दाम
इंदौर स्कूल शिक्षा विभाग में दो करोड़ के गबन में आरोपियों की पत्नी और परिजन भी बने आरोपी
एमपी में डिजिटल शिक्षा की स्थिति बदहाल, इंटरनेट तो छोड़ो...कई स्कूलों में बिजली तक नहीं