एमपी में सेवा संकल्प अभियान में करोड़ों की भागीदारी, बड़ा सवाल- कितनों को मिला योजनाओं का असली लाभ?
बड़ा प्रशासनिक अमला, अब नतीजों पर नजर
प्रदेश में 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान चल रहा है। इसमें सरकार के कई विभागों के साथ मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन अलग-अलग गतिविधियों से जुड़े हैं। सीएम मोहन यादव भी अभियान की समीक्षा कर चुके हैं और आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों पर अधिकारियों से चर्चा हुई है।
यहीं से एक प्रशासनिक सवाल खड़ा होता है। बड़े अभियान में जनभागीदारी महत्वपूर्ण है, लेकिन सरकारी योजनाओं के लिहाज से उसकी उपयोगिता का एक पैमाना यह भी होगा कि पात्र व्यक्ति को सेवा या हितलाभ मिला या नहीं।
यानी तस्वीरें, कार्यक्रम और भागीदारी के आंकड़े अभियान का एक हिस्सा हैं। प्रशासनिक डिलीवरी की वास्तविक तस्वीर आवेदनों के निराकरण और हितलाभ वितरण के आंकड़ों से ज्यादा स्पष्ट होगी।
आज और कल क्यों महत्वपूर्ण?
सेवा सेतु अभियान में 4 अक्टूबर को नगरीय क्षेत्रों में शिविर प्रस्तावित हैं। इनका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के साथ साप्ताहिक जन विश्वास अभियान को भी जोड़ा जाना है।
इसलिए ये दो दिन अभियान के लिए महत्वपूर्ण हैं। किसी पात्र व्यक्ति के दस्तावेज अधूरे हैं तो क्या उन्हें पूरा कराने में सहायता मिलेगी? आवेदन लंबित है तो क्या उसका समाधान होगा? पात्रता होने के बावजूद लाभ नहीं मिला है तो क्या शिविर उस दूरी को कम करेगा? इन सवालों के जवाब ही अभियान की प्रशासनिक उपयोगिता को अधिक स्पष्ट करेंगे।
भागीदारी बड़ी, लेकिन अगला डेटा क्या होगा?
आंगन मिलन सेवा में 24 लाख 28 हजार 116 महिलाओं और बच्चों की भागीदारी और 1 लाख 35 हजार 110 महिलाओं के सम्मान का आंकड़ा सामने आया है। ‘मेरे सपनों का भारत’ के तहत चित्रकला और भाषण गतिविधियों में भी लाखों प्रतिभागी जुड़े हैं।
इतने बड़े स्तर पर अभियान चलने से योजनाओं की जानकारी और प्रशासन की पहुंच बढ़ाने का अवसर मिलता है। स्थानीय शिविर उन नागरिकों के लिए उपयोगी हो सकते हैं जिन्हें सरकारी प्रक्रिया समझने या कार्यालय तक पहुंचने में परेशानी होती है।
उपलब्ध सार्वजनिक आंकड़ों में भागीदारी की संख्या प्रमुखता से सामने है। लेकिन सेवा सेतु शिविरों की वास्तविक सफलता समझने के लिए आगे यह जानना भी जरूरी होगा कि कितने नए पात्र हितग्राही चिह्नित हुए, कितने आवेदन आए, कितने मौके पर निपटे और कितनों को अंतिम रूप से लाभ मिला।
मानव रंगोली से इनोवेशन तक
इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, झाबुआ और आलीराजपुर में मानव रंगोली की योजना है। ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ में विद्यार्थी, उद्यमी, शिक्षक और अधिकारी शामिल होंगे। वहीं ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत 2 से 10 अक्टूबर के बीच स्वच्छता, स्वास्थ्य, दिव्यांगजन और विद्यार्थी कल्याण समेत 10 गतिविधियों पर काम प्रस्तावित है।
7 अक्टूबर को सेवा ज्योति कलश यात्रा भी प्रस्तावित है और उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन होना है।
अब ‘कितने जुड़े’ से आगे ‘कितनों का काम हुआ’
सेवा संकल्प अभियान में बड़े स्तर पर गतिविधियां और जनभागीदारी दिखाई दे रही है। सरकार इसे नागरिकों को योजनाओं और सेवा गतिविधियों से जोड़ने की पहल के रूप में प्रस्तुत कर रही है, लेकिन प्रशासनिक दृष्टि से अगला महत्वपूर्ण पैमाना अलग है- कितने पात्र नागरिक चिह्नित हुए, कितने मामलों का शिविर में समाधान हुआ और कितने लोगों को वास्तविक हितलाभ मिला।
यही आंकड़े सामने आने के बाद ज्यादा स्पष्ट तस्वीर बनेगी कि अभियान में लगी प्रशासनिक ऊर्जा ने आयोजन और जनभागीदारी के साथ-साथ सरकारी सेवाओं की अंतिम छोर तक डिलीवरी में कितना ठोस परिणाम दिया।
- सेवा संकल्प अभियान क्या है?
सेवा संकल्प अभियान मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया एक कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना और प्रशासनिक डिलीवरी में सुधार करना है। - सेवा सेतु शिविरों का क्या उद्देश्य है?
सेवा सेतु शिविरों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं से वास्तविक लाभ मिले और उनके आवेदन का समाधान किया जा सके। - सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत क्या गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं?
सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं जैसे मानव रंगोली, सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज, स्वच्छता, स्वास्थ्य, दिव्यांगजन, और विद्यार्थी कल्याण से संबंधित कार्यक्रम।