क्रांति गौड़ के बाद एमपी के छतरपुर से चमका एक और सितारा, शाहिद खान की टीम इंडिया में एंट्री
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की मिट्टी में इन दिनों कामयाबी की महक है। क्रांति गौड़ के बाद अब शाहिद खान ने क्रिकेट की दुनिया में बुंदेलखंड का परचम लहराया है।
जहां एक ओर एमपी की बेटी क्रांति और टीम इंडिया ने ICC वनडे वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया था। वहीं दूसरी ओर गांव-गांव आइसक्रीम बेचने वाले दिव्यांग खिलाड़ी शाहिद खान ने इंडियन पैरा क्रिकेट टीम में जगह बनाकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। शाहिद अब 4 अप्रैल को श्रीलंका में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इन दोनों सितारों की कहानी साबित करती है कि अगर इरादे फौलादी हों, तो आर्थिक तंगी या शारीरिक बाधाएं आपके सपनों को नहीं रोक सकतीं। आइए जानें शाहिद खान के संघर्ष की भट्टी में तपकर हीरा बनेने का पूरा सफर...
गांव-गांव जाकर आइसक्रीम बेचते थे शाहिद
शाहिद खान का जीवन चुनौतियों और अभावों से भरा रहा है। वे छतरपुर जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता एक साधारण मजदूर हैं और घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
परिवार की मदद के लिए शाहिद गांव-गांव जाकर आइसक्रीम बेचते थे। वे ठेले पर आइसक्रीम बेचकर अपने पिता का हाथ बटाते थे। हालांकि इस काम के बीच उन्होंने क्रिकेट का जुनून कभी नहीं छोड़ा।
एक हाथ से बल्लेबाजी का अनोखा टैलेंट
शाहिद खान शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं पर इरादों से बहुत मजबूत हैं। वे एक हाथ से बल्लेबाजी करते हैं और मैदान पर शानदार शॉट लगाते हैं। शाहिद एक बेहतरीन ऑलराउंडर हैं जो गेंद और बल्ले दोनों से माहिर हैं। वे वर्तमान में सागर डिवीजन की क्रिकेट टीम के कप्तान भी हैं। उनकी कप्तानी में सागर की टीम ने अब तक एक भी मैच नहीं हारा है।
श्रीलंका में दिखाएंगे अपनी बल्लेबाजी का दम
अब शाहिद खान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं। आगामी 4 अप्रैल से श्रीलंका के कोलंबो में एक बड़ा टूर्नामेंट शुरू होगा।
ये एक त्रिकोणीय टी-20 सीरीज है जिसमें भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश शामिल हैं। शाहिद 4 अप्रैल को श्रीलंका के लिए रवाना होंगे और अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेंगे। उनके चयन से छतरपुर के लोगों में भारी उत्साह और खुशी का माहौल है।
मुख्यमंत्री के आयोजन में भी बिखेरा जलवा
हाल ही में मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने एक विशेष आयोजन किया था। इसमें 100 घंटे लगातार क्रिकेट खेलने का रिकॉर्ड बनाने की कोशिश हुई थी।
इस बड़े आयोजन में भी शाहिद खान ने शानदार प्रदर्शन किया था। उनके खेल को देखकर कई बड़े खिलाड़ी और अधिकारी भी हैरान रह गए थे। उन्होंने बिहार के पटना समेत कई राज्यों में अपनी धाक जमाई है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने शाहिद खान
शाहिद खान ने साबित कर दिया कि ताकत शरीर में नहीं, इरादों में होती है। अपनी सफलता पर उन्होंने युवाओं को एक बहुत ही प्यारा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता कभी भी आपकी तरक्की के बीच नहीं आ सकती।
अगर आप मेहनत करना जानते हैं तो भगवान भी आपकी मदद जरूर करते हैं। राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया ने भी शाहिद को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
गांव-गांव जाकर आइसक्रीम बेचने वाले एक दिव्यांग युवक का इंडियन पैरा क्रिकेट टीम (इंडियन क्रिकेट टीम) में चुना जाना, कड़ी मेहनत और अटूट हौसले की सबसे बड़ी मिसाल है।
कौन हैं क्रांति गौड़
क्रांति गौड़ भारतीय महिला क्रिकेट का एक ऐसा चमकता सितारा हैं, जिन्होंने अपनी तेज़ रफ्तार से सबको हैरान कर दिया है। मध्य प्रदेश के छतरपुर (घुवारा गांव) की रहने वाली 22 साल की क्रांति ने एक साधारण परिवार में जन्म लिया और आर्थिक मुश्किलों का सामना करते हुए, आखिरकार ICC वनडे वर्ल्ड कप 2025 जैसे बड़े मंच पर अपनी जगह बनाई।
पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में 3 विकेट लेकर 'प्लेयर ऑफ द मैच' बनने वाली इस दाएं हाथ की तेज गेंदबाज ने साबित कर दिया कि छोटे शहरों में भी बड़े सपने सच होते हैं। कभी मुंबई इंडियंस की नेट बॉलर रहीं क्रांति को WPL में यूपी वारियर्स ने पहचान दी, जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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