Bhopal Dog Shelter: भोपाल में खुलेगा पहला सरकारी डॉग शेल्टर, एक साथ रह सकेंगे 2000 कुत्ते
Anjali Dwivedi | May 26, 2026, 18:11 IST
Bhopal Dog Shelter
भोपाल नगर निगम शहर का पहला सरकारी डॉग शेल्टर बनाने जा रहा है। कलियासोत इलाके में बनने वाले इस आधुनिक केंद्र में 2000 आवारा कुत्तों को रखने की व्यवस्था होगी। इससे सड़कों पर कुत्तों का आतंक कम होगा और लोग सुरक्षित रहेंगे।
समझें क्या है पूरा मामला
- भोपाल को आवारा कुत्तों के आतंक से बचाने के लिए बड़ा प्लान तैयार हुआ है।
- सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नगर निगम पहला सरकारी डॉग शेल्टर बनाएगा।
- यह आधुनिक शेल्टर कलियासोत इलाके की एक एकड़ जमीन पर तैयार किया जाएगा।
- इस नए केंद्र में एक साथ करीब दो हजार आवारा कुत्तों को रखा जा सकेगा।
- पहले चरण में स्कूल और अस्पताल जैसी 9 खास जगहों पर फोकस किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2025 के निर्देश का पालन करते हुए भोपाल नगर निगम (बीएमसी) बड़ा कदम उठा रहा है। बीएमसी कलियासोत इलाके में शहर का पहला सरकारी डॉग शेल्टर होम बनाने जा रही है। इस प्रोजेक्ट को लेकर जमीन का चयन पूरा कर लिया गया है।
यह नया और आधुनिक केंद्र पूरे एक एकड़ की बड़ी जमीन पर फैला होगा। इस आधुनिक शेल्टर होम में करीब 1500 से दो हजार आवारा कुत्तों को एक साथ रखने की क्षमता होगी।
इस बड़े प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद एक बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे शहर की सड़कों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। लोग अब बिना किसी डर के सड़कों पर आसानी से घूम सकेंगे।
शहर के कौन से 9 नो-डॉग जोन्स चुने गए हैं?
इन खास जगहों से ही आवारा कुत्तों को सबसे पहले पकड़कर नए शेल्टर होम (SHELTERHOME) में भेजा जाएगा। इन मुख्य जोन्स में शहर के बड़े स्कूल, सरकारी अस्पताल और बस स्टैंड शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को भी इस लिस्ट में रखा गया है।
इन भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों में आवारा कुत्तों के कारण हमेशा डर का माहौल रहता था। वहां सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर स्थानीय जनता लगातार नगर निगम पर सवाल उठाती रही है।
भोपाल नगर निगम ने पिछले साल ही शहर के भीतर ऐसी करीब 900 लोकेशन की पहचान की थी। अब इन चुनिंदा जगहों से चरणबद्ध तरीके से यानी बारी-बारी से आवारा कुत्ते हटाने का काम किया जाएगा। इससे बच्चों और मरीजों को सबसे पहले सुरक्षित माहौल मिल सकेगा।
सिर्फ नसबंदी से कुत्तों की समस्या क्यों हल नहीं हुई?
इन केंद्रों में हर साल लगभग 20 हजार आवारा कुत्तों की नसबंदी और उनका समय पर टीकाकरण किया जाता है। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया के बावजूद सड़कों पर कुत्तों का आतंक कम नहीं हो पा रहा था। इसका मुख्य कारण इन सेंटर्स की अपनी एक सीमा होना है।
असल में इन केंद्रों में कुत्तों को नसबंदी के बाद सिर्फ पांच दिन ही रखने का नियम है। इसके बाद उन्हें वापस उसी पुराने इलाके में छोड़ दिया जाता है जहाँ से उन्हें पकड़ा गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा था कि सिर्फ नसबंदी करने से इस बड़ी समस्या का परमानेंट हल नहीं निकलेगा। कोर्ट ने हर जिले में एक स्थायी शेल्टर होम (animal shelter) बनाने की जरूरत पर जोर दिया था। अब इस काम की जिम्मेदारी इंजीनियरिंग विभाग को सौंप दी गई है।
FAQ
- भोपाल में पहला सरकारी डॉग शेल्टर होम किस इलाके में बनाया जा रहा है?
भोपाल का पहला आधुनिक और सरकारी डॉग शेल्टर कलियासोत इलाके में बनेगा। इसके लिए नगर निगम ने एक एकड़ की जमीन फाइनल की है जहाँ निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। - इस डॉग शेल्टर में कुल कितने कुत्तों को रखा जा सकेगा?
इस नए और बड़े सरकारी शेल्टर होम में एक साथ करीब 1,500 से लेकर 2,000 आवारा कुत्तों को रखने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे सड़कों पर भीड़ कम होगी।
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