एमपी बार काउंसिल में जस्टिस अंजुली पालो समेत 2 महिला सदस्य मनोनीत, 25 सदस्यों की सूची जारी
चुनाव में 23 सदस्य हुए थे निर्वाचित
परिषद की अधिसूचना के मुताबिक, 12 मई 2026 को हुए चुनाव में 23 सदस्य चुने गए थे। इनमें सामान्य वर्ग से 18 और महिला प्रतिनिधित्व के तहत 5 महिलाएं शामिल थीं। अब दो और महिला सदस्यों को चुने जाने के बाद सूची में कुल 25 सदस्यों के नाम दर्ज हो गए हैं।
जस्टिस अंजुली पालो जबलपुर से, सुधा श्रीवास्तव इंदौर से
अधिसूचना के मुताबिक, जस्टिस अंजुली पालो का संबंध जबलपुर और सुधा श्रीवास्तव का इंदौर से है। जस्टिस पालो पूर्व न्यायाधीश हैं। दोनों को 10 अक्टूबर 2026 को मुख्य न्यायाधीश के पत्र के जरिए परिषद में सह-संयोजित सदस्य बनाया गया है। यह पत्र क्रमांक A/3653 के तहत जारी किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत हुई कार्रवाई
बता दें कि राज्य अधिवक्ता परिषद ने यह अधिसूचना सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के आधार पर जारी की है। ये आदेश 18 दिसंबर 2025, 9 फरवरी 2026 और 4 अगस्त 2026 को दिए गए थे। ये सभी आदेश सुप्रीम कोर्ट में चल रहे एक मामले से जुड़े हैं। परिषद के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश ने इन्हीं आदेशों का पालन करते हुए दोनों महिला सदस्यों को चुना है।
इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के सदस्यों की संख्या अधिक
जारी सूची में इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर से चुने गए सदस्य शामिल हैं। सामान्य वर्ग से इंदौर के राकेश सिंह भदौरिया, अखिलेश कुमार सक्सेना और विवेक सिंह समेत अन्य सदस्य हैं। जबलपुर से आर.के. सिंह सैनी, नित्य नंद मिश्रा, मनीष तिवारी, सुनील कुमार मिश्रा, नवीन शुक्ला, रशीद सुहैल सिद्दीकी और शैलेंद्र वर्मा चुने गए हैं। वहीं, ग्वालियर से जितेंद्र कुमार शर्मा, गौरव मिश्रा और दिनेश कुमार शुक्ला को जगह मिली है।
पांच महिला सदस्य चुनाव से, दो मनोनयन से शामिल
महिला प्रतिनिधित्व के तहत चुनाव जीतने वाली पांच सदस्यों में सिंगरौली की अन्नू पटेल, रीवा की प्रवीन तिवारी शामिल हैं। साथ ही ग्वालियर की प्रतिका पाठक, सागर की रश्मि रितु जैन और इंदौर की प्रतिभा वालिया भी शामिल हैं। अब जस्टिस अंजुली पालो और सुधा श्रीवास्तव के जुड़ने से परिषद में महिला सदस्यों की संख्या बढ़कर सात हो गई है।
एक सदस्य का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित
अधिसूचना में नरेंद्र कुमार जैन के नाम के साथ एक खास टिप्पणी भी दी गई है। इसमें कहा गया है कि उनका निर्वाचन सुप्रीम कोर्ट में चल रहे सिविल अपील नंबर 10974/2026 के फैसले पर निर्भर करेगा। यानी इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला उनकी सदस्यता पर असर डाल सकता है।
हाई पावर्ड इलेक्शन कमेटी ने सूची को दी मंजूरी
मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद (State Bar Council of Madhya Pradesh) के सचिव आशीष आनंद पांडे ने यह अधिसूचना जारी की है। इसमें बताया गया है कि सदस्यों की सूची को मध्यप्रदेश की हाई पावर्ड इलेक्शन कमेटी ने मंजूरी दी है। परिषद का मुख्यालय जबलपुर में हाईकोर्ट परिसर में है। यह अधिसूचना 12 अक्टूबर 2026 को जारी की गई है।