देश का सबसे बड़ा बाघ शिकारी बट्टू गिरफ्तार, भारत से म्यांमार तक करता था तस्करी
समझें क्या है पूरा मामला
- एमपी की स्पेशल फोर्स ने खूंखार बाघ शिकारी बट्टू को पकड़ लिया है।
- आरोपी बट्टू उर्फ पूनमलाल कटनी जिले का रहने वाला है।
- वह पिछले एक साल से अधिक समय से फरार चल रहा था।
- आरोपी पर देश भर में 24 बाघों के शिकार का गंभीर आरोप है।
- इसका नेटवर्क भारत के जंगलों से म्यांमार के अवैध बाजारों तक फैला था।
मध्य प्रदेश की स्पेशल टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STF) को बड़ी कामयाबी मिली है। टीम ने देश के सबसे खूंखार बाघ शिकारियों में से एक को दबोच लिया है। पकड़े गए शातिर आरोपी का नाम बट्टू उर्फ पूनमलाल है।
वन्यजीव विभाग की टीम लंबे समय से इसकी तलाश कर रही थी। वह पिछले एक साल से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। मुखबिर की सटीक सूचना पर सुरक्षा टीम ने शनिवार को जाल बिछाया।
एसटीएफ की टीम ने अनूपपुर जिले के कोटमा रोड पर घेराबंदी की थी। वहां नेशनल हाईवे-43 के पास बट्टू को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। आरोपी बट्टू मूल रूप से मध्य प्रदेश के कटनी जिले का निवासी है।
इस शातिर शिकारी पर देश के अलग-अलग राज्यों में केस दर्ज हैं। बट्टू पर भारत भर में 24 से ज्यादा बाघों के शिकार का आरोप है। इसके अलावा वह अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क से भी सीधे जुड़ा हुआ था।
कहां तक फैला था आरोपी का नेटवर्क?
शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाले बड़े खुलासे सामने आए हैं। अधिकारियों के अनुसार बट्टू एक बेहद बड़े अंतरराज्यीय शिकार सिंडिकेट का हिस्सा है। यह खतरनाक गैंग भारत के कई राज्यों के जंगलों में एक्टिव है।
जांचकर्ताओं को पूरा संदेह है कि वह बालाघाट के जंगलों में शामिल था। उसने वहां बाघों का अवैध शिकार करके उनकी खाल और हड्डियां गायब की थीं। वह इन अंगों को बेचने का काम काफी समय से कर रहा था।
यह सिंडिकेट भारत के जंगलों से बाघों के अवशेषों की तस्करी करता था। अंगों को पहले असम और मिजोरम के रास्तों से बाहर भेजा जाता था। इसके बाद इन्हें म्यांमार के अवैध अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जाता था।
ग्लोबल मार्केट में वन्यजीवों के अंगों की इस समय भारी डिमांड है। इसी कारण इस गिरोह के तार कई बड़े विदेशी तस्करों से जुड़े हैं। वे भारत के जंगलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे थे।
कोर्ट ने आरोपी बट्टू को लेकर क्या फैसला सुनाया है?
इस हाई-प्रोफाइल वन्यजीव मामले में जांच एजेंसियां तेजी से काम कर रही हैं। मध्य प्रदेश पुलिस और वन विभाग अब तक पांच आरोपियों को पकड़ चुका है। इस लिस्ट में वन्यजीव अंगों का कुख्यात तस्कर सोनू सिंह बावरिया भी शामिल है। सोनू बावरिया से पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे थे। इसी के बाद मुख्य आरोपी बट्टू तक पहुंचने का रास्ता पूरी तरह साफ हुआ था।
गिरफ्तारी के बाद बट्टू को वन विभाग की विशेष अदालत में पेश किया गया। सरकारी वकीलों ने कोर्ट से आरोपी की कड़ी कस्टडी की मांग की थी।
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे फॉरेस्ट कस्टडी में भेज दिया। अब वन विभाग की टीम उससे और गहन पूछताछ करने की तैयारी में है। टीम इस गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्यों का पता लगाने में जुटी है।
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