मंदिरों की जमीन से कमाई बढ़ाने की तैयारी: सीएम मोहन यादव ने दिए निर्देश, उज्जैन में रिसर्च लाइब्रेरी और वीर भारत फैलोशिप का प्रस्ताव
उन्होंने श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की बैठक में योजना पर विचार करने को कहा। बैठक में मंदिरों की संपत्तियों के बेहतर इस्तेमाल पर चर्चा हुई। इसके अलावा उज्जैन में रिसर्च लाइब्रेरी बनाने की योजना भी सामने आई। वीर भारत फैलोशिप के तहत शोध करने वालों को 12 लाख रुपए देने का प्रस्ताव है।
श्रीकृष्ण पाथेय न्यास का क्या है उद्देश्य?
खबरों के मुताबिक, श्रीकृष्ण पाथेय न्यास का गठन साल 2024 में मंजूर हुआ था। इसे मंत्रिपरिषद की बैठक में मंजूरी मिली थी। इसका मुख्यालय भोपाल में है। इस न्यास का मकसद भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थानों का विकास करना है। इन स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके जरिए धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को बैठक ली। यह बैठक मंत्रालय में आयोजित हुई थी। इसमें न्यास की कार्यसमिति के सदस्य शामिल हुए। बैठक में मंदिरों के विकास और संपत्तियों के उपयोग पर चर्चा हुई।
3200 से ज्यादा मंदिरों पर काम
जानकारी के मुताबिक, बैठक में 3200 से अधिक मंदिरों के रखरखाव का जिक्र हुआ है। इनके रखरखाव के लिए निर्देश जारी होने की जानकारी दी गई। योजना में मंदिरों के प्रवेश द्वार बनाने की बात भी शामिल है। इसके अलावा जल संरचनाओं को सुरक्षित रखने पर जोर है। इससे मंदिर परिसरों की व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम के विकास की योजना भी आगे बढ़ रही है। इसके लिए भूमि पूजन होने की जानकारी दी गई है।
उज्जैन में बनेगी रिसर्च लाइब्रेरी
उज्जैन में एक रिसर्च लाइब्रेरी बनाने की योजना है। इसमें पुरानी और दुर्लभ पांडुलिपियां रखी जाएंगी। शोध से जुड़े डॉक्यूमेंट्स भी यहां उपलब्ध होंगे। इसका मकसद भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े विषयों पर अध्ययन को बढ़ावा देना है। रिसर्च करने वालों को एक ही जगह जरूरी सामग्री मिल सकेगी।
श्रीकृष्ण से जुड़े कार्यक्रमों को डिजिटल माध्यम से भी लोगों तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और यूट्यूब चैनल शुरू करने की योजना है। यहां डॉक्यूमेंट्री, नाटक और संगीत से जुड़ी सामग्री दिखाई जाएगी।
12 लाख रुपए की वीर भारत फैलोशिप का प्रस्ताव
भारत के इतिहास, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण पर शोध के लिए वीर भारत फैलोशिप शुरू होगी। हर साल दो स्कॉलर को एक-एक साल के लिए 12 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसे वीर भारत न्यास की कार्यसमिति ने मंजूरी दी है।
बैतूल में बनेगा जनजातीय संग्रहालय
बैतूल में जनजातीय इतिहास से जुड़ा संग्रहालय बनाने की योजना भी बताई गई है। इसे केंद्र सरकार के सहयोग से बनाया जाएगा। इसका नाम आरण्यक युगयुगीन जनजातीय संग्रहालय बताया गया है। इसमें जनजातीय इतिहास से जुड़ी गैलरी बनाई जाएगी।
साथ ही रिसर्च केंद्र भी स्थापित करने की योजना है। यहां डिजिटल रिपॉजिटरी भी बनाई जाएगी। इससे जनजातीय समाज के इतिहास और संस्कृति को सहेजने में मदद मिल सकती है।
FAQs
- श्रीकृष्ण पाथेय न्यास का मुख्य उद्देश्य क्या है?
श्रीकृष्ण पाथेय न्यास का मुख्य उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थानों का विकास करना है, ताकि इन्हें तीर्थ के रूप में विकसित किया जा सके और धार्मिक तथा सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा दिया जा सके। - उज्जैन में रिसर्च लाइब्रेरी बनाने की योजना का क्या मकसद है?
उज्जैन में रिसर्च लाइब्रेरी बनाने की योजना का मकसद भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े विषयों पर अध्ययन को बढ़ावा देना है, जिसमें पुरानी और दुर्लभ पांडुलिपियां और शोध से जुड़े डॉक्यूमेंट्स रखे जाएंगे। - वीर भारत फैलोशिप के तहत शोध करने वालों को किस प्रकार का वित्तीय सहयोग दिया जाएगा?
वीर भारत फैलोशिप के तहत हर साल दो शोधकर्ताओं को एक-एक साल के लिए 12 लाख रुपए का वित्तीय सहयोग दिया जाएगा, जिसका लक्ष्य भारत के इतिहास, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण पर शोध को बढ़ावा देना है।