MP के दो शिक्षकों को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, देखें कहां से कौन
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्यप्रदेश के दो शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार।
- जहां तीन बच्चे आते थे, अब पढ़ते हैं 202।
- सीधी के शैलेंद्र सिंह का चयन राष्ट्रीय पुरस्कार में।
- भोपाल की डॉ. अर्चना शुक्ला को भी मिलेगा सम्मान।
- 5 सितंबर को राष्ट्रपति देंगी शिक्षकों को पुरस्कार।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए मध्यप्रदेश के दो शिक्षकों का चयन हुआ है। सीधी के शैलेंद्र प्रताप सिंह और भोपाल की डॉ. अर्चना शुक्ला को यह सम्मान मिलेगा।
शैलेंद्र सिंह ने अपने स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या तीन से बढ़ाकर 202 कर दी। दोनों शिक्षकों को 5 सितंबर को दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देंगी।
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को नेशनल टीचर्स अवार्ड 2026 का ऐलान किया। देशभर से कुल 48 शिक्षकों को इस सम्मान के लिए चुना गया है। इनमें मध्यप्रदेश से दो सरकारी शिक्षकों के नाम शामिल हैं, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
सीधी के शैलेंद्र सिंह ने बदली स्कूल की तस्वीर
सीधी जिले के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कंजवार के शिक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए हुआ है। उन्होंने 22 अक्टूबर 2011 को शासकीय प्राथमिक शाला अगरियान टोला कंजवार में जिम्मेदारी संभाली थी। उस समय स्कूल में सिर्फ 11 बच्चे दर्ज थे और इनमें भी केवल तीन विद्यार्थी नियमित आते थे।
शैलेंद्र सिंह ने स्कूल की स्थिति सुधारने पर विशेष ध्यान दिया। उनके प्रयासों से जर्जर भवन का जीर्णोद्धार हुआ और धीरे-धीरे विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने लगी। आज इस विद्यालय में 202 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता भी शिक्षक थे और उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपने जीवन का संकल्प बनाया।
जनभागीदारी से मिला पांच लाख का सहयोग
13 अगस्त 2024 को शैलेंद्र सिंह को प्रभारी प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद उन्होंने ग्रामवासियों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों के साथ जनभागीदारी अभियान चलाया। इस अभियान से करीब पांच लाख रुपये का सहयोग मिला।
इस राशि से 900 फीट बाउंड्रीवाल और पेयजल की व्यवस्था कराई गई। भवन की मरम्मत के साथ नया फर्नीचर भी तैयार कराया गया। नवीन भवन के लिए 51 लाख रुपये और विधायक निधि से 25 लाख रुपये भी स्वीकृत हुए।
विद्यार्थियों की उपलब्धियां भी बढ़ीं
शैलेंद्र सिंह के पढ़ाए चार विद्यार्थियों का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय में हुआ है। दो विद्यार्थियों ने ओलंपियाड में भी जगह बनाई। उन्होंने खुद 'समय का प्रबंधन' और 'पर्यावरण अध्ययन क्यों आवश्यक' नाम से दो किताबें भी लिखी हैं।
इसके अलावा उन्होंने छह क्रियात्मक शोध किए और राज्य व जिला स्तर पर मास्टर ट्रेनर के रूप में योगदान दिया। कलेक्टर की ओर से उन्हें स्टार आफ द मंथ और विश्वामित्र आदर्श शिक्षक सम्मान भी मिल चुका है। इससे पहले राज्यपाल ने भी उन्हें राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से नवाजा था।
भोपाल की डॉ. अर्चना शुक्ला को भी मिलेगा सम्मान
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए भोपाल की डॉ. अर्चना शुक्ला का भी चयन हुआ है। वे भोपाल स्थित सांदीपनि विद्यालय महात्मा गांधी में उच्च माध्यमिक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। उनके इस सम्मान से स्कूल और जिले में भी खुशी का माहौल है।
मध्यप्रदेश से एक साथ दो सरकारी शिक्षकों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन होना प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है। दोनों शिक्षकों ने अलग-अलग क्षेत्रों में स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
5 सितंबर को दिल्ली में होगा सम्मान समारोह
दोनों शिक्षकों को 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस पर नई दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देंगी। यह सम्मान समारोह शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों के लिए आयोजित किया जाता है।
छत्तीसगढ़ से भी एक शिक्षक चुने गए हैं
मध्यप्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़ से भी एक सरकारी शिक्षक का चयन इस सम्मान के लिए हुआ है। कुल 48 शिक्षकों में 26 पुरुष और 22 महिला शिक्षक शामिल हैं। उत्तर प्रदेश से तीन, वहीं बिहार और मध्यप्रदेश से दो-दो शिक्षक चुने गए हैं।
चयनित शिक्षकों में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, आदर्श जनजातीय स्कूल और पीएम श्री स्कूलों के शिक्षक भी शामिल हैं। यह चयन 27 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों से हुआ है।
पूरे देश से 48 शिक्षकों का चयन
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को नेशनल टीचर्स अवार्ड 2026 का ऐलान किया। देशभर से कुल 48 शिक्षकों को इस सम्मान के लिए चुना गया है। इनमें 26 पुरुष और 22 महिला शिक्षक शामिल हैं। सभी शिक्षकों को 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर नई दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देंगी।
27 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों से चयन
यह चयन देश के 27 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों से हुआ है। यानी कुल 34 क्षेत्रों को इस सम्मान में जगह मिली है। चयनित शिक्षकों में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, आदर्श जनजातीय स्कूल और पीएम श्री स्कूलों समेत कई संस्थानों के शिक्षक शामिल हैं।
किस राज्य से कितने शिक्षक
उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा तीन शिक्षक चुने गए हैं। मध्यप्रदेश और बिहार से दो-दो शिक्षकों का चयन हुआ है। छत्तीसगढ़ से एक शिक्षक को यह सम्मान मिलेगा। बाकी बचे 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से हर एक से सिर्फ एक-एक शिक्षक चुना गया है।
किन-किन राज्यों के नाम शामिल
इस सूची में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, दिल्ली और जनजातीय मामलों के मंत्रालय के एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल के शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मध्यप्रदेश के शिक्षकों को भी यह सम्मान मिलेगा। सूची में महाराष्ट्र, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, लद्दाख और अन्य कई क्षेत्रों के शिक्षक भी शामिल हैं।
तीन चरणों में हुआ चयन
स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के अनुसार यह चयन तीन चरणों में पूरा हुआ है। पहले जिला स्तर पर, फिर राज्य स्तर पर और अंत में राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षकों को चुना गया। इस पूरी प्रक्रिया का मकसद देश के बेहतरीन शिक्षकों के योगदान को सामने लाना है।
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