तय हुआ MP TET परीक्षा का पैटर्न: ढाई घंटे में हल करने होंगे 150 प्रश्न, MCQ आधारित होगी परीक्षा

Amresh Kushwaha | Sept 21, 2026, 09:31 IST
ESB की तर्ज पर होगी MP TET परीक्षा
मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का पैटर्न तय हो गया है। शिक्षकों को ढाई घंटे में 150 सवालों के जवाब देने होंगे। सभी शिक्षकों को 5 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन करना जरूरी है। अभी तक 21 हजार शिक्षकों ने आवेदन किया है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का पैटर्न अब तय हो गया है।
  • शिक्षकों को ढाई घंटे में 150 सवालों के जवाब देने होंगे।
  • सभी शिक्षकों को 5 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
  • अभी तक करीब 21 हजार शिक्षकों ने आवेदन किया है।
  • आवेदन न करने वाले शिक्षकों की परीक्षा बोर्ड एग्जाम के बाद होगी।

क्यों जरूरी है यह परीक्षा

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह परीक्षा कराई जा रही है। इसका नाम शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) है। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। राज्य के करीब डेढ़ लाख शिक्षक इस परीक्षा के दायरे में हैं।



इन सभी शिक्षकों का अनुबंध खत्म होने वाला है। इसी वजह से यह परीक्षा जरूरी हो गई है। मंडल ने परीक्षा का पैटर्न पहले ही तैयार कर लिया है। अब शिक्षकों को सिर्फ आवेदन की प्रक्रिया पूरी करनी है।



150 सवाल, ढाई घंटे का समय

MP TET परीक्षा में शामिल होने वाले हर शिक्षक को 150 सवालों के जवाब देने होंगे। यह सभी सवाल बहुविकल्पीय होंगे। यानी हर सवाल में चार विकल्प दिए जाएंगे। शिक्षकों को इनमें से एक सही विकल्प चुनना होगा। पूरी परीक्षा ढाई घंटे में खत्म करनी होगी। यह समय सीमा सभी शिक्षकों के लिए एक जैसी रहेगी। मंडल ने यह भी तय किया है कि परीक्षा का पैटर्न सबके लिए समान रहेगा।



जो शिक्षक कंप्यूटर शिक्षक (CT) पद पर हैं, उनके लिए भी यही पैटर्न लागू होगा। यानी उन्हें भी बाकी शिक्षकों जैसा ही प्रश्नपत्र हल करना होगा। बोर्ड ने इसमें किसी तरह की अलग व्यवस्था नहीं रखी है। इससे परीक्षा प्रक्रिया आसान और पारदर्शी रहेगी।



5 अक्टूबर तक आवेदन जरूरी

अभी सभी शिक्षकों को 05 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अब तक करीब 21 हजार शिक्षकों ने ही आवेदन किया है। यह आंकड़ा कुल शिक्षकों की तुलना में काफी कम है। इसलिए मंडल ने शिक्षकों से जल्द आवेदन करने की अपील की है।



आवेदन की अंतिम संख्या सामने आने के बाद ही अगला कदम तय होगा। इसी आंकड़े के आधार पर परीक्षा केंद्र फाइनल किए जाएंगे। परीक्षा केंद्र मुख्य रूप से स्कूलों में बनाए जाएंगे।



परीक्षा की निगरानी के लिए खास इंतजाम किए जाएंगे। स्कूलों के प्रिंसिपल, हेडमास्टर और दूसरे सीनियर शिक्षकों को पर्यवेक्षक बनाया जाएगा। यह वही तरीका है, जो बोर्ड परीक्षा में अपनाया जाता है। इससे परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका कम रहेगी।



प्रश्नपत्र पहुंचाने की व्यवस्था

परीक्षा का प्रश्नपत्र भी खास तरीके से केंद्रों तक भेजा जाएगा। इसके लिए 05 अक्टूबर के बाद टीम बनाई जाएगी। यह टीम बोर्ड परीक्षा जैसी ही व्यवस्था के तहत काम करेगी। इससे प्रश्नपत्र की सुरक्षा और गोपनीयता बनी रहेगी। मंडल का कहना है कि पेपर लीक जैसी कोई स्थिति नहीं बनने दी जाएगी। इसके लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जाएगी।



आवेदन न करने पर क्या होगा

प्रदेश में करीब डेढ़ लाख शिक्षक इस परीक्षा के दायरे में आते हैं। वहीं, 20 सितंबर तक आए आवेदनों की संख्या को देखकर अफसर भी हैरान हैं। उनके मुताबिक अभी तक करीब 50 से 60 हजार शिक्षकों ने ही आवेदन किया है। ऐसे में बचे हुए शिक्षकों की संख्या भी काफी बड़ी है। यदि कोई शिक्षक अभी आवेदन नहीं करता है, तो उसे परेशानी हो सकती है। ऐसे शिक्षकों की परीक्षा बोर्ड एग्जाम के बाद कराई जाएगी।



इसका मतलब है कि इन शिक्षकों को इंतजार करना होगा। परीक्षा की तैयारी के लिए इन्हें कम समय मिलेगा। मंडल के मुताबिक इन्हें करीब दो महीने का ही समय मिल पाएगा। यह परीक्षा दिसंबर में होने की उम्मीद है। इसके दो महीने बाद यानी फरवरी 2027 में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। ऐसे में समय की कमी शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।



शिक्षकों के लिए सलाह

एमपी शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों को देरी नहीं करनी चाहिए। जल्दी आवेदन करने से परीक्षा की तैयारी के लिए ज्यादा समय मिलेगा। साथ ही परीक्षा केंद्र भी सुविधाजनक मिलने की संभावना रहेगी। मंडल ने सभी पात्र शिक्षकों से समय रहते आवेदन पूरा करने की अपील की है। आने वाले दिनों में आवेदन प्रक्रिया को लेकर और अपडेट आ सकते हैं।



यह खबर क्यों जरूरी है

यह खबर मध्य प्रदेश के डेढ़ लाख शिक्षकों के भविष्य से सीधे जुड़ी है। यह परीक्षा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कराई जा रही है, इसलिए इसका कानूनी महत्व है। शिक्षक पात्रता परीक्षा से जुड़ी सही जानकारी शिक्षकों के करियर पर सीधा असर डालती है। यह खबर संविधान में दिए गए शिक्षा और रोजगार के अधिकार से भी जुड़ी है।



समय पर सही सूचना मिलने से शिक्षकों को आवेदन में परेशानी नहीं होगी। यह खबर पूरी तरह शिक्षा मंडल की आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। इसमें किसी संस्था या व्यक्ति के खिलाफ कोई पूर्वाग्रह नहीं है। ऐसी खबरें पारदर्शिता बढ़ाती हैं और भ्रम को दूर करती हैं। इसलिए यह जानकारी हर पात्र शिक्षक के लिए जानना जरूरी है।



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