मध्यप्रदेश की चेकपोस्ट पर ट्रकों से फिर वसूली, यूपीआई और नकद ले रहे 500 रुपए
मध्यप्रदेश की परिवहन चेकपोस्ट पर सालों तक वसूली हुई और कांस्टेबल सौरभ शर्मा जैसे करोड़पति बन गए थे। सीएम मोहन यादव ने जुलाई 2024 में इसे बंद किया था। वहीं, अब फिर इन चेकपोस्ट पर अवैध वसूली होने लगी है। बीच-बीच में इसके वीडियो भी सामने आ चुके हैं।
अब नया वीडियो नयागांव (नीमच) बॉडर का आया है। द सूत्र को ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सीएल मुकाती ने यह वीडियो भेजा है। साथ ही एसोसिएशन ने मध्यप्रदेश शासन और सीएम को पत्र लिखकर इसे रोकने की मांग की है।
यह है वीडियो में...
वीडियो में दिख रहा है कि चेकपोस्ट के पास ही एक हरे पर्दे में छिपी हुई छोटी सी गुमटी लगी है। बाहर एक कर्मचारी बैठा है और वह राशि लेकर अंदर गुमटी में दे रहा है। कोई ऑनलाइन यूपीआई से 500 रुपए दे रहा है तो कोई नकद। राशि मिलने के बाद वह वायरलेस पर गाड़ी नंबर बोलता है कि अब इसे जाने दो, यानी राशि आ गई है।
एक कर्मचारी- यह क्या है, क्या लेकर घूम रहे हो?
ट्रक ड्राइवर- यह कैमरा है मेरी सेफ्टी के लिए, यह सब छोड़ो आप तो बताओ यह क्या दुकानदारी चल रही है यहां पर?
कर्मचारी- क्या हो रहा है, परमिट और चालान हो रहे हैं, चलो मैं दिखाता हूं।
ट्रक ड्राइवर- चेकिंग नहीं हो रही है, अवैध वसूली हो रही है यहां पर, सभी ट्रक ड्राइवर आ जाओ, यहां पर अवैध वसूली हो रही है।
एसोसिएशन ने लिखा सीएम, शासन को पत्र
इस संबंध में आरटीओ व ट्रैफिक कमेटी ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस, नई दिल्ली के चेयरमैन सीएल मुकाती ने पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि हाईकोर्ट के आदेश और परिवहन विभाग की एसओपी का पालन चेकपोस्ट पर नहीं हो रहा है।
यह चेकपोस्ट मानव रहित होना चाहिए, लेकिन यहां पर झोपड़ी, टेंट लगाकर यूपीआई और नकद के जरिए 500 रुपए लिए जा रहे हैं। ऐसा पूरे मध्यप्रदेश की चेकपोस्ट पर हो रहा है और समय-समय पर हर जगह से इसके वीडियो आ रहे हैं। यदि ट्रक ड्राइवर मना करता है तो उस पर शासकीय काम में बाधा का केस कराने और भारी चालान बनाने की धमकी दी जाती है।
यूपीआई, कैमरे इनकी जांच हो
पत्र में कहा गया है कि यहां ड्यूटी करने वाले कहीं से भी शासकीय कर्मचारी नहीं लगते हैं। इन सभी चेकपोस्ट पर यूपीआई खातों, बैंक खातों, सीसीटीवी, बॉडी वॉर्न कैमरा, पीओएस मशीन, सभी की फॉरेंसिक ऑडिट होनी चाहिए।
जानें क्या है कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा का केस
मध्यप्रदेश के बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष न्यायालय ने पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा, उनकी पत्नी, मां और सहयोगियों सहित कुल 12 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।
महज 7 साल की नौकरी में 550 करोड़ रुपए का साम्राज्य खड़ा करने वाले सौरभ शर्मा के नेटवर्क से जुड़ी एक लावारिस कार से 11 करोड़ नकद और 52 किलो सोना बरामद हुआ था। साथ ही दुबई में 150 करोड़ के बंगले का भी खुलासा हुआ था।
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