एमपी के टीचर्स की छुट्टियां 7 जून तक बढ़ीं, 16 जून से खुलेंगे स्कूल
News In Short
- एमपी में गर्मी और हीट वेव के कारण शिक्षकों की छुट्टी 1 मई से 7 जून तक बढ़ाई गई।
- स्कूल चलें हम अभियान का दूसरा चरण 16 जून से 30 जून तक चलेगा।
- चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम और शिक्षक ऐप से ड्रॉपआउट बच्चों की निगरानी की जाएगी।
- प्रबंधन समिति और कलेक्टर स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति की समीक्षा करेंगे।
News in detail
मध्यप्रदेश में बढ़ती गर्मी और हीट वेव को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय (dpi) ने ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाया है। कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच गया है। आदेश के अनुसार शिक्षकों का अवकाश एक मई 2026 से सात जून 2026 तक रहेगा। यह अवकाश प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों पर लागू होगा।
शिक्षकों को अतिरिक्त राहत
प्रदेश में अत्यधिक गर्मी और हीट वेव को देखते हुए शिक्षकों को 7 दिन की अतिरिक्त छुट्टी दी गई। पहले यह अवकाश 1 जून से शुरू होना था, लेकिन अब 7 जून से शिक्षक विद्यालय में उपस्थित होंगे। यह निर्णय जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों की मांग को देखते हुए लिया गया।
स्कूल चलें हम अभियान
16 जून से स्कूल चलें हम अभियान का दूसरा चरण शुरू होगा। यह अभियान 30 जून तक चलेगा। इसका उद्देश्य ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ना, प्रवेश सुनिश्चित करना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। स्कूलों में शाला प्रारंभ उत्सव आयोजित कर नए प्रवेश लेने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों का स्वागत किया जाएगा।
चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम
राज्य शिक्षा केंद्र ने निर्देश दिए हैं कि चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम और हमारे शिक्षक ऐप का उपयोग कर बच्चों की मॉनिटरिंग की जाएगी। ड्रॉपआउट बच्चों की सूची के आधार पर घर-घर संपर्क कर उन्हें स्कूल से जोड़ा जाएगा। समय पर पाठ्यपुस्तक वितरण और ऑनलाइन एंट्री की निगरानी भी अभियान का हिस्सा होगी।
नाम लिखवाने वाले बच्चों की निगरानी
विद्यालयों की प्रबंधन समिति और स्कूल प्रबंधन एवं विकास समिति की बैठकें आयोजित की जाएंगी। नए नाम लिखवाने वाले बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर और विभाग अधिकारी विद्यालयों में संवाद कार्यक्रम चलाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
जिला स्तर पर कलेक्टर अभियान की नियमित समीक्षा करेंगे। स्कूलों में गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। बच्चों के प्रवेश, उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता पर फोकस रखा जाएगा।
स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं
मिशन अंकुर के तहत बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई गई। बालिका शौचालयों की सफाई, रनिंग वाटर, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। शाला प्रारंभ उत्सव के दौरान कक्षा प्री-प्राइमरी से आठवीं तक बाल सभाओं का आयोजन होगा और अभिभावकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
क्या है मिशन अंकुर
मिशन अंकुर मध्य प्रदेश सरकार का प्रमुख शिक्षा अभियान है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 'निपुण भारत' के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए शुरू किया गया। अभियान का उद्देश्य कक्षा 1 से 3 के बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान विकसित करना है।
FAQ
- शिक्षकों को अवकाश में कितने दिन की राहत दी गई है?
अत्यधिक गर्मी को देखते हुए शिक्षकों को 7 दिन की अतिरिक्त छुट्टी दी गई है। - स्कूल चलें हम अभियान कब से शुरू होगा?
अभियान का दूसरा चरण 16 जून 2026 से शुरू होकर 30 जून तक चलेगा। - ड्रॉपआउट बच्चों को कैसे मॉनिटर किया जाएगा?
चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम और "हमारे शिक्षक ऐप" के माध्यम से घर-घर संपर्क कर बच्चों को स्कूल से जोड़ा जाएगा।
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