डीपीआई ने शिक्षकों को पात्रता साबित करने दिया आखिरी मौका
News in Short
- आरटीई (अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत शिक्षकों के लिए जरूरी है टीचर इलिजिबिलिटी टेस्ट।
- सुप्रीम कोर्ट ने भी टीईटी पास शिक्षकों को ही स्कूलों के शैक्षणिक कार्यों के लिए पात्र मानते हुए दिया है फैसला।
- मध्य प्रदेश में करीब डेढ़ लाख शिक्षक टीईटी पास किए बिना ही सालों से स्कूलों में अध्ययन करा रहे हैं।
- लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा ऐसे शिक्षकों के लिए विशेष दक्षता एवं पात्रता परीक्षा का आयोजन किया है।
- टीईटी परीक्षा में शामिल न होने और फेल होने वाले शिक्षक।
News in Detail
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खलबली के बीच डीपीआई में शिक्षकों को योग्यता साबित करने आखिरी अवसर दिया है। विशेष दक्षता एवं पात्रता परीक्षा 2026 के संबंध में आदेश जारी किया है।
लोक शिक्षण संचालनालय ऑनलाइन पंजीयन के लिए पोर्टल भी खोल दिया गया है। पोर्टल पर ऐसे शिक्षक 1 से 25 अप्रेल के बीच एम्पलाई आईडी के माध्यम से पंजीयन कर पाएंगे। डीपीआई ने टीईटी के बिना स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों का ब्यौरा भी जिला शिक्षा अधिकारियों से मांगा है।
डेढ़ लाख शिक्षकों में नाराजगी
अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार एक्ट के तहत शिक्षकों के लिए अब टीईटी पास करना जरूरी है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मध्य प्रदेश में डेढ़ लाख शिक्षकों में खलबली मची हुई है। इस मामले मे सनुवाई के दौरान सरकार की ओर से मजबूत पक्ष न रखे जाने से शिक्षकों में नाराजगी है।
शिक्षक संगठन सरकार से इस मामले में मध्यस्थता और कोर्ट में उनका पक्ष रखने की मांग कर रहे हैं। उनकी उम्मीदों को अब लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश से तगड़ा झटका लगा है।
वहीं इस आदेश से तय हो गया है कि अब शिक्षकों का कोई बहाना नहीं चलेगा और सरकार भी इस मामले में दूरी बना चुकी है। संचालनालय ने दक्ष्ता एवं पात्रता परीक्षा की तैयारी भी कर ली है।
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पोर्टल पर पंजीयन कराने के निर्देश
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा अप्रेल के अंत अथवा मई माह में विशेष दक्षता एवं पात्रता परीक्षा की तैयारी कर ली है। इसके लिए प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों को पोर्टल पर पंजीयन दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
वे सभी शिक्षक जो टीईटी पास नहीं हैं सभी को एमपी ऑनलाइन के जरिए पंजीयन करना होगा। इन सभी को दक्षता और पात्रता साबित करने का यह अंतिम अवसर होगा।
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परीक्षा तय करेगी शिक्षकों का भविष्य
डीपीआई द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षा ही इन डेढ़ लाख शिक्षकों का भविष्य तय करेगी। जो परीक्षा पास करेंगे वे शासकीय सेवा में नियमित रह पाएंगे।
इसके अलावा उन्हें ही शिक्षक के रूप में मिलने वाली क्रमोन्नति, पदोन्नति जैसे दूसरे लाभ मिलेंगे। प्रदेश के स्कूलों में टीईटी के बिना कार्यरत शिक्षकों का डेटा भी डीपीआई ने जिला शिक्षा अधिकारियों से मांगा है।
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टीईटी बिना पढ़ा रहे डेढ़ लाख शिक्षक
मध्य प्रदेश में करीब डेढ़ लाख शिक्षक ऐसे हैं जिनके पास टीईटी की दक्षता नहीं है। यह आंकड़ा वर्ष 1998 में नियुक्त शिक्षाकर्मी वर्ग 1,2 और 3 के अलावा वर्ष 2001, 2003, 2005, 2008, 2011 और 2013-14 में नियुक्ति पाने वाले प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक संविदा शिक्षकों के बीच कार्यरत शिक्षकों का है। इसमें अनुकंपा के आधार पर नियुक्त शिक्षक भी शामिल हैं।