MP में 3278 संदिग्ध बांग्लादेशी चिह्नित, बंगाल सरकार ने 3259 को बताया अपना नागरिक
News In Short
- MP में 3278 संदिग्ध बांग्लादेशी पुलिस ने चिह्नित किए।
- बंगाल सरकार ने 3259 लोगों को अपना नागरिक बताया।
- 19 के दस्तावेज अवैध, BSF को सौंपे गए बांग्लादेश हेतु।
- 20 MP पुलिस टीमें बंगाल भेजकर हुई दस्तावेज जांच।
- गृह विभाग फर्जी दस्तावेज की आशंका में फिर करेगा जांच।
News In Detail
मध्य प्रदेश में पुलिस ने केंद्र सरकार के निर्देश पर 3,278 संदिग्ध बांग्लादेशी घुसपैठियों (Suspected Bangladeshi Infiltrators) को चिह्नित किया।
बंगाल सरकार ने इनमें से 3,259 को अपने राज्य का नागरिक बताया। लेकिन MP गृह विभाग (MP Home Department) इसे अंतिम नहीं मान रहा। फर्जी दस्तावेज की आशंका के चलते दोबारा सत्यापन (Re-verification) की तैयारी है।
MP में बड़ा घुसपैठ विरोधी अभियान
मध्य प्रदेश में बांग्लादेशी घुसपैठ (Bangladeshi Infiltration MP) के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया गया। केंद्र सरकार ने जून 2025 में सभी राज्यों को निर्देश दिए थे। सभी राज्यों से संदिग्ध बांग्लादेशियों की पहचान करने और उनके दस्तावेजों का सत्यापन कराने को कहा गया था।
इसके बाद मुख्य सचिव अनुराग जैन ने गृह विभाग और पुलिस अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बैठक में संदिग्धों को चिह्नित करने का तरीका और आगे की प्रक्रिया तय की गई। सभी जिलों में थाना प्रभारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।
कैसे हुई पहचान और क्या मिला?
अवैध बांग्लादेशी की पहचान उनकी भाषा, काम के तरीके और रहन-सहन के आधार पर की गई। इस पूरे अभियान में राज्य भर से 3,278 लोगों को संदिग्ध बांग्लादेशी (Suspected Bangladeshi Nationals) के रूप में चिह्नित किया गया।
यह एक बड़ी संख्या है जो घुसपैठ की गंभीरता को दर्शाती है। चिह्नित लोगों के दस्तावेजों की जांच के लिए अगला कदम उठाया गया। इसके लिए मध्य प्रदेश पुलिस ने एक विशेष योजना बनाई और पश्चिम बंगाल में जांच दल भेजे।
20 पुलिस टीमें बंगाल रवाना हुईं
दस्तावेजों की पुष्टि के लिए मध्य प्रदेश पुलिस (Madhya Pradesh Police) की 20 विशेष टीमें पश्चिम बंगाल भेजी गईं। हर टीम ने तीन से चार जिलों में जाकर शासकीय कार्यालयों से जानकारी जुटाई।
आधार कार्ड, राशन कार्ड और मतदाता परिचय पत्र जैसे दस्तावेजों की जांच की गई। बंगाल सरकार ने इनमें से 3,259 लोगों के दस्तावेजों को सही बताया। बंगाल सरकार ने स्वीकार किया कि इन लोगों के आधार, राशन कार्ड और वोटर आईडी (Voter ID Verification) उनके राज्य से ही जारी हुए हैं।
19 को BSF को सौंपा गया
3,278 चिह्नित संदिग्धों में से 19 ऐसे लोग पाए गए जिनके दस्तावेजों को वैध नहीं माना गया। इन 19 लोगों को बांग्लादेश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
मध्य प्रदेश पुलिस ने नियमानुसार इन्हें सीमा सुरक्षा बल यानी BSF (Border Security Force) को सौंप दिया। BSF इन्हें बांग्लादेश सीमा तक पहुंचाने के लिए जिम्मेदार है। यह कार्रवाई घुसपैठ विरोधी अभियान (Anti Infiltration Drive) की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।
गृह विभाग नहीं मान रहा अंतिम सच
एमपी गृह विभाग बंगाल सरकार की रिपोर्ट को अंतिम नहीं मान रहा है। अधिकारियों की चिंता है कि कई बांग्लादेशी घुसपैठिए पश्चिम बंगाल में जाकर फर्जी तरीके से दस्तावेज बनवा सकते हैं।
आधार, राशन कार्ड और वोटर आईडी फर्जी तरीके से बनवाना पूरी तरह असंभव नहीं है। इसी आशंका के चलते MP गृह विभाग (MP Home Department) सतर्क है। अधिकारियों का कहना है कि जहां भी संदेह होगा वहां दोबारा सत्यापन कराया जाएगा।
सतत जारी रहेगी सत्यापन प्रक्रिया
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह एक सतत चलने वाली प्रक्रिया (Continuous Verification Process) है। एक बार की जांच को पर्याप्त नहीं माना जाएगा। संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों (Suspected Bangladeshi Citizens) की पहचान और सत्यापन का अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।
मध्य प्रदेश सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए इस मुद्दे पर पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत यह अभियान आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।
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