MP शिक्षक वर्ग-1 भर्ती विवाद फिर पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, 31 अगस्त को होगी सुनवाई

Amresh Kushwaha | Aug 24, 2026, 09:33 IST
MP शिक्षक वर्ग-1 भर्ती विवाद फिर पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
मध्य प्रदेश में उच्च माध्यमिक शिक्षक वर्ग-1 भर्ती-2023 का विवाद फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने शीघ्र सुनवाई की मांग की है। सुनवाई 31 अगस्त को संभावित है। इसी बीच पद बढ़ाने की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर अभियान भी चल रहा है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • उच्च माध्यमिक शिक्षक वर्ग-1 भर्ती-2023 से जुड़ा विवाद फिर गरमाया है।
  • स्कूल शिक्षा विभाग ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
  • विभाग ने पुरानी याचिका में शीघ्र सुनवाई की मांग की है।
  • मामले की सुनवाई 31 अगस्त को होने की उम्मीद है।
  • यह विवाद भर्ती की पात्रता शर्तों को लेकर शुरू हुआ था।

मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर चल रहा विवाद अब सुलझने की उम्मीद जगी है। यह मामला उच्च माध्यमिक शिक्षक वर्ग 1 भर्ती-2023 से जुड़ा है। यह विवाद लंबे समय से अटका हुआ है। हजारों अभ्यर्थी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। अब स्कूल शिक्षा विभाग ने इस मामले में दोबारा सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।



विभाग ने क्या कदम उठाया

विभाग ने पहले से दायर विशेष अनुमति याचिका में एक नया आवेदन लगाया है। इसमें शीघ्र सुनवाई की मांग की गई है। विभाग चाहता है कि मामला जल्दी निपट जाए। इसी वजह से 31 अगस्त को सुनवाई होने की संभावना बताई जा रही है। अगर सुनवाई तय तारीख पर होती है, तो अभ्यर्थियों को जल्द राहत मिल सकती है।



भर्ती में पद बढ़ाने की मांग

इसी बीच वर्ग-1 शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग जोर पकड़ रही है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर लगातार अभियान चल रहा है। कई अभ्यर्थी और संगठन इस मुद्दे को उठा रहे हैं। इस दबाव के बीच विभाग ने अपना पक्ष सरकार के सामने रखा है।



विभाग ने क्यों कहा नामुमकिन

विभाग ने सरकार को साफ बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विज्ञापित पदों की संख्या बढ़ाना संभव नहीं है। यह बात नियमों के हवाले से कही गई है। विभाग के मुताबिक अभी जो रिक्त पद दिख रहे हैं, वे सीधी भर्ती वाले नहीं हैं। ये पद पदोन्नति यानी प्रमोशन (Promotion) और बैकलॉग श्रेणी से जुड़े हैं। ऐसे पद सीधी भर्ती के जरिए नहीं भरे जा सकते। इसलिए पद बढ़ाने की मांग पूरी करना विभाग के लिए आसान नहीं है।



कितने पद पर हुई थी भर्ती

उच्च माध्यमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2023 में कुल सात हजार 591 पद विज्ञापित किए गए थे। इसके बाद तीन हजार 650 अभ्यर्थियों की चयन सूची भेजी गई। सत्यापन प्रक्रिया के बाद सिर्फ तीन हजार 182 अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश मिल पाए। यानी विज्ञापित पदों की तुलना में नियुक्ति काफी कम हुई है। इस वजह से भी अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ रही है।



पद खाली रहने की असली वजह

आंकड़ों में बड़ा अंतर आने के पीछे दो मुख्य कारण बताए गए हैं। पहला कारण एसटी वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों की कमी है। दूसरा कारण ओबीसी आरक्षण से जुड़ा कोर्ट प्रकरण है। इन दोनों वजहों से कई पद अब भी खाली रह गए हैं। यही वजह है कि अब मामला सीधे सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है।



पूरा विवाद कब से शुरू हुआ

यह पूरा विवाद उच्च माध्यमिक शिक्षक वर्ग-1 भर्ती-2023 की पात्रता शर्तों को लेकर शुरू हुआ था। शुरुआत में ही कुछ अभ्यर्थियों ने पात्रता की शर्तों पर सवाल उठाए थे। इसके बाद मामला अदालत तक जा पहुंचा। तभी से भर्ती प्रक्रिया बीच-बीच में अटकती रही है। अब सरकार इस पूरे विवाद का स्थायी हल चाहती है।



आयुक्त ने क्या कहा

इस पूरे मामले पर लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह ने अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि जल्द निराकरण के लिए ही विभाग फिर सुप्रीम कोर्ट गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार मामले का स्थायी हल निकल जाएगा। उनके इस बयान से साफ है कि विभाग भी इस देरी से चिंतित है। अब सबकी नजरें 31 अगस्त की सुनवाई पर टिकी हैं।



आगे क्या हो सकता है

यदि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तय समय पर होती है, तो स्थिति साफ हो सकती है। इससे हजारों अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता खुल सकता है। साथ ही पद बढ़ाने की मांग पर भी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल अभ्यर्थी और विभाग दोनों की निगाहें कोर्ट के फैसले पर हैं। अगली सुनवाई से ही तय होगा कि यह विवाद कब तक सुलझेगा।



FAQ

  1. उच्च माध्यमिक शिक्षक वर्ग-1 भर्ती-2023 का विवाद क्या है?
    यह विवाद भर्ती की पात्रता शर्तों को लेकर शुरू हुआ था। 7,591 पद विज्ञापित हुए थे, पर सिर्फ 3,182 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली। एसटी वर्ग में पात्र अभ्यर्थियों की कमी और ओबीसी आरक्षण से जुड़े कोर्ट मामले की वजह से पद खाली रह गए। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है।
  2. क्या वर्ग-1 शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाए जा सकते हैं?
    विभाग के मुताबिक चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पद बढ़ाना नियमों के तहत संभव नहीं है। वर्तमान में जो रिक्त पद दिख रहे हैं, वे प्रमोशन और बैकलॉग श्रेणी के हैं। ऐसे पद सीधी भर्ती से नहीं भरे जा सकते। इसलिए पद बढ़ाने की मांग पूरी करना मुश्किल बताया गया है।

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